देश के कुछ सबसे बड़े इश्यू में से एक SBI फंड्स मैनेजमेंट के IPO की तारीख धीरे-धीरे नज़दीक आ रही है. इस बीच चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि इसके दो प्रमोटर्स स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और अमुंदी इंडिया होल्डिंग (Amundi India Holding) अपनी हिस्सेदारी बेचकर कितना कमाएंगे.
अभी ताज़ा अपडेट ये है कि SBI ने गुरुवार को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया है कि उसने शेयर परचेज़ एग्रीमेंट किया है, जिसके तहत प्री-IPO ऑफर में वो 2,88,32,748 इक्विटी शेयरों को 574 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बिक्री के लिए रखेगी, जो कि SBI फंड्स मैनेजमेंट में उसकी 1.4156% हिस्सेदारी होती है. ये हिस्सेदारी 30 निवेशकों को बेची जाएगी, जिसकी कुल अनुमानित वैल्यू 1,655 करोड़ रुपये है.
पूरा इश्यू OFS है, 20.37 करोड़ शेयर होंगे जारी
इसके ठीक एक दिन पहले ही SBI फंड्स मैनेजमेंट ने 11,693 करोड़ रुपये के IPO के लिए रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (RHP) जमा किया था. 14 जुलाई को ये IPO खुलेगा, जो कि पूरी तरह से एक ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, जिसमें प्रमोटर्स स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और अमुंदी इंडिया होल्डिंग अपनी हिस्सेदारियां बेचेंगे. OFS में कुल 20.37 करोड़ शेयर जारी किए जाएंगे. इसका मतलब ये है कि जो भी पैसा जुटाया जाएगा ये सीधे शेयरहोल्डर्स के खाते में जाएगा. SBI फंड्स मैनेजमेंट को इस इश्यू से 1 रुपया भी नहीं मिलेगा.
कंपनी ने इश्यू का प्राइस बैंड 545-574 रुपये प्रति शेयर तय किया है. लिस्टिंग के बाद प्रमोटर्स के खाते में कितनी रकम आएगी, ये इस बात पर निर्भर होगा कि बुक बिल्डिंग प्रोसेस के जरिए फाइनल इश्यू प्राइस क्या निकलकर आता है.
SBI कितनी हिस्सेदारी बेचेगा?
दो प्रमोटर्स इस इश्यू में अपनी हिस्सेदारी को बेच रहे हैं. इश्यू से पहले SBI की कंपनी में हिस्सेदारी 61.86% है. रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक OFS में SBI बेच रहा है 12.83 करोड़ शेयर, जबकि IPO से पहले कंपनी के कुल शेयर हैं 203.68 करोड़. यानी SBI कंपनी में मौजूद अपनी कुल हिस्सेदारी का करीब 6.30% हिस्सा बेच रहा है.
SBI को कितना मिलेगा?
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया IPO में कुल 12.83 करोड़ शेयर बिक्री के लिए रख रहा है. IPO का प्राइस बैंड 545-574 रुपये प्रति शेयर है. SBI को लोअर प्राइस बैंड पर 6,994.22 करोड़ रुपये और अपर प्राइस बैंड पर 7,366.39 करोड़ रुपये तक हासिल हो सकते हैं. SBI को इतना ज्यादा फायदा होने के पीछे एक बहुत अहम कारण उसकी बहुत कम एक्विज़ीशन कॉस्ट है, जो कि ऑफर डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक शेयरों को खरीदने की औसत लागत 0.15 रुपये प्रति शेयर है.
यानी कि बेचे जा रहे शेयरों की कुल अधिग्रहण लागत सिर्फ 1.93 करोड़ रुपये के करीब है. दूसरे खर्चों को जोड़ते हुए अनुमानित रकम जो SBI को मिलेगी वो 6,992 करोड़ रुपये से 7,364 करोड़ रुपये के बीच ही होगी. हालांकि अंतिम रकम तो फाइनल इश्यू प्राइस पर ही निर्भर है. उसका हमें इंतज़ार करना होगा.
अमुंदी इंडिया होल्डिंग को कितना मिलेगा?
SBI के अलावा, दूसरा प्रमोटर अमुंदी IPO में 7.54 करोड़ शेयर बिक्री के लिए रख रहा है. लोअर प्राइस बैंड पर इसे 4,107.93 करोड़ रुपये मिल सकते हैं, जबकि अपर प्राइस बैंड पर ये रकम बढ़कर 4,326.52 करोड़ रुपये हो सकती है.
SBI के साथ अच्छी बात ये थी कि उसकी एक्विजीशन कॉस्ट बहुत कम थी, मगर, अमुंदी के साथ ऐसा नहीं है. अमुंदी के लिए ये कॉस्ट 4.35 रुपये प्रति शेयर बैठती है. इस हिसाब से शेयरों को खरीदने के लिए कुल औसत लागत 32.79 करोड़ रुपये होगी. इसके बाद जो रकम मिलेगी वो 4,075 करोड़ और 4,294 करोड़ रुपये के बीच होगी, इसमें टैक्स और बाकी खर्चे शामिल नहीं है.
यहां पर एक बात याद रखिएगा कि भले हो दोनों प्रमोटर्स अपनी एक बड़ी हिस्सेदारी बेच रहे हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि वो कंपनी से बाहर निकल रहे हैं. IPO से पहले SBI की कंपनी में 61.86% हिस्सेदारी है, जबकि अमुंदी इंडिया होल्डिंग की 36.33% है. हिस्सा बिक्री के बाद भी ये दोनों कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी के साथ प्रमुख शेयरहोल्डर के तौर पर बने रहेंगे.

