अदाणी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) ने अपने QIP (Qualified Institutional Placement) का साइज 10,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 15,000 करोड़ रुपये कर दिया है. क्योंकि QIP को लेकर निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स देखने को मिला है. गुरुवार को लॉन्च हुए ऑफर को निवेशकों की तरफ से 38,000 करोड़ रुपये की बोलियां मिली हैं, जो कि बेस ऑफर का 3.8 गुना है.
गुरुवार को अदाणी एंटरप्राइजेज ने शेयर बिक्री को लॉन्च किया, जिसमें संस्थागत निवेशकों को 2,883 प्रति शेयर के भाव पर करीब 3.47 करोड़ शेयर ऑफर किए गए. इसमें ऑफरिंग के साइज को बढ़ाने का ऑप्शन भी शामिल था. ये इंडिकेटिव प्राइस, गुरुवार को शेयर के क्लोजिंग प्राइस 3,177.50 से करीब 9.27% डिस्काउंट पर था और SEBI के फ्लोर प्राइस 3,034.68 से 5% डिस्काउंट पर था.
48 घंटे में ही पूरा सब्सक्राइब
सूत्रों के मुताबिक डिमांड इतनी ज्यादा थी कि रोड शो शुरू होने के सिर्फ 48 घंटों के अंदर ही इसने 15,000 करोड़ रुपये के बढ़े हुए साइज़ को भी कवर कर लिया. कई निवेशकों ने जितनी हिस्सेदारी मांगी थी, उन्हें उससे कम अलॉटमेंट मिला. ये QIP अदाणी एंटरप्राइजेज की ओर से पिछले एक साल में बड़े पैमाने पर इक्विटी के जरिए फंड जुटाने का दूसरी बड़ी कोशिश है. इससे पहले
राइट्स इश्यू के जरिए 25,000 करोड़ रुपये जुटाए थे, जिसके तहत 1,800 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 13.85 करोड़ शेयर जारी किए गए थे.
इस सब्सक्रिप्शन में घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की हिस्सेदारी 65% रही, जबकि बाकी 35% हिस्सेदारी ग्लोबल इन्वेस्टर्स की थी. इस शेयर बिक्री में निवेश करने वालों में कैपिटल ग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, ब्लैकरॉक, ब्लैकस्टोन और नोमुरा जैसे ग्लोबल एसेट मैनेजर्स और वित्तीय संस्थान शामिल थे, जबकि घरेलू निवेशकों में HDFC यूचुअल फंड, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, कोटक म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, SBI म्यूचुअल फंड और टाटा म्यूचुअल फंड शामिल थे.
कहां होगा पैसों का इस्तेमाल?
QIP से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल अदाणी एंटरप्राइजेज अपने कई बिजनेसेज के कैपेक्स को पूरा करने में करेगी. इसमें एक पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) प्लांट का निर्माण और एक रोड प्रोजेक्ट
के लिए कंसेशन फीस का पेमेंट शामिल है. कंपनी अपने इनक्यूबेशन बिजनेसेज को ग्रोथ को बढ़ाने के लिए भी इन पैसों का इस्तेमाल करेगी. इसके अलावा, सोलर एनर्जी, एयरपोर्ट और कॉपर बिजनेसेज के कर्जों को कम करने में भी पैसों का इस्तेमाल होगा.
अदाणी एंटरप्राइजेज, अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप इनक्यूबेटर है, यानी नए-नए बिज़नेसेस को विकसित करती है. जिसका फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर और नए उभरते औद्योगिक क्षेत्रों पर है. इसके मुख्य कामों में एयरपोर्ट मैनेजमेंट, सोलर मैन्युफैक्चरिंग, रोड और रेल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर्स, डिफेंस और एयरोस्पेस, ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम और माइनिंग सर्विसेज शामिल हैं.
QIP क्या होता है?
जब शेयर बाज़ार में लिस्ट किसी कंपनी को पूंजी की जरूरत होती है, तो उसके पास बाज़ार से पैसा जुटाने के कई रास्ते होते हैं. वो बाज़ार से कर्ज ले सकती है, FPO या राइट्स इश्यू ला सकती है.
लेकिन एक और रास्ता भी होता है, जो इन सबसे सरल होता है, QIP – Qualified Institutional Placement. इसमे पेपरवर्क भी कम होता है और वक्त भी कम लगता है.
QIP किसको जारी किया जाता है?
इसमें कंपनी नए शेयर जारी करती है, लेकिन ये शेयर आम निवेशकों को नहीं जारी होते, बल्कि केवल बड़े संस्थागत निवेशकों को जारी किए जाते हैं. जैसे म्यूचुअल फंड, इंश्योरेंस कंपनियां, विदेशी संस्थागत निवेशक, बैंक और पेंशन फंड शामिल होते हैं.
कंपनियां QIP क्यों लाती हैं?
कंपनी को कई कामों के लिए पैसों की ज़रूरत होती है. जैसे नया प्लांट लगाना हो, किसी कंपनी का अधिग्रहण करना हो, कर्ज घटाना हो या फिर भविष्य के किसी काम के लिए पूंजी की जरूरत हो. QIP के जरिए फंड तुरंत जुटा सकती है. यह तरीका FPO या राइट्स इश्यू के मुकाबले में तेज और कम जटिल माना जाता है.
