IPO This Week: इस हफ्ते आएंगे 7 IPO; पैसे लगाने से पहले जान लीजिए सबकुछ

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IPO This Week: 7 Public Issues Line Up for Investors; Know the Details Before You Bet

IPO मार्केट में इस हफ्ते निवेशकों के पास 7 IPO में पैसे लगाने का मौका है. 160 करोड़ रुपये से लेकर 2,100 करोड़ रुपये तक के ये IPO अलग-अलग सेक्टर से हैं. शिक्षा, फिनटेक टाइल्स, स्टील, IT इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर और ऑटो पार्ट्स. खास बात ये है कि इनमें एक IPO ऐसा भी है, जिसमें Hillhouse Investment का बड़ा दांव है, जबकि एक कंपनी सुनील सिंघानिया के Abakkus के बैकिंग के साथ बाज़ार में उतर रही है. तो अगर आप IPO में पैसा लगाने की तैयारी कर रहे हैं, तो इस आर्टिकल में जानिए, कौन सी कंपनी कब खुलेगी, उसका प्राइस बैंड क्या है और कंपनी करती क्या है, फिर तय करिए कि आपको पैसा लगाना चाहिए या नहीं.

Elevate Campuses IPO

Elevate Campuses का IPO 2,100 करोड़ रुपये का बुक बिल्ड इश्यू है. इसमें पूरी तरह से नए शेयर जारी किए जाएंगे और कुल 5.80 करोड़ शेयर ऑफर किए जाएंगे. IPO 23 सितंबर 2026 को खुलेगा और 25 सितंबर 2026 को बंद होगा. शेयरों का आवंटन 28 सितंबर को होने की उम्मीद है, जबकि कंपनी के शेयर 30 सितंबर 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं.

Hillhouse Investment की बैंकिंग वाली Elevate Campuses का IPO इस हफ्ते का सबसे बड़ा इश्यू है. IPO के लिए प्राइस बैंड ₹343-₹362 प्रति शेयर तय किया गया है. एक लॉट में 41 शेयर होंगे, यानी अपर प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशक को कम से कम 14,842 रुपये लगाने होंगे. कंपनी IPO से जुटाई गई रकम में से 750 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज घटाने में करेगी. फिलहाल कंपनी पर करीब 3,400 करोड़ रुपये का कर्ज है. कर्ज घटने के बाद कंपनी का डेट-टू-EBITDA रेश्यो 6-7 गुना से घटकर करीब 5 गुना होने की उम्मीद है.

क्या करती है कंपनी

कंपनी कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्रों के रहने के लिए हॉस्टल की सुविधा देती है. कंपनी Good Host Spaces और ScholarZ नाम से हॉस्टल चलाती है. 31 मार्च 2026 तक कंपनी के पास 15 शहरों में 80,255 छात्रों के रहने की क्षमता थी. इनमें कंपनी के अपने 7 हॉस्टल में 20,368 बेड और दूसरे संस्थानों के लिए चलाए जा रहे 14 हॉस्टल में 55,487 बेड थे .कंपनी जगह चुनने, हॉस्टल बनाने और उन्हें खरीदने के साथ-साथ रखरखाव और ऑपरेट का काम भी करती है. कंपनी के साथ Manipal Academy of Higher Education, Manipal University Jaipur और Meraki Education जैसे शिक्षा संस्थान जुड़े हैं.

Moneyview IPO

Moneyview का IPO 1,091.68 करोड़ रुपये का बुक बिल्ड इश्यू है. इसमें 750 करोड़ रुपये के 22.06 करोड़ नए शेयर जारी होंगे, जबकि ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत 341.68 करोड़ रुपये के 10.05 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे. IPO 24 सितंबर 2026 को खुलेगा और 28 सितंबर 2026 को बंद होगा. शेयरों का आवंटन 29 सितंबर को होने की उम्मीद है और कंपनी के शेयर 1 अक्टूबर 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं.

IPO के लिए प्राइस बैंड ₹32-₹34 प्रति शेयर तय किया गया है. एक लॉट में 441 शेयर होंगे, यानी अपर प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशक को कम से कम 14,994 रुपये लगाने होंगे.

क्या करती है कंपनी

2014 में बनी Moneyview एक फिनटेक कंपनी है, जो अपने मोबाइल प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज देती है. पर्सनल लोन इसका फ्लैगशिप प्रोडक्ट है और फोकस मिडिल इंडिया की क्रेडिट जरूरतें पूरी करने पर है. कंपनी डेटा एनालिटिक्स और टेक्नोलॉजी से ग्राहक की क्रेडिट योग्यता परखती है और जल्दी लोन अप्रूव करती है.

कंपनी का प्लेटफॉर्म दो तरफा नेटवर्क की तरह काम करता है, जो यूजर्स को बैंक, NBFC, बीमा कंपनियों और दूसरे वित्तीय संस्थानों से जोड़ता है. 30 जून 2026 तक इसके 14 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स और 48 फाइनेंशियल पार्टनर्स थे. लोन के अलावा कंपनी इंश्योरेंस, क्रेडिट कार्ड, डिजिटल गोल्ड, पेमेंट्स और अर्न्ड वेज एक्सेस जैसे प्रोडक्ट्स भी देती है.

कंपनी का टेक्नोलॉजी और AI पर बेस्ड ऑपरेटिंग मॉडल यूजर को बिना किसी इंसानी मदद के पूरा और आसान अनुभव देता है. इससे प्लेटफॉर्म की पहुंच बढ़ती है, कारोबार को बड़े स्तर पर फैलाना आसान होता है और लागत भी कम रहती है. कंपनी के 50% से ज्यादा कर्मचारी टेक्नोलॉजी और डेटा से जुड़े काम में हैं.

Varmora Granito IPO

Varmora Granito का IPO 708.02 करोड़ रुपये का बुक बिल्ड इश्यू है. इसमें 320 करोड़ रुपये के 2.16 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत 388.02 करोड़ रुपये के 2.62 करोड़ शेयर Katsura Investments की तरफ से बिक्री के लिए रखे जाएंगे. IPO 22 सितंबर 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 24 सितंबर 2026 को बंद होगा. शेयरों का आवंटन 25 सितंबर को फाइनल होने की उम्मीद है. कंपनी के शेयर 29 सितंबर 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं.

IPO के लिए प्राइस बैंड ₹140-₹148 प्रति शेयर रखा गया है. एक लॉट में 101 शेयर होंगे, यानी अपर प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशक को कम से कम 14,948 रुपये का निवेश करना होगा.

क्या करती है कंपनी

2003 में बनी Varmora Granito सिरेमिक और विट्रिफाइड टाइल्स बनाती और बेचती है. इसके प्रोडक्ट्स में Glazed Vitrified Tiles (GVT), Polished Vitrified Tiles (PVT) और सिरेमिक टाइल्स शामिल हैं. कंपनी का फोकस प्रीमियम और टेक्नोलॉजी वाले प्रोडक्ट्स पर है. वित्त वर्ष 2026 में इसके टाइल रेवेन्यू का करीब 84% हिस्सा GVT और टेक्निकल टाइल्स से आया.

गुजरात के मोरबी क्लस्टर में कंपनी के 8 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं. वित्त वर्ष 2026 में इसके रेवेन्यू का 81.72% हिस्सा खुद बनाए गए प्रोडक्ट्स से आया. कंपनी ने इटली की SACMI के साथ टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप करके Integrated Stone Technology (IST) भी अपनाई है.

देश और विदेश में कंपनी के 305 एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट और 2,758 मल्टी-ब्रांड आउटलेट हैं. इसके अलावा कंपनी बिल्डर्स, कॉन्ट्रैक्टर्स, डेवलपर्स और सरकारी संस्थाओं को B2B बिक्री भी करती है. कंपनी के पास पवन और सौर ऊर्जा से 16.22 मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता है. मार्च 2026 तक इसके यहां 1,153 स्थायी कर्मचारी थे.

A-One Steels India IPO

A-One Steels India का IPO 405 करोड़ रुपये का बुक बिल्ड इश्यू है. इसमें 355 करोड़ रुपये के 87.65 लाख नए शेयर जारी होंगे, जबकि प्रमोटर्स ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए 50 करोड़ रुपये के 12.35 लाख शेयर बेचेंगे. IPO 24 सितंबर 2026 को खुलेगा और 28 सितंबर 2026 को बंद होगा. एंकर बुक 23 सितंबर को संस्थागत निवेशकों के लिए खुलेगी. शेयरों का आवंटन 29 सितंबर को फाइनल होने की उम्मीद है और कंपनी के शेयर 1 अक्टूबर 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं.

दक्षिण भारत की इस स्टील कंपनी के IPO का प्राइस बैंड ₹385-₹405 प्रति शेयर तय किया गया है. अपर प्राइस बैंड पर कंपनी की वैल्यूएशन करीब 3,128 करोड़ रुपये बैठती है. एक लॉट में 37 शेयर होंगे, यानी रिटेल निवेशक को कम से कम 14,985 रुपये लगाने होंगे.

क्या करती है कंपनी

2012 में बनी A-One Steels India एक बैकवर्ड-इंटीग्रेटेड स्टील निर्माता है. कंपनी MS बिलेट्स से HR और CR कॉइल बनाती है, जिन्हें आगे HR पाइप, CR पाइप और गैल्वनाइज्ड ट्यूब में बदला जाता है. इसके अलावा कंपनी TMT बार भी बनाती है, जिन्हें CII ने ग्रीन प्रोडक्ट का सर्टिफिकेट दिया है. साथ ही मेट कोक और फेरोसिलिकॉन जैसे इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स भी खुले बाजार में बेचती है. कंपनी के 6 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं, 5 कर्नाटक में और 1 आंध्र प्रदेश के हिंदूपुर में. ये प्लांट आयरन ओर के स्रोतों और बंदरगाहों के पास हैं, जिससे माल ढुलाई सस्ती पड़ती है. बिजली के लिए कंपनी ने सोलर और पवन ऊर्जा के लॉन्ग टर्म के पावर परचेज एग्रीमेंट किए हैं.

ArMee Infotech IPO

ArMee Infotech का IPO 300 करोड़ रुपये का बुक बिल्ड इश्यू है. इसमें पूरी तरह से नए शेयर जारी किए जाएंगे और कुल 80 लाख शेयर ऑफर होंगे. यानी इसमें OFS का हिस्सा नहीं है. IPO 23 सितंबर 2026 को खुलेगा और 25 सितंबर 2026 को बंद होगा. एंकर निवेशकों के लिए बुक 22 सितंबर को खुलेगी. शेयरों का आवंटन 28 सितंबर को होने की उम्मीद है और कंपनी के शेयर 30 सितंबर 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं.

गुजरात की इस कंपनी के IPO का प्राइस बैंड ₹350-₹375 प्रति शेयर रखा गया है. अपर प्राइस बैंड पर लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैप करीब 1,189.93 करोड़ रुपये रहेगा. एक लॉट में 40 शेयर होंगे, यानी रिटेल निवेशक को कम से कम 15,000 रुपये लगाने होंगे. इश्यू का 25% हिस्सा QIB, 22.5% NII और 52.5% रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व है.

क्या करती है कंपनी

2003 में बनी ArMee Infotech का मुख्यालय अहमदाबाद, गुजरात में है. ArMee Group की ये कंपनी IT इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस और मैनेज्ड सर्विसेज देती है. इसके क्लाइंट्स में सरकार, कॉरपोरेट, बैंकिंग-फाइनेंस-इंश्योरेंस (BFSI) और एजुकेशन सेक्टर शामिल हैं.

कंपनी चार सेगमेंट में काम करती है-
– IT इंफ्रास्ट्रक्चर (हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर की सप्लाई, इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस)
– IT मैनेज्ड सर्विसेज (टेक्निकल मैनपावर, ट्रेनिंग और AMC)
– रिटेल (IT प्रोडक्ट्स, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और गेमिंग के एक्सपीरियंस जोन)
– रिन्यूएबल एनर्जी (सोलर EPC, PPA वाले सोलर प्रोजेक्ट्स और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम)

30 जून 2026 तक कंपनी के 99 प्रोजेक्ट्स चल रहे थे. इनमें 65 IT इंफ्रास्ट्रक्चर, 21 IT मैनेज्ड सर्विसेज और 13 रिन्यूएबल एनर्जी के थे. इनमें से 74 प्रोजेक्ट्स गुजरात में और 11 महाराष्ट्र में हैं. कंपनी के 263 कर्मचारी हैं, जिनमें 219 स्किल्ड और सेमी-स्किल्ड टेक्निकल मैनपावर है. इसके अलावा 1,648 लोग कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे हैं.

Swastika Infra IPO

Swastika Infra का IPO 160.88 करोड़ रुपये का बुक बिल्ड इश्यू है. इसमें 128.50 करोड़ रुपये के 69.46 लाख नए शेयर जारी होंगे. वहीं OFS के तहत प्रमोटर्स समेत मौजूदा शेयरधारक 32.38 करोड़ रुपये के 17.50 लाख शेयर बेचेंगे. IPO 23 सितंबर 2026 को खुलेगा और 25 सितंबर 2026 को बंद होगा. शेयरों का आवंटन 28 सितंबर को होने की उम्मीद है और कंपनी के शेयर 30 सितंबर 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं.

IPO के लिए प्राइस बैंड ₹175-₹185 प्रति शेयर तय किया गया है. एक लॉट में 81 शेयर होंगे, यानी अपर प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशक को कम से कम 14,985 रुपये लगाने होंगे. मार्च 2025 में SEBI के पास जमा ड्राफ्ट पेपर्स में 200 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 19.2 लाख शेयरों का OFS प्रस्तावित था, लेकिन अब इश्यू का साइज घटा दिया गया है.

क्या करती है कंपनी

अगस्त 2019 में बनी Swastika Infra एक EPC कंपनी है, जो बिजली ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट्स करती है. कंपनी टर्नकी सॉल्यूशंस देती है, जिसमें अंडरग्राउंड केबलिंग, सबस्टेशन (GIS, AIS और ग्रिड) बनाना, ग्रामीण और शहरी विद्युतीकरण, स्ट्रीट लाइटिंग और रिन्यूएबल एनर्जी का काम शामिल है.

31 जुलाई 2026 तक कंपनी 6 राज्यों में 36 EPC पावर प्रोजेक्ट्स पूरे कर चुकी थी. इसकी ऑर्डर बुक में करीब 2,037 करोड़ रुपये के 18 प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं. इसके क्लाइंट्स में WBSEDCL, MGVCL, APDCL और MSEDCL जैसी सरकारी बिजली कंपनियां हैं. कंपनी का बिजनेस मॉडल एसेट-लाइट है, यानी निर्माण का काम थर्ड-पार्टी कॉन्ट्रैक्टर्स से कराया जाता है, जबकि सामग्री की खरीद और प्रोजेक्ट की निगरानी कंपनी खुद करती है.

Adroit Industries (India) IPO

Adroit Industries का IPO 150.71 करोड़ रुपये का बुक बिल्ड इश्यू है. इसमें 132.62 करोड़ रुपये के 98.97 लाख नए शेयर जारी होंगे, जबकि OFS के जरिए 18.09 करोड़ रुपये के 13.50 लाख शेयर बेचे जाएंगे. IPO 23 सितंबर 2026 को खुलेगा और 25 सितंबर 2026 को बंद होगा. शेयरों का आवंटन 28 सितंबर को होने की उम्मीद है और कंपनी के शेयर 30 सितंबर 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं.

सुनील सिंघानिया के Abakkus Asset Manager की बैकिंग वाली इस कंपनी के IPO का प्राइस बैंड ₹126-₹134 प्रति शेयर तय किया गया है. एक लॉट में 111 शेयर होंगे, यानी अपर प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशक को कम से कम 14,874 रुपये लगाने होंगे.

क्या करती है कंपनी

जनवरी 1995 में बनी Adroit Industries (India) प्रोपेलर शाफ्ट और टॉर्क-ट्रांसमिशन कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनी है, जो ड्राइवलाइन सिस्टम में इस्तेमाल होते हैं. कंपनी 5,000 से ज्यादा SKU का पोर्टफोलियो देती है, जिसमें प्रिसिजन-मशीन्ड कंपोनेंट्स, पूरे प्रोपेलर शाफ्ट असेंबली और फोर्ज्ड कंपोनेंट्स शामिल हैं. फोर्जिंग, मशीनिंग, हीट ट्रीटमेंट, असेंबली, बैलेंसिंग और टेस्टिंग, सब कुछ कंपनी अपने यहां ही करती है.

कंपनी अपने प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स, Tier-1 ड्राइवलाइन सप्लायर्स और सीधे OEM को बेचती है. इसके ज्यादातर प्रोडक्ट्स कमर्शियल वाहनों में लगते हैं. इसके अलावा SUV, डिफेंस और इमरजेंसी सर्विसेज, हेवी इक्विपमेंट, ऑफ-हाईवे मशीनरी और इंडस्ट्रियल इस्तेमाल में भी इनकी मांग है.

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