Jio IPO: OFS नहीं, सिर्फ नए शेयर होंगे जारी; टॉप वैल्युएबल कंपनियों की लिस्ट में होगी शामिल

sureofficialmedia_admin
6 Min Read
Jio IPO: No OFS, Only Fresh Issue

रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं AGM (Annual General Meeting) में बड़े-बड़े ऐलान हुए. चेयरमैन मुकेश अंबानी की ओर से भविष्य की ग्रोथ का एक खाका पेश किया गया. रिटेल, एनर्जी से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में रिलायंस ने अपनी योजनाओं का एक रोडमैप देश के सामने रखा, लेकिन निगाहें टिकीं तो जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO पर.

रिलायंस इंडस्ट्री की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स अपना IPO लेकर लाने वाली है, जिसका लोग काफी लंबे वक्त से इंतजार कर रहे थे. इसके लिए जियो के बोर्ड ने अपने DRHP को मंजूरी दे दी है, ताकि इसे मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास जमा किया जा सके.

IPO की बारीकियां

ये IPO 100% ‘बुक-बिल्डिंग’ प्रक्रिया के जरिए आएगा, यानी शेयर की असली कीमत निवेशकों की मांग के आधार पर तय होगी. इस IPO का एक बड़ा हिस्सा, यानी कुल इश्यू का 50% तक, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए रिजर्व रखा गया है.

QIB के लिए जो हिस्सा सुरक्षित रखा गया है, उसमें से 60% तक शेयर ‘एंकर इन्वेस्टर्स’ को दिए जा सकते हैं. एंकर इन्वेस्टर्स के इस हिस्से में से कुछ शेयर देश के म्यूचुअल फंड्स, इंश्योरेंस कंपनियों और पेंशन फंड्स के लिए रिजर्व रखे गए हैं.

IPO का कम से कम 35% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखा गया है, ताकि छोटे और इंडिविजुअल निवेशक भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग ले सकें.

इसके अलावा, कम से कम 15% हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (NIIs) के लिए अलग रखा गया है, जिसमें HNIs (Net-Worth Individuals) और बड़ी रकम से आवेदन करने वाले लोग शामिल हैं.

IPO में दो स्पेशल कैटेगरी के लिए अलग से कोटा रखा गया है. पहला, कंपनी के योग्य कर्मचारियों के लिए है और दूसरा, रिलायंस इंडस्ट्रीज के योग्य शेयरधारकों के लिए.

आम पब्लिक को शेयर ऑफर करने से पहले, कुल शेयरों में से इन दोनों कैटेगरीज का हिस्सा अलग निकाल लिया जाएगा. इससे कंपनी से जुड़े लोग शुरू से ही IPO में हिस्सा ले सकेंगे.

मौजूदा निवेशक नहीं बेचेंगे हिस्सा

इस प्रस्तावित IPO में 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे. शेयर का फाइनल प्राइस क्या होगा ये ‘बुक-बिल्डिंग’ प्रक्रिया के जरिए तय किया जाएगा. रिलायंस IPO पूरी तरह से ‘फ्रेश इश्यू होगा इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं होगा, यानी पुराने निवेशक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे.

पिछले कई IPOs में देखा गया है कि जब कोई कंपनी अपनी इश्यू लेकर आई विदेशी निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचकर पैसा लेकर चलते बने, यानी विदेशी निवेशकों ने IPO को एक एग्जिट रूट की तरह इस्तेमाल किया. ऐसे IPO में कंपनी के हाथ कुछ खास पैसा नहीं आता, ज्यादातर रकम मौजूदा निवेशकों के खाते में जाती है. मगर, जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में निवेशक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहे हैं. जियो में दुनिया की कई दिग्गज ग्लोबल टेक कंपनियों, सॉवरेन वेल्थ फंड्स और प्राइवेट इक्विटी फंड्स ने पैसा लगा रखा है.

जियो प्लेटफॉर्म्स के निवेशकों की फेहरिस्त में गूगल, मेटा, सऊदी अरब का पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (PIF), विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, KKR, सिल्वर लेक, जनरल अटलांटिक, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA), TPG, एल कैटरटन, इंटेल कैपिटल और क्वालकॉम वेंचर्स शामिल हैं. इनमें से कोई भी अपना हिस्सा बेचकर नहीं जा रहा है.

इसका निवेशको के लिए संदेश ये है कि ये सभी बड़े ग्लोबल इन्वेस्टर्स जियो के साथ बने रहना चाहते हैं क्योंकि उन्हें भरोसा है कि आने वाले समय में जियो 5G और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के दम पर देश की दिग्गज कंपनी बनकर खड़ी होगी, जिससे निवेशकों का निवेश कई गुना बढ़ेगा.

कहां होगा पैसों का इस्तेमाल

जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है, यानी जो भी रकम आएगी वो सीधे जियो प्लेटफॉर्म्स को मिलेगी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक करीब 25,000 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्जों को चुकाने में किया जाएगा. बाकी बचे पैसों का इस्तेमाल टेलीकॉम नेटवर्क का विस्तार, AI इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने और डिजिटल बिज़नेस में किया जाएगा. इससे नए निवेशकों का सेंटीमेंट कंपनी को लेकर बेहतर होगा, क्योंकि सारा पैसा कंपनी की ग्रोथ में लगेगा, न कि पुराने निवेशकों की जेब में जाएगा.

क्या होगा वैल्युएशन

एनालिस्ट्स और मार्केट ये मानकर चल रहे हैं कि जियो प्लेटफॉर्म्स का ये IPO देश की सबसे बड़ी लिस्टिंग्स में से एक होगा. क्योंकि एनालिस्ट्स का अनुमान है कि कंपनी की कुल वैल्युएशन करीब 11 से 12 लाख करोड़ रुपये हो सकती है. मतलब ये कि इसकी लिस्टिंग होते ही ये भारत की सबसे वैल्युएबल कंपनियों की प्रीमियम लिस्ट में शुमार हो जाएगी.

ऐसा इसलिए होगा क्योंकि जियो सिर्फ एक टेलीकॉम कंपनी से कहीं आगे है. जियो बड़ी-बड़ी कंपनियों को इंटरनेट और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस दे रही है. कंपनी आने वाले समय के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और क्लाउड टेक्नोलॉजी पर भारी निवेश कर रही है.यानी जियो भविष्य की टेक्नोलॉजी पर दांव लगा रही है, यही निवेशकों के भरोसे की सबसे बड़ी वजह है.

Share This Article