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Bank Strike: आज ही निपटा लें बैंक का जरूरी काम; 11 सितंबर से कर्मचारियों की हड़ताल! 3-4 दिन तक बैंकिंग सेवाएं रह सकती हैं प्रभावित

sureofficialmedia_admin
Last updated: September 10, 2026 12:03 pm
sureofficialmedia_admin
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6 Min Read

अगर आपका कोई बैंक का काम है तो आज ही निपटा लें, क्योंकि हो सकता है कि अगले 3-4 दिन तक बैंकिंग सेवाएं बंद रहें. क्योंकि शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को देशभर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का ऐलान किया गया है. इसके बाद 12 सितंबर को दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार है, यानी इन दोनों ही दिन बैंक बंद रहेंगे. ऐसे में कई जगहों पर बैंकिंग सेवाएं लगातार तीन दिन तक बंद रह सकती हैं. इसके अलावा 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी की वजह से कुछ राज्यों में बैंक की छुट्टी है. यानी कुछ राज्यों में बैंक चार दिन तक बंद रह सकते हैं. इसलिए बैंक जाने से पहले ये जरूर पता कर लें कि आपका बैंक खुला है या नहीं.

Contents
हड़ताल पर क्यों जा रहे हैं बैंक कर्मचारी?PLI स्कीम को लेकर भी नाराजगीबैठकों का दौर, हल कुछ नहीं11 सितंबर के बाद भी खत्म नहीं होगा आंदोलनबैंक ग्राहकों के अलर्ट

हड़ताल पर क्यों जा रहे हैं बैंक कर्मचारी?

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने ये हड़ताल बुलाई है. UFBU ने अपनी मांगों को लेकर चार सूत्रीय चार्टर दिया है, इसमें सबसे जरूरी मांग 5-डे बैंकिंग वीक लागू करने की है, यानी हफ्ते में 5 दिन कामकाजी दिन होना चाहिए. बैंक यूनियनों का कहना है कि मार्च 2024 में हुए समझौते में शनिवार को छुट्टी घोषित करने की व्यवस्था पर सहमति बनी थी. इसके बदले कर्मचारियों के सोमवार से शुक्रवार तक के कामकाजी समय में रोजाना करीब 40 मिनट की बढ़ोतरी पर सहमति बनी थी.

Conciliation meeting by Dy. CLC yesterday
Meeting by Joint Secretary, DFS, MoF today
Conciliation meeting by CLC today
But no concrete and positive outcome on 5 Days Banking Hence March on to 11th September Strike#UFBU #AIBEA pic.twitter.com/WHXz9LhIi4

— AIBEA: All India Bank Employees' Association (@AIBEAofficial) September 10, 2026

यूनियनों के मुताबिक इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय के पास भेजा जा चुका है, लेकिन दो साल से ज्यादा समय बीतने के बावजूद इस पर फैसला नहीं हुआ है. UFBU का आरोप है कि सरकार और बैंक मैनेजमेंट की तरफ से दिए गए आश्वासन पूरे नहीं हुए हैं. इसी वजह से कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है.

PLI स्कीम को लेकर भी नाराजगी

सिर्फ 5-डे वर्किंग के अलावा, बैंक यूनियनों की दूसरी बड़ी शिकायत परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम को लेकर है. यूनियनों का आरोप है कि वित्तीय सेवा विभाग यानी DFS की तरफ से तय की गई मौजूदा PLI व्यवस्था में कर्मचारियों के बीच बड़ा अंतर पैदा हो रहा है. उनका कहना है कि करीब 5% कर्मचारियों को मिलने वाला इंसेंटिव बाकी 95% कर्मचारियों को दिए जाने वाले कुल इंसेंटिव से काफी ज्यादा है.

बैंक यूनियंस इसे भेदभावपूर्ण व्यवस्था बता रही हैं और इसमें बदलाव की मांग कर रही हैं. बैंक अधिकारियों के लिए भी PLI स्कीम को लेकर आपत्ति जताई गई है. खास तौर पर स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए लागू व्यवस्था को लेकर यूनियनों का कहना है कि ये इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ हुई पिछली सहमति के मुताबिक नहीं हैं.

यूनियंस के मुताबिक, IBA के साथ हुई सहमति के तहत PLI को हर बैंक के ओवरऑल प्रदर्शन से जोड़ा जाना था और ये व्यवस्था स्केल VII तक के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों पर समान रूप से लागू होनी थी, लेकिन मौजूदा स्कीम में स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए अलग व्यवस्था किए जाने से यूनियंस नाराज हैं.

बैठकों का दौर, हल कुछ नहीं

11 सितंबर की हड़ताल से पहले सरकार और बैंक यूनियनों के बीच बातचीत का दौर भी चला, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है. UFBU के मुताबिक, 8 सितंबर को डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर के साथ मीटिंग हुई और 9 सितंबर को DFS और वित्त मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी के साथ बैठक हुई, हालांकि, यूनियनों का कहना है कि इन बैठकों से कोई ठोस हल नहीं निकल सका.

सरकार ने PLI के मामले में जरूर एक कदम उठाया है. DFS ने बताया कि स्केल IV से स्केल VIII के अधिकारियों के लिए 2025-26 की PLI स्कीम को फिलहाल रोक दिया गया है और इस पर IBA के साथ चर्चाएं की जाएंगी. साथ ही, 5-डे बैंकिंग वीक का मुद्दा अभी सरकार के पास पड़ा हुआ है.

सरकार और IBA ने इसी आधार पर UFBU से 11 सितंबर की हड़ताल टालने की अपील की है, लेकिन UFBU का कहना है कि 5-डे बैंकिंग वीक पर मार्च 2024 में सहमति बन चुकी है और अब इसके लागू करने में हो रही देरी को लेकर बैंक कर्मचारी नाराज हैं.

11 सितंबर के बाद भी खत्म नहीं होगा आंदोलन

UFBU ने सिर्फ 11 सितंबर की हड़ताल का ऐलान नहीं किया है, यूनियनों ने आगे की रणनीति भी घोषित कर दी है. 28 से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया गया है. ये समय बैंकों के हाफ-ईयरली क्लोजिंग के आसपास पड़ता है. इसके अलावा UFBU ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों का हल नहीं निकाला गया तो 26 अक्टूबर 2026 से लगातार अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जा सकती है.

बैंक ग्राहकों के अलर्ट

बैंकों की इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर बैंक के ग्राहकों पर ही पड़ेगा, उनकी जरूरी काम अटक सकते हैं. अगर आप भी बैंक ब्रांच में जाकर कोई जरूरी काम कराने वाले हैं, तो 11 सितंबर की तारीख को ध्यान में रखें, खास तौर पर कैश जमा या निकासी, चेक से जुड़े काम, बैंक ड्राफ्ट से जुड़े काम आज ही निपटा लें तो बेहतर होगा. हालांकि UPI, नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाओं पर हड़ताल का असर नहीं पड़ेगा, ये सुचारू रूप से चलती रहेंगी.

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