इंडियन गैस एक्सचेंज (IGX) ने IPO के लिए मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास अर्ज़ी (DRHP) दे दी है. इस रेड हेयरिंग प्रॉस्पेक्ट्स (DRHP) के मुताबिक ये IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा, जिसमें इसकी पैरेंट कंपनी इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) 1.67 करोड़ शेयर बेचेगी. ड्रॉफ्ट पेपर्स के मुताबिक IGX के शेयरों की लिस्टिंग BSE में ही कराने का प्रस्ताव है.
IPO में नए शेयर नहीं जारी किए जाएंगे, क्योंकि ये 100% ऑफर फॉर सेल है, इसलिए जो भी रकम इश्यू से आएगी वो IGX को नहीं मिलेगी. प्रमोटर कंपनी IEX अपनी हिस्सेदारी बेच रही है, ताकि SEBI के रेगुलेटरी नियमों का पालन किया जा सके. एक्सिस कैपिटल और मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स इस इश्यू के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर्स हैं.
फिलहाल इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) के पास IGX में 47.3% हिस्सेदारी है, जिसे IPO के जरिए घटाकर 25% किया जाएगा. दरअसल, रेगुलेटरी नियमों के मुताबिक किसी भी नॉन मेंबर शेयरहोल्डर की किसी गैस एक्सचेंज में अधिकतम 25% हिस्सेदारी ही हो सकती है.
हालांकि ये IPO लाने की ये दूसरी कोशिश है, इस साल की शुरुआत में IGX के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO राजेश कुमार मेदिरत्ता ने न्यूज़ एजेंसी PTI को बताया था कि कंपनी ने एक्सटेंशन लेकर अपना IPO एक साल के लिए टाल दिया है. अब उम्मीद है कि यह IPO दिसंबर 2026 से पहले लॉन्च हो जाएगा
क्या करती है कंपनी
इंडियन गैस एक्सचेंज (IGX) भारत का पहला और इकलौता ऑथराइज्ड राष्ट्रीय स्तर का फिजिकल डिलीवरी बेस्ड नेचुरल गैस ट्रेडिंग एक्सचेंज है. ये खरीदारों और विक्रेताओं को एक ऑर्गनाइज्ड, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी बेस्ड ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मुहैया कराता है, जहां नेचुरल गैस की खरीद-बिक्री की जाती है.
IGX इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है. इसकी स्थापना नवंबर 2019 में की गई थी. इसके ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की शुरुआत जून 2020 में हुई, जबकि दिसंबर 2020 में इसे पेट्रोलियम एंड नैचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) से गैस एक्सचेंज के रूप में कामकाज करने की मंजूरी मिली.
IGX एक पूरी तरह ऑटोमेटेड इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म को ऑपरेट करती है. इस प्लेटफॉर्म पर देश भर के पाइपलाइन नेटवर्क से जुड़े कई डिलीवरी हब पर स्टैंडर्डाइज्ड कॉन्ट्रैक्ट्स के जरिए नेचुरल गैस की खरीद-बिक्री होती है.
IGX के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नेचुरल गैस सेक्टर से जुड़ी कई तरह की कंपनियां करती हैं. इसके ग्राहक गैस उत्पादक, GAIL जैसी गैस मार्केटिंग कंपनियां, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां, बिजली उत्पादक, रिफाइनरियां, फर्टिलाइजर कंपनियां, LNG टर्मिनल ऑपरेटर और इंडस्ट्रियल उपभोक्ता हैं.
क्या हैं कंपनी की योजनाएं
कंपनी अपने प्रोडक्ट्स की रेंज को बढ़ाना चाहती है. IGX एक साल और दो साल के गैस कॉन्ट्रैक्ट लाना चाहता है. इसके अलावा 3 महीने और 6 महीने के लंबी अवधि के कॉन्ट्रैक्ट भी शुरू करने की योजना है. फिलहाल एक्सचेंज पर डे-अहेड (अगले दिन के लिए) और पांच तरह के टर्म-अहेड कॉन्ट्रैक्ट मिलते हैं – जो कि हैं डेली, वीकडे, वीकली, फोर्टनाइटली यानी 15 दिन की और मंथली.
अभी एक्सचेंज पर छोटी-छोटी अवधि के कॉन्ट्रैक्ट्स ज्यादा हैं, लंबी अवधि वाले कॉन्ट्रैक्ट अभी बिज़नेस का बहुत छोटा हिस्सा हैं. 3 महीने और 6 महीने वाले कॉन्ट्रैक्ट ने FY26 में कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम का 5% से भी कम हिस्सा दिया. वहीं मंथली कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा FY26 के पहले 9 महीनों में 59% रहा. कुल मिलाकर, अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान एक्सचेंज पर ट्रेडिंग वॉल्यूम में 46% की बढ़ोतरी हुई.
इसके अलावा, IGX एक ऐसा प्लेटफॉर्म भी लाने की योजना बना रहा है जिससे लोग रीगैसिफाइड लिक्विफाइड नैचुरल गैस (R-LNG) की कैपेसिटी बुक कर सकें. साथ ही, कंपनी हाइड्रोजन इंडेक्स और हाइड्रोजन ट्रेडिंग के लिए भी एक अलग प्लेटफॉर्म शुरू करने वाली है.

