Gold Price Today: दो हफ्ते के निचले स्तर तक फिसलने के बाद सोना मंगलवार को दमदार रिकवरी दिखा रहा है. घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही बाजारों में सोने की कीमतों में तेज़ी देखने को मिल रही है. सोमवार को अंतराष्ट्रीय बाजार में सोना वायदा करीब 3% तक लुढ़क गया था. ये एक महीने की सबसे तेज़ गिरावट थी. जिससे सोना तीन हफ्ते में पहली बार 4,000 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गया.
सोमवार को घरेलू बाज़ार में MCX पर सोने का अगस्त वायदा 3,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा टूटकर 1,40,309 रुपये पर बंद हुआ था. मंगलवार को ये करीब 1,100 रुपये प्रति 10 ग्राम की मजबूती के साथ 1,41,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपर ट्रेड कर रहा है.
सोमवार को सोना क्यों टूटा था?
सोमवार को सोना काफी दबाव में रहा, वजह थी मिडिल ईस्ट में एक बार फिर बढ़ रहा तनाव. सोमवार को ही अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका एक बार फिर ईरान की समुद्री आवाजाही पर पाबंदिया लगा रहा है, साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले सभी जहाजों पर वो 20% ट्रांजिट फीस लेगा. ये फीस ईरान और ईरान के साथ रिश्ता रखने वाले देशों के लिए है. ट्रंप ने अमेरिका को ‘गार्जियन ऑफ द होर्मुज स्ट्रेट’ कहा.
इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिला, ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर मंडराते संकट को देखकर ब्रेंट क्रूड अचानक ही 85 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया. मंगलवार को ब्रेंट क्रूड 2.85% की तेजी के साथ 85.66 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा है.
जब कच्चा तेल महंगा होता है, महंगाई बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है. जिससे फेड को ब्याज दरें ऊंची रखनी पड़ सकती हैं. जिससे बॉन्ड यील्ड बढ़ जाती है. इस वजह से डॉलर भी मजबूत होता है. ये पूरा इकोसिस्टम सोने की कीमतों पर दबाव डालता है. यही वजह रही कि सोमवार को सोने में भारी गिरावट आई.
तो आज सोने में तेज़ी क्यों है?
मंगलवार को सोने की कीमतों में तेज़ी क्यों है, क्योंकि सोने पर दबाव डालने वाले सारे कारण तो आज भी मौजूद हैं. इसकी दो वजहें हैं-
- निचले भाव पर खरीदारी
जब कोई चीज बहुत ज्यादा सस्ती हो जाए या आकर्षक भाव पर आ जाए, लोगों को लगे कि ये तो अच्छे भाव पर मिल रही है, अभी ले लो बाद में कहीं दाम न बढ़ जाए तो इसे बॉटम फिशिंग कहते हैं. सोने के केस में भी यही हो रहा है.
सोना सोमवार को करीब 3% टूटकर दो हफ्ते के निचले स्तर तक पहुंच गया, इतनी बड़ी गिरावट के बाद कई ट्रेडर्स और शॉर्ट-टर्म निवेशकों ने निचले भाव पर सोना खरीदना शुरू कर दिया. यही मंगलवार की शुरुआती रिकवरी की सबसे बड़ी वजह रही
- महंगाई और वॉर्श से पहले बड़ा दांव
आज सोने के लिए दो बहुत बड़े ट्रिगर हैं. आज अमेरिका का रिटेल महंगाई का डेटा जारी होगा. साथ ही, आज फेडरमैन केविन वॉर्श की कांग्रेस में पहली टेस्टीमनी है, यानी उनका भाषण होगा. ऐसे बड़े इवेंट से पहले अक्सर ट्रेडर्स नई बड़ी शॉर्ट पोजिशन बनाने से बचते हैं. जिन्होंने सोमवार को बिकवाली की थी, उनमें से कई ने अपने सौदे काटे, जिससे भी सोने को सपोर्ट मिला. इसको शॉर्ट कवरिंग कहते हैं.
सोने के लिए ये वक्त किसी दोधारी तलवार की तरह है. एक तरफ कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ने का खतरा है. आमतौर पर ऐसा देखने को मिलता है कि महंगाई बढ़ने पर लोग अपने पैसे की सुरक्षा के लिए सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे इसकी मांग बढ़ सकती है.
मगर, इसका उल्टा भी हो सकता है. महंगाई लगातार ऊंची बनी रहती है तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने या फिर दोबारा बढ़ाने का फैसला कर सकता है. ऊंची ब्याज दरों से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर मजबूत होते हैं, जिससे सोने की चमक फीकी पड़ जाती है.

