Hitachi Energy, CG Power, GE Vernova T&D, BHEL समेत दूसरी पावर इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में आज 10% तक गिरावट देखी जा रही है. इस गिरावट के तार जुड़े हैं चीन से, भारत सरकार ने सरकारी बिजली परियोजनाओं के लिए चीन से जुड़ी 4 कंपनियों को टेंडर भरने की मंजूरी दे दी है. सरकार के इस आदेश से देश की पावर इक्विपमेंट कंपनियों के लिए कम्पटीशन बढ़ जाएगा. जिसकी वजह से इनके शेयरों पर आज भारी दबाव दिख रहा है.
दरअसल, 24 जून को वित्त मंत्रालय की ओर से एक आदेश जारी हुआ है, जिसमें चीन से जुड़ी 4 बड़ी बिजली के उपकरण बनाने वाली कंपनियों को सरकारी टेंडर्स में भाग लेने की विशेष छूट दी गई है, जिनकी फैक्ट्रियां भारत में मौजूद हैं. चीन की जिन कंपनियों छूट मिली है, उनके नाम हैं – TBEA Energy, Nanjing Electric India, New Northeast Electric India और Taikai Electric (India).
चीन की कंपनियों को क्यों मिली छूट?
साल 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन सीमा विवाद के बाद भारत सरकार ने विदेशी कंपनियों के लिए नियमों को सख्त कर दिया था. सीमा से सटे देशों की कंपनियों को सरकारी ठेके लेने के लिए पहले सिक्योरिटी और पॉलिटिकल क्लियरेंस लेना अनिवार्य कर दिया था. इस सख्ती की वजह से चीन की कंपनियां किसी भी सरकारी टेंडर की रेस से बाहर हो गईं थीं, क्योंकि उन्हें क्लीयरेंस नहीं मिलता था.
अब इस बात को 6 साल हो चुके हैं, भारत में बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है. भारत अब कोयला से बिजली बनाने के अलावा रिन्यूएबल एनर्जी पर भी काफी फोकस कर रहा है. मगर इसके लिए पावर इक्विपमेंट की भारी जरूरत है. पावर मिनिस्ट्री ने शिकायत की थी कि चीनी उपकरणों पर पाबंदी की वजह से कई बड़े ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स अटके हुए हैं. इसी सप्लाई शॉर्टेज को दूर करने के लिए ये छूट 2 साल के लिए दी गई है.
भारतीय कंपनियों के शेयर क्यों टूटे
चीन की पावर इक्विपमेंट कंपनियों पर बैन का सबसे बड़ा फायदा भारत की घरेलू और गैर-चीनी कंपनियों को हो रहा है. जिसमें CG Power, Hitachi Energy, Siemens, और BHEL शामिल हैं. इन्हीं कंपनियों को भारतीय पावर ग्रिड और सरकारी ठेकों में बड़ी हिस्सेदारी मिल रही है और इन्हीं कंपनियों का दबदबा है.
मगर, सरकार के इस आदेश के बाद इनका दबदबा कम हो जाएगा, चीन की कंपनियां इनको सरकारी ठेकों में कम्पटीशन देंगी, और ये कम्पटीशन घरेलू कंपनियों पर भारी पड़ेगा. इसकी वजह ये है कि चीनी कंपनियां अपने सस्ते उपकरणों और आक्रामक प्राइसिंग के लिए जानी जाती हैं. रेस में बने रहने के लिए घरेलू कंपनियों को भी अपनी कीमतें घटानी पड़ सकती हैं. जिससे उनका मुनाफा गिर सकता है. यही वजह है कि भारतीय कंपनियों के शेयरों में गिरावट है.
इसलिए आज इंट्राडे में हिताची एनर्जी का शेयर 10% टूटकर 30,400 रुपये तक चला गया, CG Power के शेयर में 7% से ज्यादा की गिरावट रही और ये 890.60 रुपये तक लुढ़क गया. GE Vernova T&D भी 10% से ज्यादा लुढ़कर इंट्राडे में 4,340.60 रुपये पर पहुंच गया. थरमैक्स और BHEL भी मिडकैप के टॉप लूजर्स में शामिल रहे, जो 4% से ज्यादा टूटे.

