Gold Prices Today: सोना फिर फिसला! फेड की बैठक पर टिकी बाज़ार की नज़र

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Gold Prices Edge Lower Amid Stronger Dollar and Ahead of Fed Rate Decision

सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर सुस्ती लौट आई है. मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने और कच्चा तेल फिसलने के बावजूद 28 जुलाई, 2026 मंगलवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 1% की गिरावट के साथ ट्रेड करता हुआ दिख रहा है.

घरेलू बाज़ार में MCX पर सोने का अगस्त वायदा 1,300 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा की कमजोरी के साथ 1.41 लाख के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जबकि कॉमेक्स पर सोना वायदा
करीब 1% की कमजोरी के साथ इंट्राडे में 4,034.60 डॉलर प्रति आउंस तक फिसल गया.

क्यों आई सोने में सुस्ती

सोने में आई इस गिरावट की सबसे बड़ी वजहों में से एक है कि डॉलर एक महीने की ऊंचाई पर पहुंच गया है, फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.55 के आस-पास है. डॉलर महंगा होने का सीधा मतलब ये होता है कि विदेशी खरीदारों के लिए डॉलर में सोना खरीदना महंगा हो जाएगा, जिससे उसकी डिमांड गिरेगी और भाव पर दबाव आएगा.

दूसरी, तरफ आज से अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक शुरू होगी. निवेशक इस बात बात का इंतज़ार कर रहे हैं कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लेकर क्या फैसला लेता है. फेड चेयरमैन केविन वॉर्श भविष्य में दरों को लेकर क्या बयान देते हैं.

हालांकि जुलाई की पॉलिसी में बाज़ार ये मानकर चल रहा है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा ये 3.5%-3.75% के बीच ही बनी रहेगी. FedWatch टूल भी यही इशारा कर रहा है. लेटेस्ट डेटा के मुताबिक 62.1% संभावना है कि ब्याज दरें नहीं बदलेंगी और 37.9% संभावना है कि ब्याज दरें बढ़ जाएं. यहां नोट करने वाली बात ये है कि बीते 24 घंटे में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना में इज़ाफा हुआ. शायद यही वजह है कि सोने की कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है.

साथ ही, टूल के मुताबिक- सितंबर की पॉलिसी में ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की संभावना 54.6% है, जबकि 25-50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की संभावना 26.2% है. मतलब दरें बढ़ने की संभावना 80.8% है. तो एक तरह से बाज़ार ये मानकर चल रहा है कि सितंबर में ब्याज दरों का बढ़ना बिल्कुल तय है. याद रहे कि FedWatch टूल का डेटाल हर पल बदलता रहता है. इसलिए अभी जो डेटा है, हो सकता है कि अगले दिन कुछ ऊपर-नीचे हो जाए.

जब ब्याज दरें बढ़ती हैं सोने की कीमतों पर हम दबाव देखते हैं. क्योंकि सोना कोई ब्याज नहीं देता है. इसलिए निवेशक ऊंची ब्याज दरें देने वाले एसेट्स की ओर मुड़ जाते हैं. जिससे सोने का भाव गिरता है.

इन आंकड़ों पर भी रहेगी नज़र

इसके अलावा, निवेशक इस हफ्ते जारी होने वाले कुछ बेहद जरूरी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों से पहले अपना रिस्क भी कम कर रहे हैं. इस हफ्ते दूसरी तिमाही के GDP के आंकड़े आएंगे. इसके अलावा जॉब मार्केट का डेटा और कोर PCE महंगाई का डेटा आएगा जो कि फेड का सबसे पसंदीदा इंफ्लेशन इंडेक्स है. कोर PCE जो खाने-पीने और फ्यूल की कीमतें हटाकर निकाला जाता है, ये महीने-दर-महीने 0.19% और सालाना 3.33% के आसपास रहने का अनुमान है.

एनालिस्ट्स का कहना है कि जब तक फेडरल रिजर्व की ओर से कोई साफ संकेत नहीं मिलता है, सोना एक सीमित दायरे में ही घूमता रहेगा. यही बात हमने बीते कुछ दिनों से देखी भी है.

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