अदाणी ग्रुप (Adani Group) मेटल्स के क्षेत्र में एक और बड़ी डील करने जा रहा है. Economic Times में छपी रिपोर्ट के मुताबिक अदाणी ग्रुप और अबु धाबी के इन्वेस्टमेंट ग्रुप इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) ने ओडिशा में एक एल्यूमीनियम प्लाटं लगाने के लिए हाथ मिलाया है.
ET ने मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से बताया है कि इस एल्यूमीनियम प्लांट को स्थापित करने के लिए दोनों कंपनियां अगले कुछ सालों में 11.5 बिलियन डॉलर का निवेश करेंगी. ये भारत के मेटल्स और मिनरल्स सेक्टर में अभी तक का सबसे बड़ा निवेश होगा. अदाणी ग्रुप और IHC ये निवेश कर्ज और इक्विटी के जरिए करेंगी. हालांकि अभी इसकी जानकारी नहीं मिली है कि इस वेंचर में किसका कितना हिस्सा होगा.
इस डील के मायने
मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने ET को बताया कि इस एल्यूमीनियम स्मेल्टर की सालाना क्षमता 20 लाख टन से भी ज्यादा होगी. इससे भारत की कुछ उत्पादन क्षमता 50% तक बढ़ जाएगी. इसके पहले अदाणी ग्रुप ने गुजरात में कॉपर स्मेल्टर लगाया था. ये मेटल्स की दुनिया में अदाणी ग्रुप का पहला वेंचर था. गुजरात में लगाया गया ये प्लांट पिछले साल ही शुरू हुआ है. इन स्मेल्टर्स का फायदा अदाणी ग्रुप के तेज़ी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर साम्राज्य को होगा, क्योंकि इन कमोडिटीज की सप्लाई सुरक्षित हो सकेगी.
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एल्यूमीनियम उत्पादक देश है, पहले नंबर पर चीन है. भारत ने FY25 में 42 लाख टन एल्यूमीनियम का उत्पादन किया था, इस दौरान खपत थी 55 लाख टन. देश में एल्यूमीनियम की प्रति व्यक्ति खपत 3.4- 3.9 किलोग्राम है. जबकि ग्लोबल औसत 8-12 किलोग्राम का है, यानी भारत में खपत दुनिया के औसत से काफी कम है.
इसलिए, एल्यूमीनियम की खपत के मामले में भारत दुनिया में तीसरे पायदान पर है. भारत के विज़न डॉक्यूमेंट के मुताबिक FY30 एल्यूमीनियम की खपत बढ़कर 85 मिलियन टन होने की उम्मीद है और FY40 तक ये 1.80 करोड़ टन तक पहुंच सकती है, FY47 तक इसके 2.80 करोड़ टन तक पहुंचने का अनुमान है.
क्या है IHC?
इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) दुनिया की कुछ सबसे बड़ी दिग्गज कंपनियों में शुमार की जाती है. IHC को अबू धाबी के शाही परिवार का सपोर्ट भी हासिल है. इसके चेयरमैन शेख तहनून बिन जायद अल नाहयान हैं. अबू धाबी के सॉवरेन वेल्थ फंड की पहलों के तहत, IHC रियल एस्टेट, हेल्थकेयर और टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में काम करती है.
भारत में ये एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर, और रियल एस्टेट पर रहा है. भारत में इसके बड़े निवेशों में, इसकी सहयोगी कंपनी एवेनिर इन्वेस्टमेंट RSC (Avenir Investment RSC) के ज़रिए Sammaan Capital में हिस्सेदारी खरीदने के लिए किया गया 100 बिलियन डॉलर का निवेश शामिल है.
अदाणी ग्रुप और IHC के बीच पार्टनरशिप की शुरुआत साल 2022 में हुई थी. जब IHC ने पहली बार अदाणी ग्रुप की तीन लिस्टेड कंपनियों अदाणी एंटरप्राइजेज, अदाणी ग्रीन एनर्जी और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस में 200 बिलियन डॉलर का बड़ा निवेश किया था. अब ओडिशा में एल्यूमीनियम प्रोजेक्ट की इस नई डील से अदाणी ग्रुप और IHC के बीच कारोबारी रिश्ते और मजबूत होंगे.
