ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न भरने से पहले AIS की ये 4 डिटेल्स जरूर चेक कर लें

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ITR filing 2026: 4 Must Check AIS Details Before You File Your Income Tax Return

जब हम इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते हैं तो बहुत सी बातों का ख्याल रखना पड़ता है, क्योंकि छोटी-छोटी गलतियां आगे चलकर किसी बड़ी पेनल्टी या मुश्किल को पैदा कर सकती हैं. इसलिए हर टैक्सपेयर्स को टैक्स फाइलिंग से पहले एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) यानी वार्षिक सूचना विवरण बहुत ध्यान से चेक कर लेना चाहिए.

AIS एक कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल प्रोफाइल है, जो सीधे आपके PAN से लिंक्ड होता है. इसको सीधे आपकी सैलरी, बैंक्स, म्यूचुअल फंड हाउस, स्टॉक ब्रोकर्स और रजिस्ट्रारों से डेटा लेकर तैयार किया जाता है. यानी इसमें आपकी सैलरी, इंटरेस्ट इनकम, डिविडेंड, सिक्योरिटीज़ ट्रांजैक्शन और हाई-वैल्यू खर्च सारे डेटा होते हैं. इनकम डिपार्टमेंट को आपकी हर फाइनेंशियल डिटेल पहले से पता होती है इसका मतलब है कि आप जो ITR फाइल करेंगे, उसकी तुलना डिपार्टमेंट इस डेटा से ऑटोमैटिकली करेगा

AIS से मैचिंग क्यों है जरूरी

अगर आपके AIS के डेटा और आपकी ITR में घोषित आंकड़े मेल नहीं खाते, तो आपको कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं. जैसे आपको रिफंड मिलने में देरी हो सकती है. नोटिस आ सकता है. ज्यादातर सैलरीड टैक्सपेयर्स मिलने वाले नोटिस के पीछे अक्सर AIS का मिसमैच होता है.

इसलिए ITR जमा करने से पहले टैक्सपेयर्स को AIS को अच्छी तरह से रिव्यू कर लेना चाहिए. ताकि गलतियों की पहचान की जा सके, इससे इनकम टैक्स विभाग को रिपोर्ट की गई वित्तीय जानकारियों को वेरिफाई करने और रिटर्न में हुई गलतियों को पकड़ने में मदद मिलती है.

AIS में टैक्सपेयर के वित्तीय लेन-देन का पूरा लेखा-जोखा होता है. अगर रिव्यू के दौरान कोई गलत जानकारी दिखाई देती है, तो टैक्सपेयर फीडबैक सबमिट कर सकता है. यानी अगर AIS में कोई ट्रांजैक्शन आपका नहीं है या गलत रकम दर्ज है, तो आप पोर्टल पर ही उस पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं.

AIS की इन 4 बातों का करें मिलान

तो अब हमें रिटर्न फाइलिंग से पहले किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए, AIS से किन डेटा का मिलान करना चाहिए, ताकि गलतियों की गुंजाइश कम से कम हो.

1- सभी वित्तीय जानकारियां

हम यहां पर AIS की बात कर रहे हैं, तो आपके मन में सवाल ये भी उठ सकता है कि 26AS में भी तो सारी जानकारियां होती हैं. देखिए, 26AS सिर्फ आपका TDS/TCS, एडवांस टैक्स और सेल्फ-असेसमेंट टैक्स दिखाता है, मतलब कि टैक्स से जुड़ी जानकारियां होती हैं.

मगर, AIS का दायरा ज्यादा बड़ा होता है. इसमें TDS/TCS के अलावा सेविंग अकाउंट से मिलने वाला ब्याज, डिविडेंड इनकम, म्यूचुअल फंड/शेयर ट्रांजैक्शन, प्रॉपर्टी की बिक्री जैसी तमाम दूसरी वित्तीय जानकारियां भी शामिल होती हैं. AIS में कौन-कौन सी जानकारियां होती हैं, इसकी चेकलिस्ट नीचे दी गई है. टैक्सपेयर्स को इन डिटेल्स का मिलान अपने रिकॉर्ड्स से कर लेना चाहिए, जैसे कि बैंक स्टेटमेंट, सैलरी स्लिप, या म्यूचुअल फंड के स्टेटमेंट. इन्हें AIS के आंकड़ों से मिलाकर देख लेना चाहिए ताकि कोई गड़बड़ी न हो.

  • ब्याज
  • डिविडेंड
  • सैलरी
  • विदेशी रेमिटेंस
  • टैक्स रिफंड पर ब्याज
  • म्यूचुअल फंड यूनिट्स, शेयरों की खरीद बिक्री
  • किराया
  • GST टर्नओवर
  • TDS
  • TCS
  • SFT – Specified Financial Transactions
  • पेमेंट ऑफ टैक्सेज
  • डिमांड ऑन रिफंड

2- सभी निजी जानकारियां

AIS में आपको सामान्य जानकारियों का मिलान करना भी बहुत जरूरी है. कई बार हम इसको छोड़ देते हैं, जैसे नाम, PAN नंबर या ईमेल एड्रेस. ये जानकारियां भी बहुत जरूरी होती हैं. इसलिए इनकी समीक्षा कर लेनी चाहिए, किसी भी तरह की गलती को तुरंत सुधार लेना चाहिए.

  • टैक्सपेयर का नाम
  • जन्मतिथि
  • मोबाइल नंबर
  • PAN
  • पता
  • मास्क्ड आधार नंबर
  • ईमेल ID

3- TIS के साथ रिव्यू

TIS और कुछ नहीं बल्कि AIS का ही छोटा वर्जन है. ये एक ही कैटेगरी की सारी एंट्रीज़ को जोड़कर एक फाइनल फिगर दिखाता है. ITR भरते समय ज़्यादातर लोग TIS का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि इसमें डायरेक्ट कैटेगरी-वाइज़ टोटल मिल जाता है, जबकि AIS को डिटेल चेक करने या किसी एंट्री पर किसी तरह की आपत्ति के लिए देखा जाता है.
TIS में जो वैल्यू होती है, उसी का इस्तेमाल ITR फॉर्म में पहले से जानकारी भरने के लिए किया जाता है.

4- रिकॉर्ड के साथ AIS का मिलान

AIS में सिर्फ वो जानकारी दिखती है जो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास उपलब्ध है, इसलिए टैक्सपेयर को इसे अपनी बुक्स, बैंक स्टेटमेंट, इन्वेस्टमेंट रिकॉर्ड्स और दूसरे डॉक्यूमेंट्स या रिकॉर्ड्स से मिलाकर वेरिफाई करना चाहिए. अगर AIS और अपने रिकॉर्ड्स में कोई मिसमैच दिखाई तो सही जानकारी के आधार पर ही रिटर्न भरना चाहिए, न कि सिर्फ AIS पर भरोसा करके. अगर कोई इनकम AIS में नहीं दिख रही है तब भी उसे सही तरीके से रिपोर्ट करना टैक्सपेयर की ही जिम्मेदारी है.

कैसे देखें AIS?

अगर AIS को रिव्यू करना चाहते हैं तो आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें.

स्टेप 1: सबसे पहले इनकम टैक्स विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएं, यूजर नेम और पासवर्ड डालकर लॉग इन करें.

स्टेप 2: ऊपर ‘Services’ टैब पर जाएं और वहां ‘Annual Information Statement (AIS)’ विकल्प को चुनें

स्टेप 3: अब AIS का एक नया होमपेज खुलेगा. AIS टैब पर क्लिक करें

स्टेप 4: Financial Year को चुनें जिसको आप देखना चाहते हैं

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