UPI Payment Charge : स्कूल-कॉलेज फीस, इंश्योरेंस, शेयर मार्केट और म्यूचुअल फंड निवेश पर लागू होंगे नए MDR नियम

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UPI Payment Rules Change: MDR Charges on Insurance, Education and Investment Payments

अभी आप इसी सोच में उलझे हुए हैं कि 2,000 रुपये या इससे ज्यादा के UPI पेमेंट पर कितना चार्ज लगेगा, तो असली खबर इससे आगे है. अब, अगर आप रेलवे का टिकट खरीदते हैं, फोन का बिल भरते हैं या फिर अपनी गाड़ी में तेल भरवाते हैं. अगर इनका बिल 2,000 रुपये से ज्यादा है, तो एक अलग से चार्ज लगाया गया है.

इसके अलावा, शेयर मार्केट में ट्रेड करने के लिए, म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए भी अगर आप UPI से पेमेंट करते हैं, तो यहां भी MDR की एंट्री हो चुकी है. साथ ही, अगर आप इंश्योरेंस खरीदते है यानी उसका प्रीमियम UPI के जरिए भरते हैं, तो MDR चार्ज लगेगा. साथ ही, स्कूल-कॉलेज की फीस भी अब इस MDR के दायरे में आ गई है. तो चलिए एक-एक करके समझते हैं. कितना चार्ज लगेगा, कौन देगा और इसकी कैलकुलेशन कैसे होगी.

बिजली, पेट्रोल, फोन के बिल पर फ्लैट चार्ज

NPCI के मुताबिक, रेलवे, टेलीकॉम सेवाओं, इंश्योरेंस और फ्यूल जैसी कुछ खास कैटेगरी के मर्चेंट्स के लिए 0.4% की दर से MDR नहीं लगेगा. इसके लिए एक अलग कैटेगरी है, जिसमें 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर हर ट्रांजैक्शन के लिए 5 रुपये का फ्लैट चार्ज तय किया गया है. यानी पेमेंट की रकम कितनी भी हो, इन खास कैटेगरी में 2,000 रुपये से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर MDR 5 रुपये ही रहेगा. इस नए चार्ज का मकसद रेलवे, जरूरी सेवाओं और कम मार्जिन वाले फ्यूल कारोबार जैसे सेक्टरों में UPI पेमेंट की लागत को ज्यादा बढ़ने से रोकना है.

नया MDR फ्रेमवर्क या नया चार्ज 15 अक्टूबर, 2026 से लागू हो जाएगा. इससे पहले बैंकों, पेमेंट एग्रीगेटर्स, फिनटेक ऐप्स और कंपनियों को अपने सॉफ्टवेयर, बिलिंग सिस्टम और पेमेंट प्लेटफॉर्म को नए नियमों के हिसाब से अपडेट करने का समय मिलेगा.

क्या मर्चेंट ग्राहकों से वसूलेंगे चार्ज?

अब एक चर्चा इस बात की भी हो रही है कि भले ही ये पूरी व्यवस्था मर्चेंट से चार्ज वसूली के लिए हो, मगर मर्चेंट इन चार्जेस को ग्राहकों के ऊपर डाल सकते हैं. इस सवाल के जवाब में NPCI का कहना है कि ऐसा नहीं हो सकता. UPI के जरिए पेमेंट स्वीकार करने वाला मर्चेंट MDR का चार्ज ग्राहक से अलग से नहीं ले सकता. यानी ग्राहक को वही कीमत चुकानी होगी, जो सामान या सर्विसेज के लिए पहले से तय और दिखाई गई है. MDR का खर्च ग्राहक के बिल में अलग से नहीं जोड़ा जा सकता.

शेयर मार्केट में UPI पेमेंट पर भी चार्ज

अब एक सवाल आता है कि शेयर मार्केट में अगर हम शेयरों में ट्रेड करते हैं, म्यूचुअल फंड्स में निवेश करते हैं, ब्रोकर्स को पेमेंट करते हैं, तो क्या तब भी MDR लगेगा. तो इसका जवाब है हां, NPCI ने बताया है कि म्यूचुअल फंड्स, सिक्योरिटीज, स्टॉक ब्रोकर्स और डीलर्स जैसे कैपिटल मार्केट ट्रांजैक्शन के लिए UPI पर MDR की दर 0.02% तय की गई है. हालांकि, इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन होगी.

जैसे मान लीजिए कि अगर कोई निवेशक 1 लाख रुपये का पेमेंट करता है, तो 0.02% के हिसाब से MDR 20 रुपये होगा. वहीं, बहुत बड़े ट्रांजैक्शन पर भी MDR 300 रुपये से ज्यादा नहीं लिया जाएगा.

ये 0.02% MDR निवेशक से अलग से नहीं लिया जाएगा. यह चार्ज उस मर्चेंट/एंटिटी पर लागू होगा, जिसे UPI के जरिए पेमेंट मिल रहा है.जैसे म्यूचुअल फंड कंपनी, स्टॉक ब्रोकर या फिर कोई इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म.

इंश्योरेंस प्रीमियम के UPI पेमेंट पर भी चार्ज

अगर आप UPI के जरिए 2,000 रुपये से ज्यादा का इंश्ंयोरेंस प्रीमियम भरते हैं, तो इस पर 0.4% का MDR लागू नहीं होगा. बल्कि हर ट्रांजैक्शन पर 5 रुपये का फ्लैट MDR तय किया गया है. यानी अगर आपने 50,000 रुपये का बीमा प्रीमियम UPI से भरा है, तब भी MDR इस स्पेशल कैटेगरी में फ्लैट 5 रुपये ही लगेगा.
ये चार्ज बीमा पॉलिसीधारक से अलग से नहीं लिया जा सकता, MDR मर्चेंट यानी बीमा कंपनी ही ये चार्ज देगी.

स्कूल, कॉलेज की फीस पर भी MDR

स्कूल की फीस, कॉलेज या यूनिवर्सिटी की फीस और एंट्रेंस एग्जाम की फीस को एक अलग कैटेगरी में रखा गया है. NPCI के मुताबिक 2,000 रुपये तक के पेमेंट पर कोई MDR नहीं लगेगा. मगर 2,000 से ज्यादा की फीस के पेमेंट पर सामान्य 0.4% MDR के बजाय इस कैटेगरी के लिए तय फ्लैट फीस स्ट्रक्चर या अधिकतम सीमा वाला MDR लागू होगा. यानी बड़ी फीस के पेमेंट पर भी प्रतिशत के हिसाब से बहुत ज्यादा चार्ज नहीं लगेगा. ये MDR छात्र या अभिभावक से अलग से नहीं लिया जा सकता. ये फीस लेने वाले स्कूल, कॉलेज की तरफ से लिया जाएगा.

MDR की कैलकुलेशन कैसे होगी

ये तो साफ है कि 2,000 रुपये तक के UPI पेमेंट पर कोई MDR नहीं लगेगा. 2,000 रुपये से ऊपर के पेमेंट पर 0.4% की दर से MDR कैलकुलेट होगा, लेकिन इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन तय की गई है.

जैसे कि अगर कोई ग्राहक 5,000 रुपये का पेमेंट करता है, तो 0.4% के हिसाब से MDR 20 रुपये होगा. 10,000 रुपये पर 40 रुपये, 12,000 रुपये पर 0.4% के हिसाब से MDR 48 रुपये होगा.

मगर, ट्रांजैक्शन 1,00,000 रुपये का है, तो 0.4% के हिसाब से MDR 400 रुपये बनता है, मगर NPCI ने 75,000 रुपये पर 300 रुपये का कैप लगा दिया है. इसलिए इसके ऊपर कितना भी पेमेंट हो, चार्ज सिर्फ 300 रुपये ही लगेगा.

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