आज से खुला Indo-MIM का IPO; ऊंची वैल्युएशन के बावजूद क्या लगाना चाहिए पैसा? क्या कहता है GMP

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Indo-MIM IPO opens today: Should You Invest Despite Its High Valuation

Indo-MIM Ltd. का IPO आज यानी 23 जुलाई से खुल गया है, इसमें आप 27 जुलाई तक बोली लगा सकते हैं. मगर, क्या इस IPO में आपको पैसे लगाने चाहिए? ये फैसला करने से पहले आपको कंपनी के कामकाज, इस इश्यू और कंपनी की भविष्य की योजनाओं के बारे में पूरी जानकारी होना ज़रूरी है. इसलिए एक-एक करके इन सभी को समझते हैं.

Indo-MIM IPO की डिटेल्स

Indo-MIM IPO Size: इस IPO का प्राइस बैंड 461-485 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है. इसके कर्मचारियों के लिए कोटा के तहत 45 रुपये का डिस्काउंट होगा. कंपनी इश्यू के जरिए 3,811 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है. इस इश्यू में कंपनी नए शेयर भी जारी करेगी और ऑफर फॉर सेल (OFS) भी होगा. यानी कंपनी के पुराने शेयरहोल्डर्स अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे. फ्रेश शेयरों का हिस्सा काफी छोटा है. कंपनी नए शेयर जारी करके 499 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है. बाकी OFS रूट से 3,311 करोड़ रुपये आएंगे.

Indo-MIM IPO Lot Size: रिटेल निवेशकों के लिए 30 शेयरों का एक लॉट होगा, मतलब कम से कम 30 शेयर खरीदने ही होंगे. अपर प्राइस बैंड पर न्यूनतम निवेश 14,550 रुपये होगा. इसके 30 के मल्टीपल पर शेयर खरीदे जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए 2 लाख रुपये की लिमिट है.

अगर आप 2 लाख से ज्यादा की बोली लगाना चाहते हैं तो आपको गैर-संस्थागत निवेशक (Non-Institutional Investor) कैटेगरी के तहत करना होगा. इसके लिए अगर आप छोटे- गैर संस्थागत निवेशक (sNII) हैं तो आपको एक साथ 14 लॉट खरीदने होंगे, जिसकी वैल्यू होगी 2,03,700 रुपये. अगर आप बड़े गैर-संस्थागत निवेशक (bNII) हैं, तो आपको 69 लॉट खरीदने होंगे, इसकी न्यूनतम वैल्यू होगी 10,03,950 रुपये.

Indo-MIM IPO Allotment Date: IPO के लिए बोली लगाने के बाद शेयरों का अलॉटमेंट होता है. जिसकी अनुमानित तारीख 28 जुलाई है. यानी इस दिन आपको पता चलेगा कि आपको शेयर मिले हैं या नहीं.

Indo-MIM IPO Listing Date: शेयर अलॉटमेंट के बाद शेयरों की लिस्टिंग होती है. अनुमान है कि 30 जुलाई को इसकी लिस्टिंग NSE, BSE दोनों ही एक्सचेंज पर होगी.

IPO Open23 July 2026
IPO Close27 July 2026
Price Band₹461 to ₹485
Lot Size30 Shares
Employee Discount₹45

पहले दिन का प्रदर्शन

आज से इश्यू खुला है. NSE पर दोपहर 2:30 बजे तक के डेटा के मुताबिक ये इश्यू अबतक 0.52 गुना भर चुका है. इसमें गैर-संस्थागत निवेशकों का हिस्सा 1.43 गुना भरा है. रिटेल हिस्सा 0.42 गुना भरा है और कर्मचारियों का हिस्सा 0.78 गुना भरा है. हालांकि QIB का हिस्सा अभी तक सब्सक्राइब नहीं हुआ है.

कैटेगरीबिड
QIBs0.00
NII1.43
RIIs0.42
Employees0.78
Total0.52

कंपनी क्या करती है?

Indo-MIM के नाम में जो ‘MIM’ है, यही इसके पूरे काम को डिफाइन करता है, जो एक तकनीक का नाम है. कंपनी “मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग” (MIM) नाम की खास तकनीक से मेटल्स के बेहद सटीक और छोटे-छोटे पुर्जे बनाती है. आसान भाषा में समझें तो कंपनी धातु के पाउडर को पिघलाकर सांचों में ढालकर बहुत बारीक और मजबूत मेटल पार्ट्स तैयार करती है, जिनका इस्तेमाल तमाम सेक्टर्स में होता है. जैसे –

  • ऑटोमोटिव
  • डिफेंस
  • मेडिकल
  • रोजमर्रा के कंज्यूमर प्रोडक्ट्स
  • एयरपोस्पेस

कंपनी सिर्फ पार्ट्स नहीं बनाती, बल्कि पूरी सेवाएं देती है, जिसमें पार्ट का डिज़ाइन बनाना, सांचे/टूल बनाना, फिनिशिंग, पुर्जों को जोड़कर असेंबल करना. यानी शुरू से लेकर अंत तक डिजाइनिंग से लेकर फाइनल टच तक कंपनी खुद करती है.

पैसों का क्या इस्तेमाल होगा

कंपनी ने 22 जुलाई को अपने एंकर बुक के जरिए 1,141 करोड़ रुपये जुटाए है. इसमें कुल 92 एंकर निवेशकों ने हिस्सा लिया और अपर प्राइस बैंड पर 2.35 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदे. एंकर बुक में शामिल होने वाले घरेलू म्यूचुअल फंड्स में ICICI प्रूडेंशियल AMC, HDFC MF, SBI म्यूचुअल फंड और कोटक महिंद्रा AMC रहे. ग्लोबल निवेशकों में गोल्डमैन सैक्स, ब्लैकरॉक ग्लोबल फंड्स और सोसाइटी जनरल जैसे बड़े नाम भी थे. कंपनी की योजना है कि जो भी पैसा मिलेगा उससे से 400 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपने बकाया कर्ज को चुकाने में किया जाएगा.

कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन

Indo-MIM का वित्तीय प्रदर्शन हाल के वर्षों में काफी अच्छा रहा है. मार्च 2026 को खत्म हुए वित्त वर्ष में कंपनी का मुनाफा 25.9% बढ़कर 533.5 करोड़ रुपये हो गया, जबकि रेवेन्यू भी 25.9% बढ़कर 4,193 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. कंपनी की कुल आय में साल-दर-साल 28.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 4,320.70 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. यानी वित्तीय प्रदर्शन के मोर्चे पर कंपनी काफी मजबूत दिखाई देती है.

एक्सपर्ट्स का नज़रिया

ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी ने IPO को Subscribe करने की सलाह दी है. आनंद राठी का कहना है कि कंपनी की वैल्युएशन काफी हाई है, अपर प्राइस बैंड पर कंपनी की वैल्युएशन वित्त वर्ष 2026 की कमाई के लगभग 45 गुने पर आंकी गई है, मगर ये जायज है. आनंद राठी ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे इस IPO में पैसा लगाएं, लेकिन थोड़े लंबे समय के नजरिए से. ब्रोकरेज ने इसके पीछे कारण बताए हैं.

  • कंपनी दुनियाभर में इस क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों में शामिल है
  • इसके ग्राहक अलग-अलग सेक्टर की इंडस्ट्रीज से जुड़े हुए हैं
  • कंपनी की निर्भरता किसी एक सेक्टर पर नहीं होना अच्छा है
  • कंपनी शुरू से लेकर अंतक तक सारा प्रोडक्शन खुद करती है
  • कंपनी का एक्सपोर्ट का बिज़नेस भी काफी मजबूत दिखता है

बिल्कुल यही बात KC Securities ने भी कही है और इस IPO को सब्सक्राइब करने की सलाह दी है. ब्रोकरेज के मुताबिक, अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन FY26 की अनुमानित कमाई (P/E) के मुकाबले 45 गुना है. वैल्यूएशन थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन कंपनी की मजबूत स्थिति को देखते हुए इसे उचित माना जा सकता है.

  • ये दुनिया की अग्रणी Metal Injection Moulding (MIM) कंपनियों में शामिल है
  • MIM एक हाई-टेक और स्पेशलाइज्ड इंडस्ट्री है, नई कंपनियों के लिए एंट्री आसान नहीं है
  • इस सेक्टर में ग्लोबल कंपटीशन कम है, इससे कंपनी को फायदा मिल सकता है
  • ग्लोबल MIM का मार्केट साइज 2026 में 3.2 बिलियन डॉलर रहने का अनुमान है.
  • ये मार्केट 2035 तक बढ़कर 4.7 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है
  • इंडस्ट्री में लगातार अच्छी ग्रोथ की संभावना, कंपनी के बिजनेस को फायदा मिलेगा

GMP: ग्रे-मार्केट में क्या चल रहा है?

Investorgain की वेबसाइट पर 23 जुलाई दोपहर 2 बजे तक के डेटा के मुताबिक Indo-MIM IPO का आखिरी GMP था 192 रुपये. अगर अपर प्राइस बैंड 485 रुपये पर देखें तो करेंट GMP पर इसकी अनुमानित लिस्टिंग 677 रुपये पर होनी चाहिए. यानी निवेशकों को 39.59% का दमदार लिस्टिंग गेन मिल सकता है. हालांकि GMP का डेटा बदलता रहता है, अभी ये ऊपर की ओर दिखा रहा है और इस बात की ओर संकेत दे रहा है कि लिस्टिंग काफी मजबूत हो सकती है. हालांकि इसके पहले 19 जुलाई को इसकी GMP 213 रुपये तक भी पहुंच गई थी.

हालांकि निवेशकों को ये बात ध्यान रखनी चाहिए कि ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पूरी तरह एक अन-ऑफिशियल डेटा होता है और केवल बाजार के अनुमान पर आधारित होता है. यह न तो लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी देता है और न ही कंपनी के असली वित्तीय हालात को दर्शाता है. इसलिए सिर्फ GMP के आधार पर IPO में निवेश का कोई फैसला न लें.

डिस्क्लेमर: IPO या शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले कंपनी के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP/RHP), वित्तीय स्थिति और जोखिम कारकों को ध्यान से पढ़ें. यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है और इसे निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें.

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