ब्याज दर बढ़ने की आशंकाओं और महंगाई के दबाव से सोना इस वक्त जूझ रहा है. सोना जो महंगाई के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, इस वक्त उसे ही लेकर फैसला करना मुश्किल है कि इसमें निवेश कब किया जाए. इस साल की शुरुआत में कॉमेक्स पर सोना वायदा 5,600 डॉलर प्रति आउंस पर था, अब 4200 डॉलर प्रति आउंस के इर्द-गिर्द झूल रहा है. अब सवाल यही है कि क्या सोने इससे भी नीचे जा सकता है, क्या सोना 4,000 डॉलर के नीचे जा सकता है और अगर हां, तो क्या ये निवेश का मौका होगा या फिर निवेश बचाने का मौका.
सोने की गिरावट निवेश का मौका: जेफरीज
भले ही सोना इस साल की ऊंचाई से काफी नीचे फिसल चुका हो, मगर ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) का मानना है कि सोने की कीमतों में आने वाली छोटी अवधि की कमजोरी निवेश का अच्छा मौका दे सकती है. जेफरीज का मानना है कि अगले साल तक सोने की कीमतों में तेजी बनी रहेगी, जिससे सोने की माइनिंग से जुड़ी कंपनियों को भी फायदा मिल सकता है.
जेफरीज के एनालिस्ट कहते हैं कि ऊर्जा की लागत बढ़ने के बावजूद माइनिंग कंपनियों के लिए तीसरी तिमाही के नतीजे ठीक रहने की उम्मीद है. इसकी वजह ये है कि उत्पादन से जुड़ी दूसरी लागतों पर दबाव अब तक सीमित रहा है. एनालिस्ट्स ने कहा कि बॉन्ड पर बढ़ती यील्ड सोने की कीमतों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है. जब बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न बढ़ता है, तो सोने जैसे निवेश पर आकर्षण कम हो सकता है, क्योंकि सोना अपने आप में ब्याज नहीं देता. इसके बावजूद, जेफरीज लॉन्ग टर्म में सोने को लेकर पॉजिटिव बना हुआ है.
$5,000 तक जाएगा सोना
जेफरीज का कहना है कि शॉर्ट टर्म में ब्याज दरों के दबाव के बावजूद सोना मजबूती दिखा रहा है, हम 2027 के लिए सोने का 5,000 डॉलर प्रति आउंस का अपना अनुमान बरकरार रखकर चल रहे हैं. हमारा मानना है कि अमेरिका लंबे समय तक बहुत ऊंची बॉन्ड यील्ड को बर्दाश्त नहीं कर सकता. सोनो की कीमतों में अभी शॉर्ट टर्म की उठापटक अच्छी क्वालिटी वाली गोल्ड कंपनियों में निवेश का मौका दे सकती है.
हालांकि, जेफरीज ने शॉर्ट टर्म के लिए सोने में अपने अनुमान में कटौती की है. उसने चौथी तिमाही में सोने की औसत कीमत का अनुमान 4,600 डॉलर से घटाकर 4,400 डॉलर प्रति आउंस कर दिया है. इसके अलावा, 2026 के पूरे साल के लिए अनुमान 4,595 डॉलर से घटाकर 4,511 डॉलर प्रति आउंस कर दिया है.
इन कटौतियों के पीछे जेफरीज का कहना है कि ब्याज दरें बढ़ रही हैं, यानी फिलहाल सोने की कीमतों पर दबाव रह सकता है, फिर भी लंबी अवधि में सोने की तेजी जारी रहेगी और 2027 में इसकी कीमत 5,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है.
ऐसे मिलेगा सोने की कीमतों का सहारा
लॉन्ग टर्म में सोने की कीमतों को सहारा कैसे मिलेगा, इसके पीछे क्या तर्क है? जेफरीज का कहना है कि अमेरिका में सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न 24 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बावजूद सोने की कीमतों में मजबूती बनी हुई है. जेफरीज का सवाल है कि अमेरिका की इकोनॉमी और सरकार आखिर कब तक ऊंची ब्याज लागत का बोझ उठा पाएगी.
अमेरिकी सरकार का सालाना बजट घाटा करीब 2 लाख करोड़ डॉलर है, जो देश की GDP का लगभग 6% है. वहीं, सरकार को अपने कर्ज पर हर साल 1 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ रहा है. कर्ज और ब्याज का ये बढ़ता बोझ अमेरिकी सरकार बहुत समय तक अपने ऊपर लेकर नहीं चल सकती है, इसलिए आगे चलकर सरकार को उधारी की लागत कम करने के लिए कुछ न कुछ उपाय तो करने होंगे. इससे सोने की कीमतों को सहारा मिल सकता है.
जमकर सोना खरीद रहा चीन
दूसरी ओर दुनिया भर के सेंट्रल बैंक्स जमकर सोने की खरीदारी कर रहे हैं, ये वजह सोने को सपोर्ट करती है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के मुताबिक, चीन के सेंट्रल बैंक ने सितंबर में अपने सोने के भंडार में 23 टन की बढ़ोतरी की. वहीं, चीन के गोल्ड ETF में भी निवेश जारी रहा और सितंबर में इनमें 11 टन सोना जुड़ा. इससे तीसरी तिमाही में गोल्ड ETF की कुल होल्डिंग 27 टन बढ़ गई. WGC में चीन के रिसर्च हेड रे जिया के मुताबिक, सितंबर में सोने की कीमतों में गिरावट के बावजूद पूरी तीसरी तिमाही में सोने की कीमत बढ़त में रही.
रे जिया ने बताया कि सितंबर में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 8.5% और चीन के बाजार में चीनी मुद्रा युआन के हिसाब से 5.5% गिर गई. इसकी वजह रही अमेरिकी बॉन्ड पर बढ़ता रिटर्न और डॉलर में मजबूती. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त पॉलिसी से बॉन्ड यील्ड बढ़ी, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव पड़ा. हालांकि, चीन में हाल के त्योहारों और छुट्टियों के दौरान कीमतें घटने से सोने की ज्वेलरी, बार और सिक्के खरीदने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी.
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से है. इसमें दिए गए सोने की कीमतों के अनुमान और बाजार संबंधी विचार विभिन्न विश्लेषकों और वित्तीय संस्थानों की रिपोर्ट पर आधारित हैं. इन्हें निवेश की सलाह न समझें. सोने में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है और इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव हो सकता है. निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें और अपने जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार निर्णय लें.

