AMFI June Data: जून में निवेशकों ने सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं, बल्कि सोने पर भी जमकर दांव लगाया है. AMFI के ताजा आंकड़े बताते हैं कि एक ओर इक्विटी फंड्स में निवेश बढ़ा, वहीं Gold ETF में भी मजबूत वापसी देखने को मिली. जून में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश 28,973 करोड़ रुपये रहा है, जबकि पिछले महीने ये 22,908 करोड़ रुपये था. जून के महीने में निवेशकों का रवैया कैसा रहा है, इसको समझते हैं.
सोना कमजोर, लेकिन गोल्ड ETF में बम्पर निवेश
जून महीने में Gold ETF में 3,443 करोड़ का निवेश आया है, जबकि पिछले महीने यानी मई में 725 करोड़ रुपये का निवेश बाहर गया था. ये इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि निवेशक अब भी अपने पोर्टफोलियो में सोने को जगह दे रहे हैं. मज़े की बात ये है कि जियोपॉलिटिकल तनाव की वजह से जून में सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली थी.
बावजूद इसके गोल्ड ETF में इतना बम्पर निवेश आया है.
इक्विटी (Equity Funds) में लौटा भरोसा
जून के महीने में इक्विटी ओरिएंटेड स्कीम का नेट इनफ्लो मई में 22,908 करोड़ रुपये था, जो कि जून में करीब 27% उछलकर 28,973 करोड़ रुपये पहुंच गया. सबसे ज्यादा उछाल सेक्टोरल और थीमेटिक फंड्स में देखने को मिला. मई के मुकाबले जून में इन स्कीमों में निवेश कई गुना बढ़ गया. मिडैकप और मल्टीकैप फंड्स ने भी 30% से ज्यादा की ग्रोथ दर्ज की है. जून में मिडैकैप फंड्स ने एक बार फिर दिखा दिया कि निवेशकों की जोखिम लेने की भूख अभी कम नहीं हुई है. इस कैटेगरी में मई के मुकाबले करीब 39% ज्यादा निवेश आया. किन फंड्स ने कैसा प्रदर्शन किया, एक नज़र डालते हैं
- लार्जकैप फंड्स: मई में 1,592 करोड़ रुपये का निवेश आया, जून में ये 2,067.4 करोड़ रुपये हो गया, 29.86% की ग्रोथ
- मिड कैप फंड: मई में 4,385 करोड़ रुपये का निवेश आया, जून में बढ़कर 6,090 करोड़ रुपये हो गया, करीब 39% का उछाल
- स्मॉलकैप फंड: मई में 4,945 करोड़ रुपये का निवेश आया, जून में बढ़कर 5,602 करोड़ रुपये हो गया, 13.28% की ग्रोथ
- सेक्टोरल/थीमेटिक: मई में 647.87 करोड़ रुपये आए, जून में 7,787 करोड़ रुपये का निवेश आया, 1,101% की ग्रोथ
- मल्टीकैप फंड्स: मई में 2,291 करोड़ रुपये का निवेश आया, जून में बढ़कर 3,070 करोड़ रुपये हो गया, करीब 34% की बढ़त
- फ्लेक्सी कैप फंड्स: मई में 5,175 करोड़ रुपये का निवेश आया, जून में 5,231 करोड़ रुपये का निवेश, करीब 1.08% की ग्रोथ
हाइब्रिड फंड्स (Hybrid Funds) में दिलचस्पी बरकरार
निवेशकों की दिलचस्पी हाइब्रिड फंड्स में अब भी बनी हुई है. मई में 10,560.24 करोड़ रुपये के मुकाबले जून में निवेश बढ़कर अब 12,892.76 करोड़ रुपये पहुंच गया है. इसमें भी आर्बिट्राज फंड्स में निवेशकों ने भर भर के निवेश किया है, मई में 5,698 करोड़ रुपये आए थे, जून में इससे थोड़ा ज्यादा 5,799 करोड़ रुपये आए हैं. इसके अलावा, मल्टी एसेट अलोकेशन फंड में जून में 4,810.76 करोड़ रुपये आए हैं, जबकि मई में 3,928.51 करोड़ रुपये आए थे.
डेट फंड्स (Debt Funds) से भारी आउटफ्लो
जून के अंत तक म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल असेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर 82.22 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो कि मई में 81.58 लाख करोड़ रुपये था. मगर, यहां पर नोट करने वाली बात ये है कि जून में नेट इनफ्लो घटा जरूर है, लेकिन अब भी निगेटिव है, जो कि -52,948.7 करोड़ रुपये है. मई में ये निगेटिव 64,021 करोड़ रुपये था. मतलब आउटफ्लो घटा तो जरूर, लेकिन पॉजिटिव नहीं हुआ.
इसकी वजह है कि मार्केट वैल्युएशन से AUM तो बढ़ा, लेकिन डेट स्कीम्स से लोगों का अपना पैसा निकालना जून में भी जारी रहा. मई में निवेशकों ने डेट म्यूचुअल फंड्स से 96,948.51 करोड़ रुपये निकाले थे, जबकि जून में इससे भी ज्यादा 1.09 लाख करोड़ रुपये निकाले. इस वजह से डेट का AUM भी जून में घटकर 17.37 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो कि मई में 18.25 लाख करोड़ रुपये था.
अगर आपको AMFI जून के डेटा देखने हैं तो आप नीचे देख सकते हैं.

