INOXGFL ग्रुप की कंपनी आइनॉक्स क्लीन एनर्जी (Inox Clean Energy) शेयर बाजार में एंट्री के लिए एक कदम और आगे बढ़ गई है. कंपनी ने IPO के लिए मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) में रेड हेयरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है. कंपनी IPO के जरिए 10,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है.
इस इश्यू से मिली रकम में से सबसे बड़ा हिस्सा कंपनी के कारोबार को मजबूत करने और कर्ज घटाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. खास बात ये है कि आइनॉक्स क्लीन एनर्जी पिछले करीब एक साल में कई बड़े अधिग्रहणों के जरिए रीन्युएबल पावर जेनरेशन और सोलर मैन्युफैक्चरिंग दोनों क्षेत्रों में तेजी से अपना कारोबार बढ़ा रही है.
₹8,000 करोड़ के फ्रेश शेयर जारी होंगे
₹10,000 करोड़ के IPO में दो हिस्से होंगे. इसमें ₹8,000 करोड़ तक के फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे और बाकी ₹2,000 करोड़ तक का ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा. OFS के तहत प्रमोटर देवांश जैन अपने हिस्से के ₹2,000 करोड़ तक के शेयर बेच सकते हैं.
कंपनी ने DRHP में बताया है कि IPO से पहले करीब ₹1,600 करोड़ तक का प्री-IPO प्लेसमेंट किया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो फ्रेश इश्यू का साइज उतनी ही रकम से घट जाएगा. यानी अंतिम IPO साइज और फ्रेश इश्यू का आकार आगे की प्रक्रिया में बदल सकता है.
IPO का पैसा कहां इस्तेमाल होगा?
कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम में से लगभग ₹6,000 करोड़ का इस्तेमाल अपने कर्ज को कम करने के लिए करेगी. बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट खर्चों के लिए रखा जाएगा. अगस्त 2026 तक कंपनी पर कुल उधारी करीब ₹16,781.8 करोड़ थी. इस हिसाब से अगर IPO के जरिए प्रस्तावित ₹6,000 करोड़ का कर्ज चुका दिया जाता है तो कंपनी की बैलेंस शीट पर कर्ज का दबाव काफी कम हो सकता है.
क्या करती है कंपनी?
Inox Clean Energy का कारोबार मुख्य तौर पर दो हिस्सों में है. पहला हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी से बिजली बनाने का है. कंपनी स्वतंत्र बिजली उत्पादक के तौर पर काम करती है और अगस्त 2026 तक भारत और अफ्रीका में उसका रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो 9.29 GW का था. इसमें 2.37 GW क्षमता चालू हो चुकी थी, करीब 0.80 GW पर काम चल रहा था, जबकि 2.99 GW की परियोजनाएं पाइपलाइन में थीं. इसके अलावा 3.13 GW क्षमता भविष्य की परियोजनाओं के तौर पर रखी गई थी. भारत में कंपनी यह कारोबार Inox Neo Energies के जरिए और अफ्रीका में SkyPower Services MENA के जरिए करती है.
कंपनी का दूसरा बड़ा कारोबार सोलर मैन्युफैक्चरिंग का है. वो भारत और अमेरिका में सोलर सेल और सोलर मॉड्यूल बनाती है. अभी कंपनी के पास दोनों देशों में 6 GW की सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता चालू है. इसके अलावा ओडिशा में 5 GW की सोलर मॉड्यूल क्षमता पर काम चल रहा है. भारत और अमेरिका में करीब 8 GW की सोलर सेल क्षमता पर भी काम चल रहा है. भारत में यह कारोबार Inox Solar और अमेरिका में Inox Solar Americas के जरिए किया जाता है.
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो मार्च 2026 में खत्म वित्त वर्ष में Inox Clean Energy का रेवेन्यू बढ़कर ₹178.1 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹47.2 करोड़ था. इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा ₹1.5 करोड़ से बढ़कर ₹30.9 करोड़ हो गया. यानी एक साल में कंपनी के रेवेन्यू और मुनाफे, दोनों में तेज बढ़ोतरी हुई है.
इस कारोबार में कंपनी की प्रतिस्पर्धा ACME सोलर होल्डिंग्स, अदाणी ग्रीन एनर्जी, NTPC ग्रीन एनर्जी, Waaree Energies, प्रीमियर एनर्जीज, Emmvee Photovoltaic Power, Clean Max Enviro Energy Solutions और JSW Energy जैसी कंपनियों से है.

