अगर आप दिल्ली में रहते हैं और नई इलेक्ट्रिक कार या 2 व्हीलर खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए ये खुशखबरी है. पहले खबर क्या है, वो देख लीजिए – दिल्ली सरकार ने नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी को मंजूरी दे दी है. इस पॉलिसी का मकसद वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना और धीरे-धीरे स्वच्छ परिवहन की ओर जाना है. पॉलिसी का मकसद देश की राजधानी को जीरो-एमिशन के जरिए प्रदूषण मुक्त करना है.
नई पॉलिसी 1 जुलाई, 2026 से लागू होगी और 31 मार्च, 2030 तक लागू रहेगी, यानी पूरे चार साल के लिए ये पॉलिसी लाई गई है. दिल्ली सरकार ने नई EV पॉलिसी के लिए 15,000 करोड़ रुपये का बजट रखा है.इस बजट का इस्तेमाल दिल्ली में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को इन चार सालों के दौरान बढ़ावा देने में किया जाएगा. इस दौरान शहर में 32,000 EV चार्जिंग प्वाइंट्स लगाए जाएंगे, जिन पर अगले चार सालों में 7,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा.
अब एक-एक करके समझिए कि दिल्ली की EV पॉलिसी क्या है और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स खरीदने वालों को इसका कैसे फायदा मिलेगा.
नई EV खरीदने पर मिलेगी छूट
दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की खरीद को बढ़ावा देने के लिए इनसेंटिव्स दे रही है, जो कि तीन सालों के दौरान अलग-अलग होगी. शुरुआत में मिलने वाली छूट सबसे ज्यादा है और हर साल यह कम होती जाएगी. ये छूट 2-व्हीलर्स, 3-व्हीलर्स और छोटे ट्रकों की खरीद पर मिलेगी.
2-व्हीलर्स के लिए
- पहले साल में 30,000 रुपये की छूट मिलेगी
- दूसरे साल में 20,000 रुपये की छूट मिलेगी
- तीसरे साल में 10,000 रुपये की छूट मिलेगी
3-व्हीलर्स के लिए
- पहले साल में 50,000 रुपये की छूट मिलेगी
- दूसरे साल में 40,000 रुपये की छूट मिलेगी
- तीसरे साल में 30,000 रुपये की छूट मिलेगी
कमर्शियल ट्रक के लिए
- N1 कैटेगरी के छोटे ट्रकों को बढ़ावा देने के लिए सरकार पहले साल में 1 लाख रुपये सब्सिडी देगी, ताकि कमर्शियल कामो में भी प्रदूषण रहित वाहनों का इस्तेमाल तेजी से बढ़े.
पुरानी गाड़ी स्क्रैप में देने पर छूट
दिल्ली सरकार सड़कों से पुरानी डीजल और पेट्रोल कारों को हटाना चाहती है. इसलिए अगर किसी के पास पेट्रोल-डीज़ल से चलने वाली पुरानी गाड़ी है, कार या टू-व्हीलर, तो इसे स्क्रैप में देकर नई EV खरीदने पर उसे अलग से स्क्रैप इनसेंटिव देगी
- 2-व्हीलर्स: पुरानी BS-IV बाइक या स्कूटी स्क्रैप करने पर 10,000 रुपये तक का बोनस
- 3-व्हीलर: पुराने ऑटो-रिक्शा को स्क्रैप में देने पर 25,000 रुपये तक का बोनस मिलेगा
- N1 कमर्शियल ट्रक: पुराने छोटे ट्रकों को स्क्रैप करने पर 50,000 रुपये तक का बोनस
- ग्रामीण सेवा वाहन: दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में चलने वाली इन गाड़ियों पर 15,000 रुपये की छूट
इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को बड़ा फायदा
इलेक्ट्रिक कार खरीदने के रास्ते में दो सबसे बड़ी चुनौतियां सामने आती हैं. पहला इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन की और दूसरी इलेक्ट्रिक कारों की कीमतें पेट्रोल-डीजल कारों के मुकाबले काफी ज्यादा होती हैं. पहली चुनौती से निपटने के लिए राज्य सरकार ने शहर में 32,000 EV चार्जिंग प्वाइंट्स लगाने का लक्ष्य रखा है.
दूसरी चुनौती के लिए सरकार ने इलेक्ट्रिक कारों के लिए कई फायदों का ऐलान किया है. अगर किसी इलेक्ट्रिक कार की एक्स-शोरूम कीमत 30 लाख या उससे कम है तो दिल्ली सरकार ऐसी सभी कारों पर 100% रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस माफ कर देगी. इससे गाड़ी की ऑन-रोड कीमत काफी कम हो जाएगी और खरीदारों के सीधे तौर पर लाखों रुपये बचेंगे.
इतना ही नहीं, अगर कोई अपनी पुरानी पेट्रोल-डीजल कार (BS-IV या इससे पुराने स्टैंडर्ड की) को स्क्रैप में देकर नई इलेक्ट्रिक कार लेता है तो उसे 1 लाख रुपये का इनसेंटिव दिया जाएगा
अब सिर्फ EV का रजिस्ट्रेशन
दिल्ली सरकार नई EV पॉलिसी के जरिए राजधानी की सड़कों से धीरे-धीरे पेट्रोल, डीजल और CNG से चलने वाली गाड़ियों को हटाना चाहती है. इसलिए राज्य सरकार 1 जनवरी, 2027 से सिर्फ इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा का ही रजिस्ट्रेशन करेगी. फिर, 1 अप्रैल, 2028 से केवल इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर्स का ही रजिस्ट्रेशन किया जाएगा.
हाइब्रिड वाहनों को कोई फायदा नहीं
नई पॉलिसी में हाइब्रिड वाहनों जो कि पेट्रोल/डीजल और बैटरी दोनों पर चलते हैं, इनको किसी भी तरह की सब्सिडी का फायदा नहीं मिलेगी. मीडिया रिपोर्ट्स में ये कहा जा रहा है कि हाइब्रिड गाड़ियों को सब्सिडी नहीं देने पर अधिकारियों के बीच काफी मतभेद थे. सरकार के शुरुआती ड्राफ्ट में ये प्रस्ताव रखा गया था कि 30 लाख रुपये तक की हाइब्रिड गाड़ियों पर भी इनसेंटिव दिया जाए, साथ ही, रोड टैक्स में 50% की छूट देने की बात शामिल थी. मगर, इस प्रस्ताव का इंडस्ट्री के कुछ स्टेकहोल्डर्स ने विरोध किया. इसलिए अंतिम पॉलिसी से इसे बाहर कर दिया गया
