अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए एक बड़ी खबर है, अमेरिका ने दुनिया भर में कई वीजा अपॉइंटमेंट (Visa appointments) और इंटरव्यू को फिलहाल के लिए रोक दिया है. मतलब ये कि अगर आपने अमेरिका जाने के लिए वीज़ा इंटरव्यू की कोई तारीख ले रखी है तो, हो सकता है कि आपका इंटरव्यू कैंसिल हो गया हो या फिर इसको री-शेड्यूल किया जाएगा. अब ये अपॉइंटमेंट्स 1 सितंबर 2026 के बाद ही दोबारा शेड्यूल होंगे.
आवेदकों को भेजा गया ईमेल
बीते कुछ घंटों में दुनियाभर के US एंबेसी और कॉन्सुलेट से हज़ारों वीज़ा आवेदकों को एक जैसा ई-मेल मिला है, जिसमें लिखा गया है “हमें ये बताते हुए खेद है कि आपका नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा इंटरव्यू अपॉइंटमेंट कैंसिल कर दिया गया है. आपका इंटरव्यू 1 सितंबर 2026 के बाद तक एडजस्ट नहीं किया जा सकता. आप अपने देश की नागरिकता वाले US एंबेसी या कॉन्सुलेट में आवेदन कर सकते हैं.”
ये कैंसिलेशन किसी एक देश या क्षेत्र तक सीमित नहीं है. सऊदी अरब में मौजूद US एंबेसी से एक आवेदक ने सोशल मीडिया पर बताया कि उसका इंटरव्यू यूं ही अचानक टाल दिया गया. इसी तरह की शिकायतें दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से सामने आ रही हैं. इसमें स्टूडेंट वीज़ा (F और J कैटेगरी), वर्क वीज़ा और टूरिस्ट या बिज़नेस वीज़ा (B1/B2) — तीनों तरह के आवेदक शामिल हैं. कुछ रिपोर्ट्स में अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के हवाले से कहा गया है कि ये कैंसिलेशन दूतावासों में होने वाली ट्रेनिंग गतिविधियों की वजह से किया गया है, हालांकि इसका ठीक-ठीक कारण अभी आधिकारिक तौर पर नहीं बताया गया है.
अमेरिका ऐसा क्यों कर रहा है?
हमने बीते कुछ महीनों में देखा है कि अमेरिकी प्रशासन ने वीज़ा को लेकर कुछ सख्तियां दिखाई हैं. इसके पीछे सरकार का तर्क है कि वो राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत करना चाहती है और वीज़ा सिस्टम के दुरुपयोग को रोकना चाहती है. अमेरिका की सरकार दुनिया भर में अपने वीज़ा अधिकारियों के लिए एक ग्लोबल ट्रेनिंग इनिशिएटिव चला रहा है. इस ट्रेनिंग का मकसद वीजा एप्लीकेंट्स की गहन जांच पड़ताल को ज्यादा सख्त करना है.
खास तौर पर अधिकारियों को ये जांच करने पर ज्यादा ध्यान देने के लिए कहा जा रहा है कि कोई एप्लीकेंट भविष्य में अमेरिका में रहकर सरकारी बेनेफिट्स पर तो निर्भर नहीं हो सकता. खासकर उन मामलों में जहां लोग टूरिस्ट या बिज़नेस वीज़ा का इस्तेमाल कर अमेरिका में स्थायी रूप से बसने की कोशिश करते हैं. डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ने हाल ही में सोशल मीडिया पर ऐसे लोगों की आलोचना भी की जो टूरिस्ट या बिज़नेस वीज़ा के ज़रिए अमेरिका में घुसकर असाइलम का सहारा लेते हैं. दूसरी ओर, आलोचकों और इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर वीजा रद्द करना कानूनी चुनौतियों को जन्म दे सकता है, क्योंकि असाइलम मांगना अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक वैध अधिकार है. ऐसे में ये मामला अमेरिकी अदालतों में भी पहुंच सकता है.
आवेदकों का बैकग्राउंड चेक का दायरा बढ़ेगा
मोटा-मोटा ये समझें कि इस ट्रेनिंग के जरिए अमेरिका ये देखना चाहता है कि जो लोग भी वीजा के लिए अप्लाई कर रहे हैं, उनके पास वैध डॉक्यूमेंट्स हैं या नहीं. उनका बैकग्राउंड कैसा है, उनकी वित्तीय स्थिति कैसी है. अमेरिका पहले से ही वीजा स्क्रीनिंग को ज्यादा सख्त बना रहा है. अमेरिका ने पिछले महीनों में कई वीजा कैटेगरीज के एप्लीकेंट्स के लिए ऑनलाइन मौजूदगी और सोशल मीडिया स्क्रीनिंग का दायरा भी बढ़ाया है. इसका मतलब है कि वीजा एप्लीकेंट्स की बैकग्राउंड चेकिंग पहले के मुकाबले ज्यादा बड़े दायरे में हो रही है.
इस फैसले का असर किस पर पड़ेगा?
इस फैसले का असर बहुत व्यापक है, यानी इस दायरे में बहुत सारे लोग आएंगे. लेकिन खासतौर पर तीन कैटेगरी के लोगों के लिए ये फैसला ज्यादा परेशानी वाला हो सकता है.
पहला, छात्रों के लिए- जिन छात्रों को सितंबर या फॉल सेमेस्टर के लिए अमेरिका के कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ में एडमिशन मिला है, उनका वीज़ा इंटरव्यू टलने से उनकी पढ़ाई शुरू होने में देरी हो सकती है.
दूसरा, वर्किंग प्रोफेशनल्स- खासकर H-1B और इससे जुड़ी कैटेगरी के आवेदक, जिनकी नौकरी ज्वाइनिंग की तारीख अटक सकती है.
तीसरा, टूरिस्ट और बिज़नेस ट्रैवलर्स- जिन टूरिस्ट्स ने एडवांस में फ्लाइट्स और होटल्स बुक कर रखे हैं. साथ ही जिन लोगों की बिजनेस मीटिंग्स हैं, उन पर इस फैसले का बुरा असर होगा
भारत के लिए ये खबर वैसे भी परेशान करने वाली है. क्योंकि हर साल लाखों भारतीय छात्र, IT प्रोफेशनल्स और टूरिस्ट अमेरिकी वीज़ा के लिए आवेदन करते हैं. H-1B फीस बढ़ने और स्क्रीनिंग सख्त होने का सीधा असर भारतीय IT इंडस्ट्री और वहां काम करने वाले पेशेवरों पर पड़ सकता है.
इसलिए अगर आप US वीजा के लिए अप्लाई कर चुके हैं, तो अभी सबसे जरूरी है कि अपना ई-मेल, एम्बेसी नोटिफिकेशंस और अपॉन्टमेंट पोर्टल लगातार चेक करते रहें. अगर आपका इंटरव्यू री-शेड्यूल हुआ है, तो बिना ऑफिशियल कन्फर्मेशन के नई फ्लाइट या बुकिंग करने से बचें. क्योंकि वीज़ा इंटरव्यू पर रोक कब तक रहेगी, इसका कुछ पता नहीं है.

