AI स्लोडाउन की बहस से IT शेयरों में आई जान! HCLTech, LTM 6% से ज्यादा चढ़े, Nifty IT 5% उछला

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AI Slowdown Sparks IT Stock Rally! HCLTech, LTIMindtree Rise Over 6%, Nifty IT Surges 5%

लंबे वीकेंड के बाद खुले भारतीय शेयर बाजारों की शुरुआत आज 15 सितंबर 2026 को मजबूती के साथ हुई, और इस तेजी की महफिल लूट ली IT शेयरों ने. सभी IT शेयरों में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है. HCLTech, MPHASIS, LTM Limited में 6% से ज्यादा की तेज़ी है. TCS, टेक महिंद्रा, इंफोसिस में भी 5% से ज्यादा का मजबूती है. इसके अलावा, परसिस्टेंस सिस्टम्स और विप्रो के शेयर भी करीब 3% के उछाल के साथ ट्रेड कर रहे हैं. इन सबकी बदौलत Nifty IT Index भी 5% ऊपर है.

IT शेयरों में आखिर क्यों है तेजी?

अब सवाल है कि जो IT शेयर बीते कुछ समय से भीगी बिल्ली बनकर बैठे थे, आज अचानक से ऐसा क्या हो गया कि ये उछल पड़े. AI की बढ़ती रफ्तार ने इन IT कंपनियों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए थे. डर था कि जैसे-जैसे AI तेजी से आगे बढ़ेगा, कंपनियां सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, कोडिंग और दूसरी टेक्नोलॉजी सर्विसेज के लिए इंसानों पर अपनी निर्भरता कम कर सकती हैं. इसका सीधा असर भारतीय IT कंपनियों के पारंपरिक बिजनेस पर पड़ सकता है.

लेकिन अब इसी AI को लेकर एक नई चर्चा ने भारतीय IT कंपनियों के लिए एक नई उम्मीद जगाई है. खबर है कि AI की तेज रफ्तार को लेकर दुनिया की कुछ बड़ी टेक कंपनियों भविष्य में AI के खतरे को देखते हुए स्लोडाउन करने की पैरवी कर रही हैं. AI को लेकर चिंताएं किसी आम इंसान ने नहीं, बल्कि AI इंडस्ट्री की दिग्गज कंपनी Anthropic के CEO डारियो अमोदेई (Dario Amodei), OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन और एलन मस्क ने की है.

अब देखिए कि इन तीनों दिग्गजों ने AI को लेकर अपनी क्या चिंता ज़ाहिर की हैं.

डारियो अमोदेई, CEO, Anthropic

डारियो ने “We Must Pace the Frontier” नाम से एक नोट लिखा है, जिसमें वो कहते हैं कि 2026 की गर्मियों के बाद AI की विकास की रफ्तार काफी तेजी से बढ़ी है.
इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि AI अब खुद AI की अगली पीढ़ी तैयार करने में ज्यादा सक्षम होता जा रहा है. यानी AI सिर्फ इंसानों का काम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अब वो अगली पीढ़ी के AI सिस्टम्स को डेवलप करने में भी मदद कर रहा है. अमोदेई का कहना है कि अगर AI की क्षमताएं लगातार बढ़ती रहीं और उसके साथ जरूरी सुरक्षा व्यवस्था नही बनाई गई तो तो AI से बड़े और गंभीर नुकसान का खतरा पैदा हो सकता है.

सैम ऑल्टमैन CEO, OPENAI

ऑल्टमैन पहले भी AI को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कर चुके हैं. इस बार उन्होंने स्वतंत्र विशेषज्ञों से AI मॉडल्स की सुरक्षा की जांच कराने की बात कही गई है. उन्होंने कहा कि हमें AI की तेज रफ्तार को संभलकर तय करना चाहिए. मौजूदा AI बूम से पहले काफी पहले ऑल्टमैन ने 2015 में एक नोट लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि “superhuman machine intelligence” का विकास मानवता के अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा खतरा हो सकता है. नई चेतावनी भी उसी कड़ी को आगे बढ़ाती हुई दिखती है.

एलन मस्क, CEO, SPACEX

एलन मस्क ने भी डारियो की बात का समर्थन किया और कहा कि AI डेवपलमेंट की रफ्तार को लेकर सावधानी जरूरी है. मस्क पहले भी AI के खतरों को लेकर चेतावनी देते रहे हैं. 2023 में वो Future of Life Institute की उस पहल का समर्थन करने वालों में शामिल थे, जिसमें AI डेवलपमेंट को छह महीने के लिए रोकने की मांग की गई थी. इसका मकसद AI की सुरक्षा के लिए जरूरी सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने के लिए समय देना था.

ग्लोबल मार्केट में टूटे AI से जुड़े शेयर

इस चर्चा का असर ये हुआ कि अमेरिका में AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कई बड़ी सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई. दुनिया की सबसे वैल्युएबल कंपनी Nvidia (-3.36%), Micron (-5.25%) और Marvell (-7.32%) जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर टूट गए. इसके अलावा, AMD और Intel के शेयर भी 5% से ज्यादा फिसल गए.

निवेशकों की चिंता ये है कि अगर AI की रफ्तार धीमी होती है तो AI चिप्स और डेटा सेंटर्स पर होने वाला खर्च पर भी असर पड़ सकता है. AI इंडस्ट्री में स्लोडाउन की चर्चा ने एशियाई शेयर बाजारों पर भी अपना असर दिखाया. दक्षिण कोरिया का बाजार सोमवार को Kospi index 3% से ज्यादा गिर गया, इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह AI और मेमोरी चिप कंपनियों में भारी बिकवाली रही. Samsung Electronics के शेयर करीब 5% गिर गए, जबकि SK Hynix में 7.3% से ज्यादा की गिरावट आई. जापान में OpenAI की निवेशक कंपनी SoftBank Group के शेयर भी 10.7% टूट गए.

साथ ही, एक और खबर ये भी है, ऑल्टमैन ने शनिवार को Fortune magazine को बताया कि उनकी कंपनी इस साल शेयर बाजार में लिस्ट होने नहीं जा रही है. ऑल्टमैन ने कहा कि AI सुरक्षा को लेकर जिस तरह की चिंताएं सामने आ रही हैं, उन्हें देखते हुए अभी कंपनी को पब्लिक करना सही फैसला नहीं होगा. हालांकि OpenAI और Anthropic के IPO को लेकर बाजार में पहले से ही काफी उम्मीदें हैं. अगर दोनों कंपनियां शेयर बाजार में आती हैं, तो इनके IPO दुनिया के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकते हैं. मगर, फिलहाल तो ऐसा होता हुआ नहीं दिख रहा है.

भारतीय IT के लिए अच्छी खबर क्यों है?

भारतीय IT कंपनियां लंबे समय से दुनिया की बड़ी कंपनियों को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, कंसल्टिंग, क्लाउड और टेक्नोलॉजी आउटसोर्सिंग जैसी सर्विसेज देती हैं. AI के तेजी से बढ़ने के साथ बाजार में यह डर था कि इनमें से कई काम ऑटोमेशन और AI टूल्स के जरिए होने लगेंगे. ऐसा होता है तो इन टेक कंपनियों से उनका बिजनेस छिनता चला जाएगा
अब अगर, अगर AI की रफ्तार थोड़ी धीमी होती है तो भारतीय IT कंपनियों को अपने मौजूदा बिजनेस को AI के साथ ढालने में और नए बिजनेस मॉडल्स तैयार करने के लिए ज्यादा समय मिल सकता है.

अब नजर इस बात पर होगी कि क्या IT शेयरों में ये तेजी केवल कुछ समय के लिए है, जो सिर्फ एक बहस की वजह से आई. फिर कोई नया बयान आएगा जो AI की रफ्तार की बात करेगा और IT शेयर कमजोर हो जाएंगे. नजर इस बात पर होगी कि भारत की IT कंपनियां कितनी जल्दी AI को खतरा मानने की बजाय अपने सर्विसेज के साथ जोड़ पाएंगी और अपने विकास के लिए इस्तेमाल कर पाएंगी.

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