अब गडकरी के दावे का क्या? E20 पेट्रोल से खराब इंजन पर मिलेगा कार मालिक को मुआवज़ा, कंज्यूमर कोर्ट का फैसला

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Vehicle Owner Wins Compensation Over Engine Damage After Using E20 Petrol in consumer court

सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Minister of Road Transport and Highways Nitin Gadkari) लाख ये दावा करते रहें कि उनके पास E20 पेट्रोल से किसी वाहन के ख़राब होने की एक भी शिकायत उनके पास नहीं आई है. मगर, हकीकत इसके ठीक उलट है.

India Today में छपी खबर के मुताबिक, रायपुर डिस्स्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन ने एक मामले में वाहन निर्माता और ऑथराइज्ड को निर्देश दिया है कि वो कार मालिक को मरम्मत पर हुए खर्च की भरपाई करें. इसके अलावा मानसिक उत्पीड़न और कानूनी लड़ाई में हुए खर्च के लिए भी मुआवजा देने का आदेश दिया गया है.

गाड़ी मालिक के पक्ष में फैसला

E20 पेट्रोल को लेकर ये पहला पहला चर्चित मामला है, जो कि वाहन मालिक के पक्ष में गया है. कार मालिक शिकायतकर्ता का दावा था कि E20 पेट्रोल भरवाने के बाद उसकी कार में लगातार तकनीकी दिक्कतें आना शुरू हो गईं थीं, गाड़ी की परफॉर्मेंस तो खराबी हुई साथ ही इंजन में मिसफायरिंग की शिकायतें भी आने लगीं, माइलेज भी लगातार गिरावट आने लगी. शिकायतकर्ता अपनी गाड़ी को लेकर ऑथराइज्ड डीलर के पास कई बार गया, मरम्मत करवाई, लेकिन फिर से वही दिक्कतें शुरू हो जातीं. आखिरकार इंजन में आई बड़ी खराबियों की वजह से शिकायतकर्ता को भारी खर्च भी उठाना पड़ा.

कार कंपनी का आरोपों से इनकार

जब मामला आयोग पहुंचा तो इस पूरे विवाद के केंद्र में एक ही सवाल था कि क्या इन सबके पीछे E20 पेट्रोल है. क्या इसी वजह से गाड़ी में लगातार खराब आ रही है. शिकायतकर्ता के इस आरोप से वाहन निर्माता और डीलर ने इनकार किया. इनका कहना था कि कार E20 पेट्रोल के अनुकूल है. गाड़ी में आई गिरावट के पीछे सामान्य घिसावट, रखरखाव की कमी या दूसरे कारण हो सकते हैं, लेकिन E20 पेट्रोल इसका कारण नहीं हो सकता.

लेकिन, कंज्यूमर कमीशन वाहन निर्माता के इस तर्क से संतुष्ट नहीं हुआ. कमीशन ने अपने निर्देश में लिखा कि गाड़ी मालिक कई बार ऑथराइज्ड डीलर के पास अपने वाहन को लेकर गया. कई बार मरम्मत हुई बावजूद इसके समस्या बार-बार आती रही. समस्या का दोहराया जाना इस बात का संकेत है कि असली तकनीकी समस्या का हल नहीं किया गया. इसी आधार पर आयोग ने गाड़ी मालिक की शिकायत को स्वीकार कर लिया.

आयोग ने फैसले में क्या कहा?

अपने फैसले में कंज्यूमर कमीशन वाहन निर्माता और डीलर को निर्देश दिया कि वे गाड़ी की मरम्मत पर हुए खर्च की भरपाई करें. मानसिक उत्पीड़न के लिए मुआवजा दें और कानूनी कार्यवाही में हुए खर्च का भी भुगतान करें. आदेश में भुगतान के लिए समय-सीमा भी तय की गई है. अगर तय समय तक भुगतान नहीं किया जाता है, तो मुआवजे की राशि पर ब्याज भी देना होगा.

सबसे बड़ी बात जो कंज्यूमर कमीशन ने कही वो सरकार की सोच के बिल्कुल उलट है. अपने फैसले में आयोग ने माना कि अब पूरे देश के पेट्रोल पंपों पर E20 पेट्रोल मिल रहा है, ऐसे में आम उपभोक्ताओं के पास दूसरे विकल्प बहुत सीमित रह जाते हैं. आयोग ने कहा कि जब वैकल्पिक ईंधन आसानी से उपलब्ध ही नहीं है, तब उपभोक्ताओं से ये उम्मीद नहीं की जा सकती कि वे E20 पेट्रोल का इस्तेमाल करने से बचें.

अब गडकरी के दावे का क्या?

इस फैसले के बाद सवाल ये है कि अब नितिन गडकरी के दावे का क्या? सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी कई मंचों से और कई मौकों पर ये दावा करते रहे हैं कि उन्हें अबतक E20 पेट्रोल से किसी गाड़ी के इंजन के खराब होने की शिकायत नहीं मिली है. टाइम्स ऑफ इंडिया के एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि E20 पेट्रोल को लेकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है, मेरे खिलाफ राजनीति से प्रेरित होकर ऐसा किया जा रहा है. E10 वाले सभी वाहन E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के लिए फिट हैं. इस इंटरव्यू में उन्होंने ये भी कहा कि अगर किसी गाड़ी मालिक को 100% पेट्रोल चाहिए, क्योंकि वो अपनी गाड़ी में एथेनॉल ब्लेंडड पेट्रोल नहीं भरवाना चाहता है, तो इसके लिए ज्यादा पैसे देने होंगे.

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