अगले हफ्ते प्राइमरी मार्केट में जबरदस्त एक्शन दिखने वाला है. क्योंकि अगले हफ्ते 5 IPO आने वाले हैं. इन 5 IPOs में दो कंपनियां ज्वेलरी सेक्टर से जुड़ी हैं. अगर आप इन IPOs में बोली लगाना चाहते हैं तो पैसे तैयार रखिए, लेकिन उससे पहले इन IPO की पूरी डिटेल जान लीजिए.
1- Lalithaa Jewellery Mart IPO
ललिता ज्वेलरी मार्ट IPO का साइज ₹1,700.00 करोड़ है. फ्रेश इश्यू में 5.97 करोड़ शेयर जारी किए जाएंगे, जिसकी वैल्यू है ₹1,200 करोड़ रुपये. जबकि ऑफर फॉर से (OFS) में मौजूदा शेयरहोल्डर्स 2.49 करोड़ शेयर बिक्री के लिए रखेंगे, जिसकी वैल्यू ₹500.00 करोड़ है.
ये IPO सब्सक्रिप्शन के लिए 17 अगस्त, 2026 को खुलेगा और 19 अगस्त, 2026 को बंद होगा. शेयरों का अलॉटमेंट 20 अगस्त को होने की उम्मीद है. लिस्टिंग NSE, BSE दोनों एक्सेचेंज पर 24 अगस्त को हो सकती है. हालांकि इन तारीखों का आधिकारिक ऐलान अभी नहीं हुआ है.
ललिता ज्वेलरी मार्ट के IPO का प्राइस बैंड 190-201 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है. कर्मचारियों के लिए 19 रुपये का डिस्काउंट रखा गया है. लॉट साइज 74 शेयरों का है. मतलब एक रिटेल निवेशक को कम से कम 74 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी, जिसके लिए न्यूनमत निवेश 14,874 रुपये होगा. इसके बाद 74 के मल्टीपल पर और बोली लगाई जा सकती है.
आनंदराठी एडवाइजर्स, को बुक रनिंग लीड मैनेजर और MUFG Intime India को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है.
क्या करती है कंपनी?
ये साउथ इंडिया की एक जानी-मानी ज्वेलरी शॉप चेन है, जिसकी शुरुआत 1985 में हुई थी. कंपनी सोना, चांदी, हीरे और दूसरी कीमती पत्थरों के गहने बेचती है, लेकिन इसका खास फोकस किसी लग्ज़री ब्रांड की तरह नहीं, बल्कि आम और बजट ग्राहकों पर है. मतलब, वो मिडिल क्लास परिवार जो अच्छी क्वालिटी तो चाहते हैं लेकिन कीमत भी अफोर्डेबल चाहते हैं.
कंपनी की सबसे बड़ी ताकत साउथ इंडिया के टियर-2 और टियर-3 शहरों में इसकी मज़बूत पकड़ है, जहां बड़े महानगरों की बजाय इसने अपना ब्रांड नाम खूब बनाया है. ये बड़ी और मीडियम साइज की दुकानों के ज़रिए अपना कारोबार चलाती है और एसेट-लाइट बिज़नेस मॉडल अपनाती है, यानी ज़्यादा पूंजी दुकानों में लगाने की बजाय अपनी सप्लाई चेन और गहनों की मैन्युफैक्चरिंग पर खुद कंट्रोल रखती है, जिससे क्वालिटी बेहतर रहती है और लागत भी कम होती है.
ग्राहकों को जोड़े रखने के लिए कंपनी कई तरह की ज्वेलरी बचत स्कीम्स भी चलाती है, जिनसे लोग थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा करके बाद में गहने खरीद पाते हैं, और इससे इसका कस्टमर बेस काफी मज़बूत बना रहता है. मार्च 2026 तक कंपनी में कुल 7,059 कर्मचारी काम करते हैं, जो सेल्स, मैनेजमेंट, सिक्योरिटी और बैक-ऑफिस जैसे अलग-अलग विभागों में फैले हुए हैं.
2- Horizon Industrial Parks IPO
2,600 करोड़ रुपये के इस IPO में पूरा पैसा फ्रेश इश्यू के ज़रिए जुटाया जा रहा है. मतलब, इसमें कोई पुराना शेयरहोल्डर अपने शेयर नहीं बेच रहा, बल्कि कंपनी खुद 43.34 करोड़ नए शेयर बाज़ार में उतार रही है.
निवेशकों के लिए ये IPO 17 अगस्त, 2026 से खुलेगा और 19 अगस्त को बंद हो जाएगा. 20 अगस्त तक शेयर किसे मिले, इसकी लिस्ट फाइनल होने की उम्मीद है, और अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक चला तो 24 अगस्त को कंपनी के शेयर NSE-BSE पर लिस्ट हो जाएगी. ये तारीखें अभी अनुमानित हैं.
शेयर का प्राइस बैंड 57-60 रुपये प्रति शेयर रखा गया है. एक लॉट में 250 शेयर आएंगे, तो अगर कोई रिटेल निवेशक सबसे कम मात्रा में भी पैसा लगाना चाहे, तो उसे करीब 15,000 रुपये खर्च करने होंगे. इसके आगे भी निवेश करना हो तो 250 शेयरों के मल्टीपल में ही बोली लगानी होगी.
इस इश्यू को बाज़ार में लाने की ज़िम्मेदारी JM Financial Ltd. के पास है, जबकि Kfin Technologies Ltd. रजिस्ट्रार का काम संभाल रही है.
कंपनी करती क्या है?
साल 2009 में बनी Horizon Industrial Parks को दुनिया की दिग्गज इन्वेस्टमेंट फर्म Blackstone Group का बैकिंग हासिल है. रियल एस्टेट कंसल्टिंग फर्म JLL की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नेटवर्क साइज़ के लिहाज़ से ये देश की सबसे बड़ी इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है. मतलब, गोदाम और फैक्ट्री जैसी बड़ी प्रॉपर्टीज़ बनाने, उनकी ओनरशिप लेने और उन्हें चलाने के मामले में. फिलहाल इसके पास देश के 10 प्रमुख शहरों में फैले 45 प्रोजेक्ट्स हैं, जो मिलाकर करीब 58 मिलियन स्क्वायर फीट के दायरे में फैले हुए हैं.
सीधे शब्दों में कहें तो, ये कंपनी बड़े-बड़े वेयरहाउसेज और इंडस्ट्रियल शेड बनवाती है और फिर उन्हें बड़ी-बड़ी कंपनियों को किराए पर चढ़ा देती है. इसका बिज़नेस तीन हिस्सों में बंटा है.
सबसे पहला और सबसे बड़ा हिस्सा है फुलफिलमेंट सेंटर्स यानी स्टोरेज गोदाम, जिन्हें ई-कॉमर्स, FMCG, रिटेल और लॉजिस्टिक्स कंपनियां किराए पर लेती हैं. नवंबर 2025 तक कंपनी की कुल जगह का करीब 58% इसी काम में लगा है.
दूसरा हिस्सा है इंडस्ट्रियल फैसिलिटीज़, यहां मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की कंपनियां अपना प्रोडक्शन चलाती हैं. ये कुल जगह का लगभग 39% कवर करता है.
तीसरा है इन-सिटी सेंटर्स. ये शहरों के अंदर, आबादी के पास बनाए जाते हैं ताकि सामान जल्दी डिलीवर हो सके. डार्क स्टोर, फार्मा कंपनियां, क्लाउड किचन और रिटेल बिज़नेस इनका इस्तेमाल करते हैं. कंपनी के पास फिलहाल 7 शहरों में 6.31 मिलियन स्क्वायर फीट के ऐसे प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं.
इसके अलावा कंपनी टर्नकी सॉल्यूशन, सोलर पावर सेटअप, कोल्ड स्टोरेज, स्टाफ के लिए रहने की जगह और स्किल ट्रेनिंग सेंटर जैसी सुविधाएं भी मुहैया कराती है. यानी सिर्फ जगह किराए पर देना ही नहीं, बल्कि पूरा इकोसिस्टम तैयार करके देना.
नवंबर 2025 तक कंपनी 100 से ज़्यादा क्लाइंट्स को सर्विस दे चुकी है, जिनमें ई-कॉमर्स, रिटेल, FMCG, रिन्यूएबल एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर की नामी मल्टीनेशनल कंपनियां भी शामिल हैं. बड़ा नेटवर्क, अलग-अलग शहरों में सही जगह पर मौजूदगी और टेक्निकल एक्सपर्टीज़. यही वो वजहें हैं जिनकी बदौलत कंपनी बड़े क्लाइंट्स के साथ लंबे समय तक टिकने वाली पार्टनरशिप बना पाती है.
3- Sunshine Pictures IPO
सनशाइन पिक्चर्स (Sunshine Pictures) IPO का कुल साइज़ 282.14 करोड़ रुपये है. इसमें फ्रेश इश्यू के तहत 0.48 करोड़ नए शेयर जारी होंगे, जिनकी वैल्यू 172.80 करोड़ रुपये है, जबकि ऑफर फॉर सेल (OFS) में मौजूदा शेयरहोल्डर्स 30 लाख शेयर बेचेंगे, जिनकी वैल्यू 109.34 करोड़ रुपये है.
ये IPO 18 अगस्त, 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 20 अगस्त को बंद होगा. शेयरों का अलॉटमेंट 21 अगस्त तक फाइनल होने की उम्मीद है, और अगर सब कुछ तय प्लान के मुताबिक चला तो कंपनी के शेयर 25 अगस्त को NSE-BSE पर लिस्ट हो जाएंगे. हालांकि ये तारीखें अभी अनुमानित हैं.
प्राइस बैंड 342-360 रुपये प्रति शेयर के बीच तय किया गया है. लॉट साइज़ 41 शेयरों का है, यानी एक रिटेल निवेशक को कम से कम 41 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी, जिसके लिए करीब 14,760 रुपये चाहिए होंगे. इसके बाद 41 के मल्टीपल में और बोली लगा सकते हैं.
GYR Capital Advisors Pvt. Ltd. इस इश्यू की बुक रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि रजिस्ट्रार की ज़िम्मेदारी Bigshare Services Pvt. Ltd. के पास है.
कंपनी क्या करती है?
2007 में शुरू हुई Sunshine Pictures एक फिल्म प्रोडक्शन कंपनी है, जो फिल्मों, टीवी सीरियल्स और वेब सीरीज़ को बनाने से लेकर उनकी मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन तक का काम करती है. कंपनी ने ‘फोर्स’, ‘कमांडो’, ‘हॉलिडे’, ‘फोर्स 2’, ‘कमांडो 2’ और ‘द केरला स्टोरी’ जैसी हिट फिल्में बनाई हैं. अब तक इसने 10 कमर्शियल फिल्में, दो वेब सीरीज़, दो टीवी सीरियल और एक शॉर्ट फिल्म बनाई है, और फिलहाल Jio Studios के साथ दो फिल्मों पर और दूरदर्शन के लिए एक वेब सीरीज़ पर काम कर रही है. जून 2026 तक कंपनी में कुल 28 फुल-टाइम कर्मचारी हैं.
4- Shankesh Jewellers IPO
Shankesh Jewellers IPO का कुल साइज़ 367.18 करोड़ रुपये है. इसमें फ्रेश इश्यू के तहत 2.95 करोड़ नए शेयर जारी होंगे, जिनकी वैल्यू 274.18 करोड़ रुपये है, जबकि ऑफर फॉर सेल (OFS) में मौजूदा शेयरहोल्डर्स 1 करोड़ शेयर बेचेंगे, जिनकी वैल्यू 93.00 करोड़ रुपये है.
ये IPO 18 अगस्त, 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 20 अगस्त को बंद होगा. शेयरों का अलॉटमेंट 21 अगस्त तक फाइनल होने की उम्मीद है, और अगर सब कुछ तय प्लान के मुताबिक चला तो कंपनी के शेयर 25 अगस्त को NSE-BSE पर लिस्ट हो जाएंगे.
प्राइस बैंड 88-93 रुपये प्रति शेयर के बीच तय किया गया है. लॉट साइज़ 160 शेयरों का है, यानी एक रिटेल निवेशक को कम से कम 160 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी, जिसके लिए करीब 14,880 रुपये चाहिए होंगे.
Aryaman Financial Services Ltd. इस इश्यू की बुक रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि रजिस्ट्रार की ज़िम्मेदारी Kfin Technologies Ltd. के पास है.
कंपनी क्या करती है?
2005 में शुरू हुई Shankesh Jewellers हाथ से बने कस्टमाइज़्ड सोने के गहने बनाने का काम करती है, खासतौर पर 22 और 18 कैरेट गोल्ड में, जैसे बांगड़ी, ब्राइडल ज्वेलरी, चोकर, झुमके, नेकलेस और मंगलसूत्र. कंपनी असेट-लाइट मॉडल पर चलती है, यानी लोकल कारीगरों से गहने बनवाती है जबकि डिज़ाइन और मटेरियल सोर्सिंग खुद संभालती है, और सारे गहने BIS-हॉलमार्क्ड होते हैं. इसके क्लाइंट्स में Joyalukkas, PN Gadgil, Kalyan Jewellers जैसे बड़े जूलरी ब्रांड शामिल हैं.
5- Gaja Alternative Asset Management IPO
Gaja Alternative Asset Management IPO का कुल साइज़ 550.00 करोड़ रुपये है. इसमें फ्रेश इश्यू के तहत 2.81 करोड़ नए शेयर जारी होंगे, जिनकी वैल्यू 450.00 करोड़ रुपये है, जबकि ऑफर फॉर सेल (OFS) में मौजूदा शेयरहोल्डर्स 63 लाख शेयर बेचेंगे, जिनकी वैल्यू 100.00 करोड़ रुपये है.
ये IPO 19 अगस्त, 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 21 अगस्त को बंद होगा. शेयरों का अलॉटमेंट 24 अगस्त तक फाइनल होने की उम्मीद है. लिस्टिंग 26 अगस्त को NSE-BSE पर होने की संभावना है.
प्राइस बैंड 152-160 रुपये प्रति शेयर के बीच तय किया गया है. लॉट साइज़ 93 शेयरों का है, यानी एक रिटेल निवेशक को कम से कम 93 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी, जिसके लिए करीब 14,880 रुपये चाहिए होंगे. JM Financial Ltd. इस इश्यू की बुक रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि रजिस्ट्रार की ज़िम्मेदारी MUFG Intime India Pvt. Ltd. के पास है.
कंपनी क्या करती है?
1999 में शुरू हुई Gaja Alternative Asset Management एक इंडिपेंडेंट, स्वदेशी अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट कंपनी है, जो पिछले दो दशकों से इंडिया-फोकस्ड फंड्स (Category I और II AIFs) और भारत में निवेश करने वाले ऑफशोर फंड्स को मैनेज और एडवाइज़ करती आ रही है. कंपनी का फोकस एजुकेशन, एनर्जी, फाइनेंशियल सर्विसेज़ और कंज्यूमर-डिजिटल टेक जैसे सेक्टर्स में मिड-मार्केट कंपनियों में निवेश पर है. इसकी कमाई मुख्य रूप से मैनेजमेंट फीस, कैरीड इंटरेस्ट और अपने खुद के निवेश से होने वाले मुनाफे से आती है. मार्च 2026 तक कंपनी में 37 कर्मचारी हैं, जिनमें 23 परमानेंट और 14 कॉन्ट्रैक्चुअल स्टाफ शामिल हैं.
Disclaimer: The information provided in this article is for general informational and educational purposes only and should not be construed as investment advice. Investments in IPOs are subject to market risks. Please read the company’s DRHP/RHP carefully and consult a SEBI-registered financial advisor before making any investment decisions. Please refer to the official filings on the company’s website or stock exchanges (NSE/BSE) for confirmed information.

