अगर आप भी खाने में हींग का इस्तेमाल करते हैं, तो हो सकता है कि आपकी हींग घटिया क्वालिटी की हो. फूड रेगुलेटर FSSAI ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स (verest Food Products) और लालजी गोधू एंड कंपनी (Laljee Godhoo and Company) की कंपाउंडेड हींग (असाफोटिडा) की बिक्री पर रोक लगा दी है. रेगुलेटर के मुताबिक लैबोरेटरी जांच में इन कंपनियों के सैंपल तय खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे. रेगुलेटर ने इन्हें ‘misbranded’ और ‘sub-standard’ पाया है.
FSSAI ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इस कार्रवाई की जानकारी दी, FSSAI ने साफ किया है कि ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अगले निर्देश तक जारी रहेगा. FSSAI की ये कार्रवाई कंपाउंडेड हींग की क्वालिटी को लेकर मिली एक उपभोक्ता शिकायत के बाद शुरू हुई.
इसके बाद FSSAI ने बाजार में बिकने वाले प्रमुख ब्रांड्स की हींग की निगरानी शुरू की और सैंपल लिए. इसी कार्रवाई के तहत मुंबई बेस्ड लाइसेंस प्राप्त यूनिट्स से Everest और Laljee Godhoo के लीगल सैंपल भी लिए गए. लैब टेस्ट के बाद दोनों कंपनियों की कंपाउंडेड हींग को लेकर नियमों के उल्लंघन की जानकारी सामने आई.
Everest की हींग में क्या गड़बड़ी मिली?
FSSAI के मुताबिक, एवरेस्ट (Everest) की कंपाउंडेड असाफोटिडा (Compounded Asafoetida) यानी हींग पाउडर के सैंपल को लैब ने ‘मिस-ब्रांडेड’ और ‘सब-स्टैर्डर्ड’ पाया. जांच में सबसे अहम गड़बड़ी एल्कोहल-सॉल्यूबल एक्स्ट्रैक्ट से जुड़ी मिली. फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड रेगुलेशंस, 2011 के तहत हींग इसका न्यूनतम स्तर 5% तय है, लेकिन एवरेस्ट के एक सैंपल में ये 0% पाया गया.
इसके अलावा एवरेस्ट के दो दूसरे सैंपल भी इस पैरामीटर पर फेल हुए. पीला हींग पाउंडर में एल्कोहल-सॉल्यूबल एक्स्ट्रैक्ट 3.29% मिला. जबकि काली हींग पाउडर में ये 4.4% पाया गया. मतलब, दोनों ही सैंपल्स में ये तय सीमा 5% की सीमा से कम था. FSSAI ने ये भी कहा कि नियमित बाजार निगरानी के दौरान लिए गए कुछ दूसरे सैंपल में भी इसी पैरामीटर पर ऐसे उल्लंघन सामने आए थे.
Everest को निर्देश जारी
FSSAI ने एवरेस्ट की कंपाउंडेड हींग और उसके सभी वेरिएंट्स की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है. कंपनी को इन कमियों को दूर करने के लिए एक एक्शन प्लान बनाकर देने के लिए कहा गया है. इसके अलावा रेगुलेटर ने मैन्युफैक्चरर्स को बाजार में पहले से मौजूद घटिया प्रोडक्ट्स को वापस मंगाने के लिए भी कहा है.
FSSAI ने एवरेस्ट के चिकन मसाला, गरम मसाला और एग करी पाउडर से जुड़ी पहले की समीक्षाओं का भी जिक्र किया, जिनमें लेबल पर नमक की मात्रा 5% से ज्यादा होने और मसाले की मात्रा घोषित न करने जैसी खामियां पाई गई थीं.
LG हींग में मिला ज्यादा स्टार्च
FSSAI ने अलग से लालजी गोधू एंड कंपनी की कंपाउंडेड हींग की बिक्री पर भी रोक लगाई है, जो LG ब्रांड के नाम से बेची जाती है. पाउडर और लंप, दोनों रूपों में कंपाउंडेड हींग के सैंपल सब-स्टैंडर्ड और तय मानकों के मुताबिक नहीं पाए गए. साथ ही इन्हें मिसब्रांडेड भी पाया गया.
FSSAI ने कंपाउंडेड उत्पाद बनाने में इस्तेमाल होने वाली कच्ची हींग की 6 वैरायटी की जांच की, और सभी 6 में तय मात्रा से ज्यादा स्टार्च पाया गया. FSSAI के नियमों के मुताबिक हींग में अधिकतम स्टार्च की मात्रा 1% (वजन के अनुसार) तय है, जबकि लैब जांच में LG की 6 कच्ची हींग वैरायटी में ये मात्रा 15% से 32% के बीच पाई गई.
FSSAI ने कहा कि बाजार निगरानी, कानूनी सैंपलिंग और निर्माण में इस्तेमाल कच्चे माल की टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर ये अनियमितता कई बैचों में पाई गई है. लालजी गोधू को भी एक्शन प्लान सौंपने और ये सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि आगे से केवल तय मानकों के मुताबिक ही प्रोडक्ट बनाए और बेचे जाएं.
