सोमवार की गिरावट की बाद आज मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को सोने और चांदी की कीमतें एक दायरे में ट्रेड कर रही हैं. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोना 0.5% से ज्यादा की मजबूती के साथ ट्रेड करता हुआ दिख रहा है, लेकिन घरेलू बाजार में सोना एकदम फ्लैट ट्रेड कर रहा है.
घरेलू बाज़ार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर दिसंबर सोना वायदा सोमवार को 1,49,543 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, मंगलवार को शुरुआत हल्की फुल्की गिरावट के साथ हुई, लेकिन थोड़ी देर बाद ही ये पॉजिटिव हो गया. सुबह के 11:30 बजे ये बिल्कुल फ्लैट लेकिन पॉजिटिव 1,49,670 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है.
चांदी का दिसंबर वायदा भी बिल्कुल फ्लैट लेकिन पॉजिटिव 2,23,176 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रहा है.
इंटरनेशनल मार्केट में कॉमेक्स पर सोना वायदा 4200 डॉलर प्रति आउंस के ऊपर ट्रेड कर रहा है. बीते एक महीने में सोना वायदा करीब 4.5% तक कमजोर हुआ है.
क्रूड और बॉन्ड यील्ड
सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज़ी ने सोने पर दबाव बनाया था, जिससे कॉमेक्स पर सोना वायदा 4160 डॉलर तक लुढ़क गया था. सोमवार को ब्रेंट क्रूड 106 डॉलर के पार चला गया था, आज मंगलवार को इसमें 1% से ज्यादा की गिरावट देखी जा रही है. ब्रेंट क्रूड इंट्राडे में 105.02 डॉलर प्रति बैरल तक फिसल गया. जिससे सोने को सपोर्ट मिला है. हालांकि ये सपोर्ट कितनी देर तक रहेगा, ये कहना अभी मुश्किल है. क्योंकि ईरान के सपोर्ट वाले हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हमला कर दिया, जिसकी वजह से हालात बिगड़ गए हैं. क्योंकि इसका सीधा असर एनर्जी सप्लाई पर पड़ता है, जिससे कच्चे तेल के दाम बढ़ेंगे.
दूसरी तरफ, अमेरिका की बॉन्ड यील्ड लगातार कमजोर हो रही है. 10 साल की बॉन्ड यील्ड मंगलवार को 5.192% पर ट्रेड कर रही है, जबकि पिछले दिनों इसने 5.34% का हाई बनाया था. जब ट्रेजरी यील्ड नीचे आती हैं तो सोने की कीमतों को सपोर्ट मिलता है. क्योंकि निवेशक बॉन्ड में ब्याज कम मिलने पर सोने की तरफ रुख करते हैं.
ट्रेडर्स की नज़र कहां पर है
अब सोने की अगली चाल क्या होगी, ये समझने के लिए ट्रेडर्स की नज़रें बुधवार को जारी होने वाले अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों पर है. महंगाई के इन आंकड़ों से ये संकेत मिलने की उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपना सकता है. पिछले महीने अमेरिका के सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व ने पॉलिसी को सख्त किया था. ट्रेडर्स ये मानकल चल रहे हैं कि इस साल कम से कम एक और रेट हाइक हो सकता है. सितंबर की पॉलिसी में फेडरल रिजर्व ने 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की थी.
क्लीवलैंड फेड की चीफ बेथ हैमैक ने सोमवार को कहा कि मॉनिटरी पॉलिसी में छोटे-छोटे बदलाव अधिक बार करने से महंगाई को लेकर लोगों की उम्मीदों को काबू में रखने में मदद मिल सकती है. हालांकि, अक्टूबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ाने को लेकर वो ज्यादा सहमत नहीं हैं.
फेड के सामने इस समय महंगाई को काबू में रखने और ऊंची ब्याज दरों के असर के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है. अगर ऊर्जा की कीमतें और बढ़ती हैं, तो महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है. ऐसी हालात में ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखने या उनमें और बढ़ोतरी किए जाने की जरूरत पड़ सकती है.
महंगाई के आंकड़ों से तय होगी सोने की चाल
सोने-चांदी के लिए रिटेल महंगाई के आंकड़े एक दिशा तय करते हैं. अमेरिका का कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) बुधवार को आएगा जो कीमती धातुओं के मार्केट के लिए अहम साबित हो सकता है. अगर महंगाई बाजार की उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो फेड के ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका मजबूत हो सकती है. इससे सोने की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है. अगर, महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम रहते हैं, तो ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना घट सकती है. इससे सोने को कुछ राहत मिल सकती है.
फिलहाल निवेशक पश्चिम एशिया में तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और फेड की मौद्रिक नीति से जुड़े संकेतों पर नजर रख रहे हैं। इन तीनों का असर महंगाई की दिशा और सोने की मांग पर पड़ सकता है।
ग्लोबल बैंक्स सोने को लेकर पॉजिटिव
दुनिया के बड़े बैंक सोने की लंबी अवधि की तेजी को लेकर भरोसा जता रहे हैं, भले ही इस वक्त कीमतें दबाव में हैं. बैंक ऑफ अमेरिका, UBS, गोल्डमैन सैक्स और मॉर्गन स्टैनली जैसे दिग्गज बैंकों ने 2027 के लिए सोने के अपने अनुमानों में बदलाव नहीं किया है.
साल 2025 में सोने ने 64% की जबरदस्त बढ़त दर्ज की थी, जो 1979 के बाद का सबसे ऊंचा सालाना रिटर्न है. 2026 की शुरुआत में भी तेजी जारी रही और 29 जनवरी को सोना करीब 5,600 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा. इसके बाद कीमतों में धीरे-धीरे नरमी आती गई. कई बैंकों ने अपने लक्ष्य घटाए, लेकिन कुछ अपनी राय पर अब भी कायम हैं.
UBS: सितंबर 2027 के लिए 5,400 डॉलर का लक्ष्य बरकरार है, जो अगस्त में दिए गए अनुमान के बराबर है. बैंक का कहना है कि डॉलर की मजबूती, ऊँची बॉन्ड यील्ड और बढ़ती ब्याज दरों के बावजूद सोने की लंबी अवधि की कहानी मजबूत है.
बैंक ऑफ अमेरिका: इस महीने की शुरुआत में 2027 के लिए 5,000 डॉलर का अनुमान कायम रखा गया. हालाकि बैंक ने चेतावनी भी दी है कि अगर कच्चा तेल 150 डॉलर के स्तर से नीचे फिसला, तो सोना 3,500 डॉलर तक गिर सकता है.
गोल्डमैन सैक्स: 2027 के लिए 5,400 डॉलर का लक्ष्य अडिग है. 2026 के लिए बैंक का अनुमान है कि सोना 4,070 डॉलर तक जा सकता है, लेकिन साल के अंत तक सुधरकर 4,200 डॉलर पर लौट आएगा.
मॉर्गन स्टैनली: अगस्त में बैंक ने 2027 के लिए 5,000 डॉलर प्रति औंस से ऊपर का लक्ष्य दिया था. इस महीने की शुरुआत में इसे बढ़ाकर औसत लक्ष्य 5,050 डॉलर प्रति औंस कर दिया गया.
कुल मिलाकर, बॉन्ड यील्ड और डॉलर की मजबूती से सोने पर फिलहाल दबाव है, लेकिन इन बैंकों के आकलन से संकेत मिलता है कि लंबी अवधि में सोने की चमक बढ़ने की उम्मीद है.

