Zepto ने फिलहाल टाला IPO, $4.5 बिलियन वैल्यूएशन पर जुटाएगी ₹1,000 करोड़

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Zepto IPO Delayed: Rs 1,000 Crore Pre-IPO Round, Valuation Falls From $7 Bn to $4.5 Bn

क्विक-कॉमर्स कंपनी Zepto ने अपना IPO फिलहाल के लिए टाल दिया है. इसकी जगह पर कंपनी एक एक प्री-IPO फंडिंग राउंड के जरिए करीब 1,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है. मीडिया सूत्रों के मुताबिक, ये फंडिंग करीब 4-4.5 बिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर होगी.

ये वैल्युएशन अक्टूबर 2025 के मुकाबले काफी कम है, जब कंपनी ने कैलिफोर्निया पब्लिक एम्प्लॉइज़ रिटायरमेंट सिस्टम (CalPERS) की अगुवाई में हुए फंडिंग राउंड में 450 मिलियन डॉलर जुटाकर 7 बिलियन डॉलर का वैल्यूएशन हासिल किया था.

घरेलू निवेशक करेंगे अगुवाई

मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के मुताबिक इस पूंजी निवेश में घरेलू निवेशकों की ज्यादा भागीदारी होगी. इसका मकसद कंपनी में भारतीय शेयरहोल्डिंग को बढ़ाना है. जो फिलहाल करीब 40% के आसपास है. फंडिंग राउंड में मौजूदा निवेशकों की भागीदारी देखने को मिलेगी, जिसमें Glade Brook, General Catalyst, Goodwater Capital और Nexus Venture Partners शामिल हैं.

SEBI के नियमों के मुताबिक, कोई भी कंपनी जो IPO लाने वाली है, वो अपने फ्रेश इश्यू का ज़्यादा से ज़्यादा 20% हिस्सा प्री-IPO राउंड में पहले ही जुटा सकती है, लेकिन एक शर्त है कि प्री-IPO में जितने पैसे जुटाए जाएंगे, उतनी रकम IPO के फ्रेश इश्यू वाले हिस्से से कम कर दी जाएगी. यानी अगर Zepto प्री-IPO राउंड में पैसा जुटा लेती है, तो बाद में IPO के जरिए वो उतना कम पैसा जुटाएगी, सिर्फ बचा हुआ हिस्सा ही जुटा सकेगी.

वैल्युएशन पर निवेशकों ने उठाए सवाल

आने वाले निवेशकों ने इस वैल्युएशन को लेकर आपत्ति जताई थी, जिसमें से खासतौर पर घरेलू निवेशक थे. जैसे SBI MF, ICICI Prudential, Kotak, HDFC वैगरह. दूसरे निवेशकों ने कंपनी के कैश बर्न पर भी सवाल उठाए थे, उनका कहना था कि ऐसे कंपनी भविष्य में कैसे चलती रह सकती है. Zepto हर तिमाही करीब 9,000 करोड़ रुपये कैश बर्न कर रही थी. कंपनी के पास सिर्फ 3 महीने का कैश बचा हुआ था, जिसने निवेशकों को चिंता में डाल दिया.

इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक Zepto चाहती थी कि उसके IPO की वैल्युएशन भी Eternal और Swiggy की तर्ज पर ही किया जाए. जबकि निवेशकों का तर्क ये है कि Zepto के कारोबार में फूड डिलीवरी वर्टिकल मौजूद नहीं है, जबकि इसके दोनों कंपटीटर्स इस सेगमेंट में पहले से मौजूद हैं. जबकि Zepto सिर्फ क्विक कॉमर्स तक तक ही सीमित है. ये बात भी वैल्यूएशन को लेकर सवाल खड़े करने की एक वजह मानी जा रही है. यही वजह है कि टॉप म्यूचुअल फंड्स और बड़ी घरेलू बीमा कंपनियां घटाई गई वैल्यूएशन के मुकाबले भी 30% से 40% तक की और कटौती चाहती हैं.

विवाद के बाद वैल्युएशन के घटाया

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई बीच में छोड़कर जेप्टो शुरू करने वाले आदित पालीचा और कैवल्य वोहरा ने Zepto के लिए दिसंबर 2025 में ही कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग रूट के जरिए SEBI के पास अपने प्रारंभिक IPO दस्तावेज दाखिल कर दिए थे.

SEBI के पास दाखिल अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर्स के मुताबिक, कंपनी अपने प्रस्तावित IPO के तहत नए शेयरों को जारी करके 8,010 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही थी. इसके साथ ही, मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 11.35 करोड़ इक्विटी शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) भी था. मगर, बाद में इसने इस रकम को घटाकर 5,000-6,000 करोड़ रुपये कर दिया.

Blinkit, Instamart से मुकाबला

अगर ये लिस्टिंग आगे बढ़ती है, तो Zepto शेयर बाजार में Eternal और Swiggy की कतार में शामिल हो जाएगी, और उनके क्विक-कॉमर्स कारोबार Blinkit और Instamart के साथ सीधी टक्कर लेगी.

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