Jio Platforms IPO: इस महीने के आखिर में आएगा IPO! ₹12 लाख करोड़ होगा वैल्युएशन

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Jio Platforms IPO: India’s Biggest Public Issue May Hit the Market Soon; Check Key Details

रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के IPO का इंतजार अब जल्द खत्म हो सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स ने बैंकिंग सूत्रों के हवाले से बताया है कि कंपनी अक्टूबर के अंत तक शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है. बाजार में जियो प्लेटफॉर्म्स की एंटरप्राइज वैल्यू 143–146 बिलियन डॉलर आंकी जा रही है यानी करीब 12 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा.

अगर कंपनी इस वैल्युएशन के आस-पास भी लिस्ट होती है तो जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO देश का सबसे बड़ा IPO होगा. सूत्रों के मुताबिक IPO का साइज़ करीब 3.8 बिलियन यानी लगभग 33,000 करोड़ रुपये हो सकता है. हालांकि, अभी कंपनी की ओर से IPO की अंतिम तारीख, प्राइस बैंड और इश्यू साइज की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

23 अक्टूबर से पहले खुल सकता है IPO

Jio Platforms ने अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, हांगकांग और सिंगापुर में संभावित निवेशकों के साथ ओवरसीज रोडशो पूरा कर लिया है. इन रोडशो में Jio Platforms के मैनेजिंग डायरेक्टर और जियो प्लेटफॉर्म्स के चेयरमैन आकाश अंबानी और Reliance Retail Ventures की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने हिस्सा लिया.

अब कंपनी की नजर घरेलू निवेशकों पर है. बैंकिंग सूत्रों के मुताबिक, 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले हफ्ते में कंपनी SEBI के पास IPO के अंतिम दस्तावेज दाखिल कर सकती है. इसके बाद भारत में भी रोडशो होने की उम्मीद है.

सूत्रों के अनुसार, दशहरे से पहले एंकर निवेशकों के लिए शेयर आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है और दशहरे के बाद, लेकिन 23 अक्टूबर से पहले IPO आम निवेशकों के लिए खुल सकता है. अगर ये टाइमलाइन बनी रहती है तो महीने के अंत तक Jio Platforms की शेयर बाजार में लिस्टिंग भी हो सकती है.

Jio Platforms IPO में क्या होगा?

Jio Platforms के ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक कंपनी IPO में 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना बना रही है. ये शेयर कंपनी के IPO के बाद की कुल इक्विटी का करीब 2.9% होंगे. कंपनी ने जून में IPO के ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए थे और SEBI ने 28 अगस्त को अंतिम ऑब्जर्वेशन जारी कर दिए थे. इसका मतलब है कि IPO की रेगुलेटरी प्रक्रिया तो आगे बढ़ चुकी है.

सूत्रों के मुताबिक विदेशों में रोडशो के दौरान निवेशकों की दिलचस्पी को देखते हुए कंपनी को 143–146 बिलियन डॉलर की शुरुआती एंटरप्राइज वैल्यू मिल सकती है. हालांकि, ये ध्यान रखना जरूरी है कि ये अभी बाजार और बैंकिंग सूत्रों का अनुमान है. अंतिम वैल्युएशन और IPO का प्राइस बैंड आधिकारिक दस्तावेजों में ही साफ होगा.

Jio Platforms करती क्या है?

Jio Platforms सिर्फ एक टेलीकॉम कंपनी नहीं है. ये रिलायंस इंडस्ट्रीज के डिजिटल कारोबार का प्रमुख प्लेटफॉर्म है और इसके अंदर रिलायंस जियो इंफोकॉम का टेलीकॉम कारोबार आता है. कंपनी ने टेलीकॉम नेटवर्क के आधार पर अपना कारोबार क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एंटरप्राइज नेटवर्क जैसी डिजिटल सेवाओं तक भी बढ़ाया है.

जून 2026 तक रिलायंस जियो इंफोकॉम रिलायंस जियो इंफोकॉम के पास मोबाइल कनेक्शन में करीब 39.29% बाजार हिस्सेदारी और 50.6 करोड़ ग्राहक थे. फिक्स्ड-लाइन कनेक्शन में भी इसकी करीब 32.89% हिस्सेदारी थी और ग्राहक संख्या करीब 15.79 करोड़ थी.

18 साल बाद आएगा रिलायंस का कोई IPO

जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO रिलायंस ग्रुप के लिए भी खास है. 2008 के बाद ये रिलायंस ग्रुप की पहली बड़ी पब्लिक ऑफरिंग होगी. इसके साथ ही ये ग्रुप के किसी कंज्यूमर फोकस्ड बिजनेस का पहला IPO भी होगा.

यही वजह है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO सिर्फ एक और IPO नहीं है. एक तरफ ये भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है, वहीं दूसरी तरफ इसके जरिए निवेशकों को रिलायंस के तेजी से बढ़ते डिजिटल और टेलीकॉम कारोबार में सीधे निवेश करने का मौका मिलेगा.

मेटा और गूगल ने लगाया है दांव

जियो प्लेटफॉर्म्स को IPO से पहले ही दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी और निवेश कंपनियों का भरोसा मिल चुका है. 2020 में मेटा ने ₹43,574 करोड़ निवेश करके जियो प्लेटफॉर्म्स में 9.99% हिस्सेदारी खरीदी थी. जबकि गूगल ने ₹33,737 करोड़ निवेश करके 7.73% हिस्सेदारी ली थी.

इसके अलावा सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी पार्टनर्रस, जेनरिक एटलांटिक KKR, Mubadala, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, TPG, L Catterton, इनटेल कैपिटल और Qualcomm Ventures जैसे निवेशकों ने मिलकर करीब ₹74,745 करोड़ का निवेश किया था. इन निवेशकों की कुल हिस्सेदारी करीब 15.2% थी

ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की करीब 66.4% हिस्सेदारी है, जबकि मेटा और गूगल की ज्वाइंट हिस्सेदारी करीब 17.7% है.

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