चीनी पर सरकार का बड़ा एक्शन, 15 दिन की Stock Limit लगाई; Sugar Stocks पहुंचे रिकॉर्ड ऊंचाई पर

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Sugar Stocks Rally as Govt Slashes Bulk Consumer Stock Limit to 15 Days

सरकार ने बड़े पैमाने पर चीनी इस्तेमाल (Bulk Use) करने वाले कारोबारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा घटाकर 15 दिन कर दी है. सरकार का ये फैसला ऐसे समय आया है जब देश में त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है और अगस्त से नवंबर के बीच चीनी की मांग आम तौर पर काफी बढ़ जाती है.

डिपार्टमेंट ऑफ फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन ने 19 अगस्त को जारी आदेश में कहा है कि जिन थोक उपभोक्ताओं (bulk consumers) की हर महीने चीनी की खपत 10 मीट्रिक टन से ज्यादा है, वे अपनी जरूरत के मुताबिक 15 दिन से ज्यादा का स्टॉक अपने पास नहीं रख सकेंगे. ये नया नियम 1 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा. इस फैसले के पीछे सरकार का मकसद है कि बाजार में चीनी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे और बड़े खरीदार जरूरत से ज्यादा माल जमा न करें और त्योहारी सीजन में जानबूझकर चीनी की कमी न पैदा की जाए, जिससे कीमतें ऊपर जाती हैं.

चीनी के शेयर नई ऊंचाई पर

इस फैसले के बावजूद, शेयर बाजार में चीनी के शेयरों में तेजी देखने को मिली है, शुरुआती कारोबार में Simbhaoli Sugars में करीब 5% की तेज़ी दिखी, Dhampur Sugar Mills में भी 4.25% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली, इसने 186.94 रुपये का 52वीक हाई भी बनाया. Shree Renuka Sugars में 4% से ज्यादा की तेजी रही, Balrampur Chini Mills में 3.71% की तेजी दिखाई दी, ये इंट्राडे में 675 रुपये तक उछल गया जो कि इसका 52 हफ्ते की ऊंचाई है.

इसके अलावा, Uttam Sugar Mills ने भी 4% से ज्यादा की तेज़ी के साथ 318.25 का 52 वीक हाई बनाया, Avadh Sugar & Energy ने 9% से ज्यादा की तेजी के साथ 813 रुपये का 52 वीक हाई बनाया. Bajaj Hindusthan Sugar का शेयर करीब 8% तक चढ़ा. Dalmia Bharat Sugar शुरू में तो नीचे फिसला लेकिन बाद में इसमें भी 4% की दमदार तेज़ी देखने को मिली. इसने भी 52 हफ्ते का हाई 496.95 रुपये बनाया. EID Parry में भी 1.5% से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली है.

सरकार ने स्टॉक पर लिमिट क्यों लगाई

सरकार ने बल्क कंज्यूमर्स के लिए स्टॉक लिमिट इसलिए लगाई है ताकि बड़े खरीदार जरूरत से ज्यादा चीनी जमा न कर सकें और बाजार में इसकी उपलब्धता बनी रहे. आमतौर पर अगस्त से नवंबर के बीच चीनी की मांग बढ़ती है. क्योंकि भारत में अगस्त से नवंबर के बीच त्योहारों का सीजन रहता है. इस दौरान गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार आते हैं. तब बिस्किट, कन्फेक्शनरी, मिठाई बनाने वाली कंपनियां पहले से ज्यादा चीनी खरीदकर स्टोर करके रख लेती हैं. इसी का असर त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों पर बढ़ोतरी के रूप में दिखता है.

बीते एक महीने में देश में चीनी की कीमतों में काफी तेज़ बढ़ोतरी देखने को मिली है. इसकी दो ही कारण हैं, एक तो सप्लाई का कम होना और दूसरा फेस्टिव सीजन से पहले डिमांड का बढ़ना. इस हफ्ते मिल से निकलते ही चीनी की औसत कीमत करीब ₹5,400-5,500 प्रति क्विंटल तक पहुंच गई, जबकि एक साल पहले ये करीब ₹3,900 प्रति क्विंटल हुआ करती थी. 18 अगस्त को चीनी की औसत रिटेल कीमत ₹52.30 प्रति किलो रही, जो पिछले साल के ₹46.34 प्रति किलो से करीब 13% ज्यादा है.

इससे पहले सरकार ने पिछले महीने चीनी डीलरों के लिए भी 30 दिन की स्टॉक लिमिट तय की थी, लेकिन इसके बावजूद कीमतों में तेजी जारी रही. अब जिन बल्क कंज्यूमर्स जिनकी मंथली खपत 10 मीट्रिक टन से ज्यादा है, उनके लिए स्टॉक रखने की अवधि 15 दिन कर दी गई है.

चीनी के इंपोर्ट पर भी विचार जारी

हालांकि सरकार चीनी की कीमतों पर दबाव कम करने के लिए सिर्फ स्टॉक सीमा पर निर्भर नहीं है, कुछ और संभावनाओं पर भी चर्चा चल रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार सीमित मात्रा में ड्यूटी फ्री शुगर इंपोर्ट के बारे में भी विचार कर रही है. ताकि देश में अतिरिक्त चीनी की उपलब्धता रहे और कीमतों को काबू में रखा जा सके. फिलहाल भारत चीनी के इंपोर्ट पर 100% इंपोर्ट ड्यूटी लगाता है. अगर सरकार इसमें ढील देती है, तो करीब एक दशक में पहली बार बड़ी मात्रा में विदेशी चीनी भारत में आ सकती है.

ये नई स्टॉक लिमिट ऐसे समय में आई है जब 2026-27 का चीनी सीजन 1 अक्टूबर से शुरू होने वाला है. इस बीच अनियमित बारिश और सूखे मौसम ने गन्ने की फसल पर असर डाला है. जिससे आने वाले सीजन में सप्लाई को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं.

सरकार कैसे रखेगी नजर

सिर्फ आदेश जारी करने भर से सरकार संतुष्ट नहीं है, बल्कि इसकी निगरानी के लिए भी पूरा इकोसिस्टम तैयार किया गया है. हर मिल से बल्क खरीदारों को बेची गई चीनी की मात्रा की जांच सीधे या डीलरों के जरिए की जाएगी. खपत का आकलन GST रिटर्न के आधार पर होगा, जो विक्रेता और खरीदार दोनों की तरफ से फाइल किए जाते हैं. इसके लिए चीनी से जुड़े HSN (हार्मोनाइज्ड सिस्टम ऑफ नॉमिनक्लेचर) कोड का इस्तेमाल किया जाएगा.

इसके अलावा, डीलरों के लिए ये जरूरी किया गया है कि वे अपने पास मौजूद चीनी के स्टॉक की जानकारी नियमित रूप से अपडेट करेंगे. ये जानकारी खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर देनी होगी. सरकार ने कहा है कि बाजार पर लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि वाजिब दामों पर सप्लाई बनी रहे.

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