FOMC Meeting: दरों में बढ़ोतरी के बावजूद सोने में आएगी तेज़ी! बाज़ार की दिशा तय करेंगे इन तीन सवालों के जवाब

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FOMC Meeting: Rate Hike Priced In, But Gold Could Rally; 3 Key Questions

दुनिया भर के शेयर मार्केट्स की नजरें इस वक्त फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श पर टिकी हैं. बुधवार 16 सितंबर, 2026 को भारतीय समय के मुताबिक अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों पर अपना फैसला सुनाएगा. ये ऐसा फैसला होगा जिसका पता बाज़ार को पहले से ही है, यानी ब्याज दरें बढ़ाने का फैसला. बाजार इस बात का पहले ही ‘प्राइस इन’ कर चुका है यानी मान चुका है कि सितंबर की पॉलिसी में फेड 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी करेगा.

CME का फेडवॉच टूल भी अब दिखा रहा है कि 25 बेसिस प्वाइंट रेट हाइक की संभावना अब बढ़कर 92% से भी ज्यादा हो चुकी है. ब्लूमबर्ग का डेटा बताता है कि साल 2008 के बाद से जब भी संभावनाएं 90% के ऊपर गईं हैं, फेड ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है. बैंक ऑफ अमेरिका (BoA) का कहना है कि अगर इस हालात में भी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें नहीं बढ़ाकर इसे होल्ड करता है, तो ये लगभग “अभूतपूर्व” होगा. मतलब दरें तो बढ़नी ही हैं, होल्ड की कोई गुंजाइश नहीं है.

यानी की रेट हाइक अब कोई सरप्राइज नहीं रह गया है. इसलिए नजरें इस बात पर नहीं होंगी कि फेड ब्याज दरें बढ़ाएगा या होल्ड करेगा, बल्कि इस बात पर होंगी कि फेड चेयरमैन वार्श एक ‘हॉकिश रेट हाइक’ करते हैं या फिर एक ‘डविश रेट हाइक’ करते हैं.

हॉकिश रेट हाइक और उसका असर

हॉकिश रेट हाइक का मतलब ये हुआ कि अगर वार्श ये कहते हैं कि इस बार तो हमने ब्याज दरें 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ा दी हैं, लेकिन ये तो अभी शुरुआत है. आगे की पॉलिसीज में रेट हाइक की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि महंगाई को 2% पर लाने के लिए वो सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे. ऐसे में हमें इन चीजों के लिए तैयार रहना होगा.

  • वार्श के इस हॉकिश रुख से बाजार को झटका लग सकता है. शेयर बाज़ारों पर दबाव दिख सकता है
  • ब्याज दरों में बढ़ोतरी की वजह से डॉलर और मजबूत हो सकता है, जो कि पहले से ही 100 के आस-पास है
  • कमोडिटी मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों पर और दबाव देखने को मिल सकता है

डविश रेट हाइक और उसका असर

डविश रेट हाइक का मतलब ये हुआ कि वार्श ये कहें कि इस बार तो 25 बेसिस प्वाइंट ब्याज दरें बढ़ा दी हैं, लेकिन अब आगे दरें बढ़ाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी. वो महंगाई को लेकर कोई ऐसा संकेत देते हैं कि महंगाई आने वाले समय में काबू में आएगी. तो इसका असर कुछ इस तरह से होगा

  • शेयर बाज़ार को वार्श के इस डविश रुख से सपोर्ट मिल सकता है, बाजारों में तेज़ी देखने को मिल सकती है
  • डॉलर में कमजोरी आ सकती है, क्योंकि दरें घटने से डॉलर की डिमांड पर असर पड़ सकता है
  • सोने और चांदी की कीमतों में हमें अच्छी तेज़ी देखने को मिल सकती है

डॉट प्लॉट पर नजरें

बाज़ार की नजरें फेडरल रिजर्व के “डॉट प्लॉट” पर होंगी. ये एक चार्ट होता है जिसमें हर फेड सदस्य अपना अनुमान बताता है कि आने वाले सालों में ब्याज दर कहां होनी चाहिए. इस बार बाजार खास तौर पर 2026 और 2027 के मीडियन रेट अनुमानों पर अपना फोकस रखेगा.

बाज़ार की उम्मीद है कि 2026 के अंत और 2027 के अंत यानी दोनों सालों के अंत के लिए मध्यम (median) ब्याज दर का अनुमान 4% से ऊपर होगा.

अगर अनुमान 4.0% से नीचे आता है तो इसे उम्मीद से ज़्यादा “डविश” माना जाएगा. इसका असर ये होगा कि

  • US डॉलर पर दबाव आ सकता है
  • बॉन्ड यील्ड्स नीचे आ सकती हैं
  • बॉन्ड्स को को फायदा हो सकता है
  • शेयर बाजार को सहारा मिल सकता है
  • सोना और चांदी की कीमतें ऊपर जा सकती हैं

फेड की पॉलिसी के बाद सोने में क्या होगा?

अब ये तो तय ही है कि फेड 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी ब्याज दरों में करेगा. तो इसका असर गोल्ड पर कैसे होगा. इंडिपेंडेंट मेटल्स एनालिस्ट जेस कोलंबो (Jesse Colombo) का एनालिसिस ये कहता है –

1- अगर फेड उम्मीद के मुताबिक 25 बेसिस प्वाइंट्स की दर बढ़ाता है, तो गोल्ड में हल्की रिलीफ रैली देखने को मिल सकती है, क्योंकि लंबे समय से बनी रेट हाइक की अनिश्चितता खत्म हो जाएगी

2- अगर फेड ब्याज दरों को होल्ड करता है, तो गोल्ड में तेज उछाल आ सकता है. गोल्ड $5,000 की ओर तेजी से बढ़ सकता है

कोलंबो का कहना है कि पिछले हफ्ते निवेशक अगस्त की महंगाई दर को लेकर जरूरत से ज्यादा ही बियरिश हो गए थे और इसी वजह से सोने में ज्यादा बिकवाली देखने को मिली थी. लेकिन जब महंगाई दर के आंकड़े आए तो वो उतने खराब नहीं थे, जितनी आशंका बाजार को थी, इसलिए गोल्ड में रिलीफ रैली आई. हालांकि बाद में overbought होने के कारण तेजी कुछ देर के लिए थम गई.

कोलंबो का अनुमान है कि अगर सोना $4,400 के ऊपर मजबूती से टिकता है, तो पहले वो अगस्त की ऊंचाई के ऊपर जाएगा और फिर अगले कुछ महीनों में $5,000 की ओर बढ़ने की संभावना बन सकती है.

इन तीन सवालों के जवाब चाहिए

वार्श सवालों के जवाब बहुत कम शब्दों में देते हैं. शायद इसलिए भी मार्केट में थोड़ी घबराहट रहती है. इस बार जब वो प्रेस कॉन्फ्रेंस करने बैठेंगे तो उनके सामने खासतौर पर तीन सवाल होंगे.

पहला सवाल – अगर सितंबर में 25 bps की बढ़ोतरी होती है, तो सवाल होगा कि दिसंबर में फिर रेट हाइक किन परिस्थितियों में होगी? वार्श इसका शायद सीधा जवाब न दें, इसलिए उनकी प्रतिक्रिया से मार्केट आगे की दिशा समझने की कोशिश करेगा.

दूसरा सवाल – अगर वार्श ये कहते हैं कि तेल की कीमतें बढ़ी हैं इसलिए हमें दरें बढ़ानी पड़ी हैं तो इसे डविश माना जा सकता है, क्योंकि बाजार इसको एक अस्थायी दिक्कत मान सकता है. मगर वो ये कहते हैं कि महंगाई की वजह से बढ़ी है मामला यहां पर गंभीर हो जाता है.

तीसरा सवाल – अगर वार्श आगे की पॉलिसी पर गाइडेंस देने से बचते हैं, लेकिन डॉट प्लाट में फेड के अधिकारी एक और रेट हाइक का संकेत देते हैं, तो बाजार के सामने सवाल होगा कि वार्श की बात को ज्यादा महत्व दें या पूरे FOMC के मीडियन अनुमानों को.

तो इन्हीं सब सवालों और अनुमानों के बीच बाजार झूल रहा है, सोने के कीमतें एक दायरे में घूम रही हैं. फैसला बाजार को पता है, जो नहीं पता वो हैं सवालों के जवाब, जिनके आज रात की पॉलिसी के बाद मिलने की उम्मीद है.

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