Jio Platforms का IPO अब इतिहास बनाने को तैयार है. 14 अक्टूबर को इसके प्राइस बैंड का ऐलान हुआ, जो कि 1,065-1,119 रुपये प्रति तय किया गया. इस इश्यू में 27 करोड़ शेयरों को बिक्री के लिए रखा गया है. यानी जियो इस IPO के जरिए 30,213 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है. जो कि इसे भारत के इतिहास का सबसे बड़ा IPO बनाता है. 2024 में Hyundai Motor का IPO आया था, जिसका साइज़ 27,859 करोड़ रुपये था. इस तरह फंड जुटाने का पुराना रिकॉर्ड टूट जाएगा.
सिर्फ नए शेयर जारी होंगे, OFS नहीं
एक और जरूरी बात ये कि इस IPO में सिर्फ नए शेयर जारी किए जाएंगे, कोई ऑफर फॉर सेल नहीं होगा. मतलब कि पुराने शेयरहोल्डर्स अपना हिस्सा बिक्री के लिए नहीं रखेंगे. जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की हिस्सेदारी 66.43% है.
इसके अलावा मेटा प्लेटफॉर्म्स के पास 9.98% और गूगल के पास 7.73% हिस्सेदारी है. इतने बड़े साइज के IPO में ये हो रहा है, इस लिहाज से ये इश्यू थोड़ा अलग है. यानी इसमें पूरी तरह नए शेयर जारी किए जाएंगे थो जुटाई गई रकम सीधे कंपनी को मिलेगी.
इसके पहले कई बड़े IPO आए, जैसे Hyundai Motor India, LIC, NSE, Coal India और LG. इन सबने 100% OFS के साथ IPO लॉन्च किया, इसमें नए शेयर जारी ही नहीं किए गए. जबकि ये सारे भारत के टॉप 10 IPOs में गिने जाते हैं.

जियो का ये IPO 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा. इसके पहले एंकर निवेशकों के लिए इश्यू 19 अक्टूबर को ही खुल जाएगा. इस इश्यू में कंपनी के कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक के शेयर और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व रखे गए हैं.साथ ही, नेट इश्यू का कम से कम 35% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रहेगा. IPO की वैल्युएशन की जहां तक बात है वो करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये है.
12 शेयरों का एक लॉट है यानी रिटेल निवेशक को कम से कम 12 शेयर खरीदने होंगे, जिसके लिए न्यूनतम निवेश अपर प्राइस बैंड पर 13,428 रुपये का निवेश करना होगा, इसके बाद 12 के मल्टीपल में और बोली लगाई जा सकती है.
कहां होगा पैसों का इस्तेमाल
जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ के पास दाखिल कर दिया है. कंपनी जुटाई गई रकम में से 27,500 करोड़ रुपये कर्ज़ चुकाने में लगाएगी, जबकि बाकी पैसा सामान्य कॉर्पोरेट ज़रूरतों के लिए रखा गया है.
प्राइस बैंड का ऐलान हुआ, GMP गिर गया
जियो प्लेटफॉर्म का ग्रे मार्केट प्रीमियम इस वक्त 15 अक्टूबर सुबह के 11 बजे 203 रुपये चल रहा है यानी 18.14% का प्रीमियम है. इनवेस्टरगेन के मुताबिक इस प्रीमियम पर शेयरों की लिस्टिंग ₹1322 पर हो सकती है. मगर, ग्रे मार्केट प्रीमियम लगातार बदलता रहता है.
13 अक्टूबर 2026 को इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम 218 रुपये चल रहा था, जो कि अभी तक का इसका सबसे ज्यादा है. मगर, जैसे ही 14 अक्टूबर को इसके प्राइस बैंड का ऐलान हुआ, इसके बाद से ही इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम में हल्की गिरावट आना शुरू हो गई. अभी 21 अक्टूबर को इसका IPO खुलेगा और अनुमान है कि 28 अक्टूबर को इसकी लिस्टिंग होगी. उससे पहले GMP कई बार बदल सकता है.
क्या करती है जियो प्लेटफॉर्म
जियो प्लेटफॉर्म्स एक टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो 15 नवंबर 2019 को बनी थी. ये देश में इंटरनेट कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और टेक्नोलॉजी बेस्ड सॉल्यूशंस पर काम करती है. इसकी सहायक कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम के पास 30 जून 2026 तक 53.33 करोड़ ग्राहक थे. आम लोगों के लिए कंपनी मोबाइल और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड, डिजिटल एंटरटेनमेंट, क्लाउड स्टोरेज, वर्चुअल पीसी और स्मार्ट होम जैसी सेवाएं देती है. कारोबारों के लिए इसके पास एंटरप्राइज़ कनेक्टिविटी, क्लाउड, सिक्योरिटी, IOT और AI बेस्ड सॉल्यूशंस हैं. नेटवर्क, डिवाइस, सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम जैसी ज़्यादातर तकनीक कंपनी ने खुद ही डेवलप की हैं.
Jio Platforms ने देशभर में 4G और 5G नेटवर्क, फाइबर कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं का बड़ा ढांचा तैयार किया है. जून 2026 तक उसके वायरलेस ब्रॉडबैंड नेटवर्क की पहुंच देश की 99% से ज्यादा आबादी तक थी. कंपनी और उसकी सहयोगी इकाइयों ने इस तारीख तक 7,220 पेटेंट आवेदन दाखिल किए थे, जिनमें से 1,043 को मंजूरी मिल चुकी थी. कंपनी की तकनीकी पहलों में स्वदेशी 5G टेक्नोलॉजी, JioBrain AI प्लेटफॉर्म और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस तकनीक शामिल हैं. 30 जून 2026 तक कंपनी में 27,932 स्थायी कर्मचारी थे, जबकि 63,795 लोग ठेका आधार पर काम कर रहे थे.

