NSE IPO: आज दाखिल हो सकता है DRHP! LIC नहीं बेचेगी हिस्सेदारी?: सूत्र

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NSE IPO DRHP May Be Filed Today; LIC Unlikely to Dilute Stake?

NSE के IPO का इंतज़ार अब खत्म होने वाला है. काफी लंबे समय से इसके IPO का इंतजार हो रहा है, अब मार्केट के सूत्रों के हवाले से खबर है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) मार्केट रेगुलेटर SEBI को बुधवार, 17 जून को DRHP दाखिल करने वाला है. प्रस्तावित IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होने वाला है.

IPO का साइज़?

सूत्रों के मुताबिक NSE का IPO साइज एक्सचेंज के आउटस्टैंडिंग इक्विटी का करीब 6% होगा. मतलब ये कि मौजूदा शेयरहोल्डर्स जो हिस्सेदारी बेचेंगे वो एक्सचेंज की इक्विटी का करीब 6% हो सकता है. मतलब, अगर NSE का संभावित मार्केट कैप 5 लाख करोड़ रुपये होता है, कंपनी उसमें से अपनी 6% हिस्सेदारी बाज़ार में बेचती है, तो इस इश्यू का कुल साइज 30,000 करोड़ से 32,000 करोड़ रुपये के बीच होगा. जो कि भारतीय बाज़ार का सबसे बड़ा IPO होगा. इसके पहले साल 2024 में Hyundai Motor India का IPO आया था, जो कि 27,000 करोड़ रुपये का था. NSE के शेयरों की लिस्टिंग बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर होगी, जैसे कि BSE की लिस्टिंग NSE पर हुई थी.

NSE का वैल्युएशन

लिस्टिंग से पहले NSE के शेयर अनलिस्टेड मार्केट में फिलहाल 2,000-2,050 रुपये की रेंज में ट्रेड कर रहे हैं, जिससे इसकी वैल्युएशन 4.95-5.07 लाख करोड़ रुपये बैठती है. इस वैल्युएशन पर एक्सचेंज करीब 25,500 करोड़ रुपये जुटा सकता है.

NSE के शेयरहोल्डर्स

NSE की पूरी शेयरहोल्डिंग नॉन-प्रमोटर शेयरधारकों के पास है, यानी इसका कोई एक प्रमोटर नहीं है. 31 मार्च 2026 के लेटेस्ट शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास एक्सचेंज के 159.39 करोड़ इक्विटी शेयर हैं, जो NSE में 64.40% हिस्सेदारी के बराबर है. नॉन-पब्लिक, नॉन-प्रमोटर शेयरहोल्डर्स के हिस्से में 88.11 करोड़ इक्विटी शेयर हैं, जो 35.60% हिस्सेदारी होती है. FY26 में NSE के पास कुल मिलाकर लगभग 2.01 लाख शेयरहोल्डर्स थे.

NSE के पास कई बड़े शेयरहोल्डर्स हैं. LIC के पास NSE के 26.53 करोड़ इक्विटी शेयर (10.72%) हैं. जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन GIC के पास 4.07 करोड़ इक्विटी शेयर (1.64%) है.
द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी में से हर एक के पास NSE के 3.52 करोड़ इक्विटी शेयर हैं, जो 1.42% हिस्सेदारी के बराबर है.सूत्रों के मुताबिक सबसे दिलचस्प बात ये है कि NSE में LIC सबसे बड़ा शेयरहोल्डर है, लेकिन वो इस इश्यू में अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रही है.

रिटेल हिस्सेदारी

इसके अलावा, राधाकिशन दमानी की भी NSE में 1.58% की हिस्सेदारी है. जबकि अज़ीम प्रेमजी की इन्वेस्टमेंट फर्म ‘प्रेमजी इन्वेस्ट’ के पास अपने ‘PI अपॉर्चुनिटीज फंड-I’ के ज़रिए 5.89 करोड़ इक्विटी शेयर यानी 2.38% हिस्सा है. जहां तक रिटेल निवेशकों की बात है, ताजा अपडेट तक NSE के 30.75 करोड़ इक्विटी शेयर इनके पास हैं जो कि 12.42% हिस्सेदारी के बराबर है.

विदेशी फंड्स की हिस्सेदारी

साथ ही Q4FY26 तक, टेमासेक की अरंडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) के पास एक्सचेंज के लगभग 11.24 करोड़ इक्विटी शेयर थे, जो 4.54% हिस्सेदारी के बराबर है. कुछ चुनिंदा विदेशी फंड्स और सॉवरेन वेल्थ फंड्स के पास भी शेयरहोल्डिंग है, जैसे कि महोगनी, क्राउन कैपिटल, DVI फंड (मॉरीशस), TIMF होल्डिंग्स, TA एशिया पैसिफिक एक्विजिशन और कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB) शामिल हैं, इनके पास 65.97 करोड़ इक्विटी शेयर यानी 26.66% बड़ी हिस्सेदारी है.

घरेलू संस्थानों की हिस्सेदारी

कुछ घरेलू संस्थान और बैंक्स भी हैं जिनकी एक्सचेंज में हिस्सेदारी है. जैसे – टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन, JM फाइनेंशियल, BSE लिमिटेड (BSE Ltd), मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX), HDFC बैंक, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया भी NSE में हिस्सेदारी रखते हैं.

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