सोने और चांदी की कीमतों (Gold Silver Prices Today) में आज यानी 21 सितंबर, 2026 को भारी गिरावट दिख रही है. घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही बाज़ारों में सोना वायदा करीब 1% कमजोर है. अब सवाल ये है कि फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाने के बावजूद जब सोना नहीं टूटा, बल्कि मज़बूत हुआ. तो अब कौन से फैक्टर्स हैं जो सोने पर दबाव बना रहे हैं.
सोने की कीमतों में गिरावट
MCX पर सोने का अक्टूबर वायदा 21 सितंबर को 1,300 रुपये प्रति 10 ग्राम तक टूट गया, प्रतिशत में ये 0.86% होता है. पिछले सेशन में शुक्रवार को सोना वायदा 154381 पर बंद हुआ था, आज ये 1,53,050 रुपये प्रति 10 ग्राम तक लुढ़क गया. चांदी का दिसंबर वायदा भी 0.85% टूटा है और ये 2.40 लाख रुपये प्रति किलो के नीचे फिसल गया है.
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी सोना वायदा करीब 0.75% गिरकर 4,400 डॉलर प्रति आउंस के नीचे फिसल गया है. जबकि स्पॉट गोल्ड 0.7% गिरकर 4,348.83 डॉलर प्रति आउंस पर आ गया. हालांकि पिछले हफ्ते सोने का प्रदर्शन थोड़ा पॉजिटिव था. फेडरल रिजर्व के ब्याज दर बढ़ाने के बाद अमेरिकी अर्थव्यवस्था की तस्वीर कुछ साफ हुई, जिससे ट्रेजरी यील्ड नीचे आई. इसके बावजूद आज सोना फिसल गया.
बुलियन मार्केट में क्या है रेट
बुलियन मार्केट में रेट के लिए हम IBJA की वेबसाइट को देख सकते हैं. इसे हम इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के बेंचमार्क गोल्ड रेट” कह सकते हैं. यहां पर 21 सितंबर को गोल्ड ज्वेलरी के लिए इंडिकेटिव रिटेल सेलिंग रेट्स दिए गये हैं. आज कीमतों में हल्की गिरावट है.
- 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,53,060 रुपये प्रति 10 ग्राम है
- 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,49,380 रुपये प्रति 10 ग्राम है
- 20 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,36,220 रुपये प्रति 10 ग्राम है
सोने की कीमतों में क्यों आ रही है गिरावट
सोने की कीमतों में गिरावट की कई वजहे हैं. सबसे बड़ी वजह है ट्रंप और जिनपिंग की मुलाकात. दरअसल, अमेरिका और चीन के बीच होने वाली बातचीत से पहले निवेशक सतर्क हैं, जबकि मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ रहा है. इसका असर निवेशक सोने की कीमतों पर देख रहे हैं.
जिनपिंग-ट्रंप की मुलाकात पर नज़र
इस हफ्ते बाजार का पूरा फोकस अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की वॉशिंगटन में होने वाली बैठक पर है. ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में शी का ये पहला शीर्ष स्तर का राजकीय दौरा है. इससे पहले इसी साल दोनों नेताओं की बीजिंग में मुलाकात हो चुकी है.
बातचीत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ट्रेड टैरिफ जैसे मुद्दे सबसे ऊपर रहने की उम्मीद है. दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के रिश्ते टैरिफ की वजह से अब भी तनावपूर्ण हैं. दोनों के बीच चल रही टैरिफ की अस्थायी राहत भी नवंबर में खत्म होने वाली है.
हूती हमलों के बीच मिडिल ईस्ट में तनाव
मिडिल ईस्ट का तनाव भी बाजार पर असर डाल रहा है. ईरान समर्थित यमन के हूती समूह ने वीकेंड में सऊदी अरब पर और हमले किए. हालांकि न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और हूती के बीच सीजफायर जारी है और ट्रंप ने यमन पर सऊदी हमलों में शामिल होने से इनकार कर दिया.
इसके बावजूद वीकेंड में वॉशिंगटन और तेहरान के बीच धमकियों का सिलसिला चलता रहा, क्योंकि कई रिपोर्ट्स में ईरान पर अमेरिकी हमले के जल्द होने का दावा किया गया था. इसी बीच ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि वो इस हफ्ते न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात के लिए तैयार हो सकते हैं. Fox के रिपोर्टर से कही गई इस बात के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई और निवेशकों की जोखिम लेने की इच्छा थोड़ी बढ़ी.
उधर ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें नहीं मानता, वो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दोबारा नहीं खोलेगा और बातचीत भी शुरू नहीं करेगा. इन शर्तों में सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना, फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियां छोड़ना और ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसेना नाकेबंदी हटाना शामिल है. वहीं ट्रंप ने कहा है कि वो ईरान युद्ध पर “फैसला लेने के मोड” में हैं और आने वाले समय में बड़ी चीजें होने वाली हैं. इससे भू-राजनीतिक जोखिम बना हुआ है.
डॉलर और बॉन्ड यील्ड मज़बूत
फेडरल रिजर्व के सख्त रुख से सुरक्षित मानी जाने वाली अमेरिकी डॉलर को भी सहारा मिला है. तीन साल से ज्यादा समय बाद पहली बार ब्याज दर बढ़ाने के बाद फेड के डॉट प्लॉट में इस साल एक और बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं. ये सोने पर दबाव डालने वाला बड़ा कारण है.
हालांकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड कई सालों के ऊंचे स्तर से नीचे आई है, जिससे डॉलर के खरीदार बड़ा दांव लगाने से कतरा रहे हैं और सोने में और बड़ी गिरावट सीमित रह सकती है.
पिछले हफ्ते अमेरिका की 10 साल की बॉन्ड यील्ड अब भी 4.974% पर है. डॉलर इंडेक्स में आज मजबूती दिख रही है. दोपहर 12:30 बजे तक ये 100.040 पर था. ये दोनों भी सोने की कीमतों पर दबाव डाल रहे हैं.

