साल 2026 में छंटनियों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. टेक, ऑटो,बैंकिंग और से लेकर तकरीब हर सेक्टर में छंटनियां जारी हैं. नया मामला ऑटो दिग्गज Volkswagen और Adidas India में छंटनियों का है. जबकि Oracle India में एक बार फिर से छंटनियों का सिलसिला शुरू हो गया है. हालांकि हर कंपनी में छंटनी की वजह एक जैसी नहीं है. कहीं बिजनेस रीस्ट्रक्चरिंग है, तो कहीं टेक्नोलॉजी आॉर्गनाइजेशन को बदला जा रहा है. ये छंटनियां क्यों की जा रही हैं, कितने लोगों पर इसका असर पड़ेगा. इस रिपोर्ट में पढ़िए
Volkswagen में 1 लाख की होगी छंटनी!
जर्मनी की दिग्गज कार कंपनी Volkswagen अपने 89 साल के इतिहास में सबसे बड़ी छंटनी करने जा रही है. कंपनी ने 18 सितंबर, शुक्रवार को 2026 के प्रॉफिट आउटलुक में बड़ी कटौती की और बताया कि उसे करीब 10 बिलियन यूरो यानी करीब $11.5 बिलियन डॉलर के एकमुश्त खर्च का सामना करना पड़ेगा. इसमें Porsche से जुड़े नुकसान, रीस्ट्रक्चरिंग और छंटनियों की लागत शामिल हैं, जो पहले से ही तय हैं. खबर के बाद Volkswagen के शेयर करीब 5.6% गिर गए.
दरअसल, Volkswagen ने 3 सितंबर 2026 को अपने सबसे बड़े रीस्ट्रक्चरिंग प्लान को मंजूरी दी थी, इसके तहत कंपनी दुनिया भर में करीब 50,000 और नौकरियों की छंटनी करने की योजना बना रही है. ये उन करीब 50,000 जॉब्स के अलावा हैं, जिनमें कटौती पहले से चल रही है. यानी रीस्ट्रक्चरिंग के तहत कुल जॉब कटौतियों का आंकड़ा 1 लाख के करीब पहुंच गया है. कंपनी की 2025 सालाना रिपोर्ट के मुताबिक 31 दिसंबर 2025 तक कुल वर्कफोर्स 6,62,942 है, यानी छंटनियां कुल वर्कफोर्स का करीब 15% हैं.
छंटनी की वजह
इतनी बड़ी छंटनी के पीछे वजह भी काफी बड़ी है. सबसे बड़ी चुनौती चीन का कमजोर बाजार है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक Volkswagen के CFO Arno Antlitz ने कहा है कि चीन का ऑटो मार्केट करीब 20% सिकुड़ गया है. इसके अलावा चीन की कार कंपनियां अब यूरोप में भी तेजी से अपना मार्केट शेयर बढ़ा रही हैं. वहीं अमेरिका के टैरिफ ने भी Volkswagen की लागत और कारोबार पर दबाव बढ़ाया है.
कंपनी को इलेक्ट्रिक कारों की तरफ बढ़ती डिमांड से भी भारी चुनौती मिल रही है. कंपनी खुद कह रही है कि ग्राहकों की डिमांड तेजी से इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तरफ शिफ्ट हो रही है, लेकिन इन गाड़ियों में प्रॉफिट मार्जिन फिलहाल कम है, इससे कंपनी की कमाई पर दबाव पड़ रहा है.
Adidas India में बड़ी छंटनी
स्पोर्ट्सवियर कंपनी Adidas ने अपनी इंडिया टेक्नोलॉजी ऑर्गनाइजेशन में में छंटनी की पुष्टि की है. कंपनी ने कहा है कि भारत के टेक्नोलॉजी वर्कफोर्स के कम से कम 20% कर्मचारियों पर इसका असर पड़ेगा. हालांकि कंपनी ने ये नहीं बताया है कि कर्मचारियों की संख्या क्या है, जिनकी छंटनी हुई है. हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में गुरुग्राम के इंडिया टेक हब में करीब 350 या उससे ज्यादा कर्मचारियों पर इसका असर पड़ने की बात कही गई है. हालांकि ये सिर्फ मीडिया के हवाले से है, कंपनी की ओर से इस पर कोई टिप्पणी ये पुष्टि नहीं है. रिपोर्ट्स के मुताबिक छंटनी का दायरा काफी बड़ा है. कई तरह के रोल इसमें शामिल हैं, जैसे कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स, डेटा साइंटिस्ट और डेटा इंजीनियर्स.
छंटनी की वजह
Adidas का कहना है कि वो ऑर्गनाइजेशन का सरलीकरण करना चाहते हैं. मतलब कंपनी अपनी टेक्नोलॉजी टीम का ढांचा बदल रही है. कंपनी कुछ रोल्स को हटाकर टीम को छोटा और कम जटिल बनाना चाहती है, जबकि जिन टेक्नोलॉजी स्किल्स को वो अपने भविष्य के लिए ज्यादा जरूरी मानती है, उनमें ज्यादा फोकस और निवेश करना चाहती है.
Oracle India में 3,000 नौकरियों पर संकट
अमेरिकी टेक दिग्गज Oracle ने भारत में एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी शुरू कर दी है. Economic Times की 16 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, Oracle India के करीब 10% वर्कफोर्स यानी लगभग 3,000 कर्मचारियों पर इस नए ले-ऑफ राउंड का असर पड़ेगा. हालांकि कंपनी ने इस महीने की छंटनियों को लेकर कोई आधिकारिक संख्या नहीं बताई थी. ET ने ये आंकड़ा इंडस्ट्री एक्सपर्ट के अनुमानों पर रिपोर्ट किया है. इस नई छंटनी के बाद Oracle India का वर्कफोर्स 30,000 से घटकर 27,000 रह सकता है.
