FASTag Portability: बैंक बदलेगा, FASTag नहीं! OneTag सर्विसेज शुरू; ये है स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

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FASTag Portability Explained: Change Your Bank Without Getting a New Tag; Step-by-Step Process

आप FASTag इस्तेमाल करते हैं और अपने FASTag से जुड़े बैंक की सर्विसेज से खुश नहीं है और उसको बदलना चाहते हैं, तो अब इसके लिए नया FASTag लेने की जरूरत नहीं होगी. क्योंकि नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी NHAI ने FASTag यूजर्स के लिए के लिए ‘OneTag’ नाम की पोर्टेबिलिटी सुविधा शुरू की है. इसके जरिए FASTag को वाहन से हटाए बिना उसका इश्यू करने वाला बैंक बदला जा सकेगा.

बैंक बदलेगा, FASTag नहीं.

‘OneTag’ सुविधा को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 11 सितंबर 2026 को मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में लॉन्च किया था. 17 सितंबर 2026 से ये सुविधा NHAI के Rajmargyatra Mobile App पर उपलब्ध हो गई है. यानी 18 सितंबर 2026 यानी आज से ही FASTag यूजर्स इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.

अभी क्या होता है?

अभी तक अगर किसी व्यक्ति को अपना FASTag बदलना होता था, तो उसे नए बैंक से लेना होता था. इसका मतलब था नया फिजिकल टैग लेना, पुरानी गाड़ी से पहले वाला टैग हटाना और फिर नए को गाड़ी विंडस्क्रीन पर दोबारा लगाना.

अब क्या होगा

OneTag इस पूरी प्रक्रिया को ही बदल देता है. अब FASTag को गाड़ी से निकालने की जरूरत नहीं होगी. बैंक बदलने के बाद भी वही फिजिकल FASTag आपकी गाड़ी पर चिपका रहेगा. FASTag की Tag ID और उससे जुड़ा गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर भी वही रहेगा, सिर्फ FASTag का जारीकर्ता बैंक बदल जाएगा.

यानी आसान भाषा में समझें तो ‘बैंक बदलेगा, FASTag नहीं.

OneTag से FASTag पोर्ट करेंगे, ये है स्टेप बाय स्टेप तरीका?

FASTag पोर्टेबिलिटी की प्रक्रिया NHAI के Rajmargyatra App के जरिए होगी. ऐप में यूजर्स को पोर्टेबिलिटी के लिए जरूरी स्टेप्स की जानकारी भी है.

  • सबसे पहले आपको राजमार्गयात्रा ऐप (Rajmargyatra App) डाउनलोड करके उसमें लॉग-इन करना होगा और अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर ये देखना होगा कि उसका FASTag पोर्टेबिलिटी के लिए एलिजिबल है या नहीं.
  • इसके बाद मौजूदा FASTag जारीकर्ता बैंक की तरफ से एक 6-डिजिट मोबाइल वेरिफिकेशन कोड यानी MVC मिलेगा. इस वेरिफिकेशन के जरिए यूजर की ऑथराइजेशन पूरी हो जाएगी.
  • वेरिफिकेशन के बाद यूजर को नया FASTag जारीकर्ता बैंक चुनना होगा. इसके बाद नए बैंक के साथ कस्टमर वेरिफिकेशन और वॉलेट ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी करनी होगी
  • जब ये पूरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो जाएगी, तो FASTag का जारीकर्ता बैंक बदल जाएगा, लेकिन वाहन पर लगा फिजिकल FASTag वही रहेगा.

FASTag पोर्टेबिलिटी के अलावा, Rajmargyatra App पर नेशनल हाईवे यूजर्स के लिए कई दूसरी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं. इनमें FASTag Annual Pass, FASTag Local Pass और National Highway Helpline 1033 जैसी सेवाएं शामिल हैं.

पुराने FASTag में जमा पैसे का क्या होगा?

यह सवाल FASTag यूजर्स के लिए काफी महत्वपूर्ण है. बैंक बदलने के बाद पुराने जारीकर्ता बैंक के पास मौजूद FASTag वॉलेट अपने आप नए बैंक में ट्रांसफर नहीं होगा. पोर्टेबिलिटी पूरी होने के बाद पुराना जारीकर्ता बैंक उस FASTag वॉलेट को बंद करेगा और बैलेंस को कुछ एडजस्टमेंट के बाद यूजर को रिफंड कर देगा

इसलिए बैंक बदलने से पहले अपने FASTag वॉलेट में बचे बैलेंस और किसी पेंडिंग ट्रांजैक्शन को जरूर ध्यान में रखें. अच्छा हो कि आप बैंक बदलने से पहले ही वॉलेट का सारा पैसा खर्च कर दें

कितनी बार FASTag पोर्ट कर सकते हैं?

FASTag पोर्टेबिलिटी अब लगातार और बार बार नहीं कर सकते. इसके लिए एक कूलिंग पीरियड भी रखा गया है. NHAI के मुताबिक, एक बार पोर्ट करने के बाद FASTag को दोबारा पोर्ट करने से पहले 6 महीने का कूलिंग पीरियड होगा. यानी आप बैंक बदलने के बाद तुरंत फिर से किसी दूसरे बैंक में FASTag पोर्ट नहीं कर सकते हैं.

इसका मतलब है कि नया जारीकर्ता बैंक चुनते समय यूजर्स क कुछ समय तक उसी बैंक की FASTag सर्विसेज इस्तेमाल करनी होगीं.

NPCI बदलेगा FASTag से जुड़े बैंक की जानकारी

OneTag की पोर्टेबिलिटी व्यवस्था में NPCI यानी नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की भी अहम भूमिका होगी. NPCI OneTag के लिए सेंट्रल टेक्नोलॉजी फ्रेमवर्क उपलब्ध कराएगा और NETC सिस्टम के भीतर FASTag को एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट करने की प्रक्रिया को आसान बनाएगा.

जब कोई ग्राहक अपना जारीकर्ता बदलता है, तो NPCI सिस्टम में उस FASTag से जुड़े जारीकर्ता बैंक की जानकारी अपडेट करेगा. यानी FASTag की पहचान और वाहन से जुड़ी जानकारी में बदलाव नहीं होगा, सिर्फ उसे जारी करने वाले बैंक की जानकारी बदल जाएगी.

टोल प्लाजा पर FASTag से होने वाले ट्रांजैक्शन के लिए मौजूदा NETC फ्रेमवर्क ही इस्तेमाल होता रहेगा. टोल प्लाजा पहले की तरह इसी सिस्टम के जरिए टोल काटते रहेंगे. इसमें कोई बदलाव नहीं होगा.

13 करोड़ से ज्यादा FASTag जारी

देश में FASTag का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हो रहा है. OneTag लॉन्च के समय जारी जानकारी के मुताबिक, भारत में 13 करोड़ से ज्यादा NETC FASTags जारी किए जा चुके हैं. इनमें करीब 6 करोड़ FASTags एक्टिव हैं, जबकि देश में FASTag की पहुंच 98% से ज्यादा है.

इतने बड़े यूजर बेस को देखते हुए पोर्टेबिलिटी सुविधा का मतलब ये भी है कि ग्राहक जब अपना जारीकर्ता बैंक बदलेंगे, तो उन्हें नया फिजिकल FASTag बनवाने की जरूरत कम होगी.

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