रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) का IPO आज, 21 अक्टूबर से रिटेल निवेशकों के लिए खुल गया है. देश के सबसे बड़े इस IPO का साइज करीब ₹30,200 करोड़ का है. इस IPO को लेकर पूरे बाज़ार में चर्चा है, लेकिन क्या आपको इसमें पैसे लगाने चाहिए या नहीं, इसका फैसला करने से पहले आपको इसकी पूरी जानकारी लेना जरूरी है. ब्रोकरेज हाउसेज का क्या नजरिया है और ग्रे मार्केट में निवेशकों का कैसा रिएक्शन है. जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 अक्टूबर से खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा. IPO का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर है. इश्यू में करीब 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे.
एंकर निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स
कंपनी को एंकर निवेशकों से भी दमदार रिस्पॉन्स मिला है. बड़े विदेशी निवेशकों, सरकारी निवेश फंड्स, पेंशन फंड्स और घरेलू म्यूचुअल फंड कंपनियों ने इसमें अपनी गहरी दिलचस्पी दिखाई है. Jio Platforms ने अपने IPO से पहले 212 एंकर निवेशकों से कुल 8,109.84 करोड़ रुपये जुटाए हैं.
कई बड़े सॉवरेन वेल्थ फंड और पेंशन फंड ने भी इसमें पैसा लगाया. इनमें सिंगापुर का GIC, नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, PSP इन्वेस्टमेंट्स, कैलिफोर्निया स्टेट टीचर्स रिटायरमेंट सिस्टम और फ्लोरिडा रिटायरमेंट सिस्टम शामिल हैं.
घरेलू संस्थागत निवेशकों की मांग भी मज़बूत रही है. SBI म्यूचुअल फंड, ICICI प्रूडेंशियल, HDFC म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ, निप्पॉन इंडिया और कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड जैसी बड़ी फंड कंपनियों ने हिस्सा लिया.
इसके अलावा बीमा और पेंशन कंपनियों ने भी बढ़चढ़कर हिस्सा लिया, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), HDFC लाइफ, SBI लाइफ, SBI पेंशन, HDFC पेंशन, ICICI प्रूडेंशियल और UTI पेंशन ने भी इस इश्यू में निवेश किया है.
क्या कहते हैं ब्रोकरेज?
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को लेकर ब्रोकरेज हाउसेज काफी पॉजिटिव हैं. एक नजर डालते हैं कि इस IPO को लेकर उनका क्या नजरिया है.
Motilal Oswal: मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि Jio सब्सक्राइबर बेस के हिसाब से देश का सबसे बड़ा डिजिटल कनेक्टिविटी प्लेटफॉर्म है. देश का ज़्यादातर वायरलेस डेटा ट्रैफिक इसी के नेटवर्क पर चलता है. इसका 5G नेटवर्क अपनी खुद की टेक्नोलॉजी पर बना है और JioAirFiber के ज़रिए फिक्स्ड वायरलेस ब्रॉडबैंड का कारोबार भी बढ़ रहा है. क्लाउड, एंटरप्राइज़ सॉल्यूशंस और AI जैसी डिजिटल सर्विसेज़ भी कंपनी के पास हैं, और प्रमोटर रिलायंस इंडस्ट्रीज़ है
HDFC Securities: इसके हिसाब से Jio की ताकत है अपना खुद का टेक्नोलॉजी स्टैक और इंजीनियरिंग क्षमता, एडवांस और ऑटोनॉमस नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर, तेज़ स्पीड वाला व्यापक नेटवर्क, और मज़बूत स्केल, ग्रोथ व वित्तीय प्रदर्शन.
PhilipCapital: 2016 में लॉन्च होने के बाद से Jio ने सस्ते प्लान और अलग तरह की पेशकश से पिछले एक दशक में भारत का टेलीकॉम बाज़ार बदलकर रख दिया.
Emkay Global: इसके मुताबिक Jio की मार्केट लीडरशिप, प्राइसिंग पावर, ग्रोथ के मौकों और काम को अंजाम देने के रिकॉर्ड को देखते हुए IPO की कीमत वाजिब है. 5G में भारी निवेश का दौर अब खत्म होने की ओर है, इसलिए कैश जनरेशन भी मज़बूत हो रहा है.
SBICAPS: इसकी राय में इश्यू प्राइस कंपनी के स्केल, कमाई की ग्रोथ, टेक्नोलॉजी क्षमता और लंबे समय की कमाई की संभावना को दर्शाता है. IPO के पैसे से कर्ज़ चुकाने पर कंपनी का कर्ज़ और ब्याज का बोझ घटेगा, कैश फ्लो मज़बूत होगा और आगे निवेश करने की गुंजाइश बढ़ेगी.
ग्रे मार्केट में भी धमक
जियो प्लेटफॉर्म्स को लेकर ग्रे मार्केट में भी धूम है. इनवेस्टरगेन के मुताबिक बीते 2-3 दिनों में इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) बढ़कर 24.40% हो गया है, यानी इस वक्त 1,119 रुपये के अपर प्राइस बैंड पर 273 रुपये का प्रीमियम मिल रहा है. इस पर अनुमानित लिस्टिंग 1,392 रुपये प्रति शेयर बैठती है. 4 अक्टूबर को इस पर 148 रुपये का प्रीमियम चल रहा था, जो कि अब बढ़कर 273 रुपये पहुंच गया है, यानी इन 17 दिनों में नेट गेन 125 रुपये का हुआ है. हालांकि ग्रे मार्केट प्रीमियम बदलता रहता है, इसलिए अभी जो प्रीमियम चल रहा है, आगे चलकर कम या ज्यादा भी हो सकता है.
अलॉटमेंट और लिस्टिंग
IPO में आवेदन करने वाले निवेशकों को शेयरों का आवंटन 26 अक्टूबर को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है. अलॉटमेंट के बाद निवेशक ये देख सकेंगे कि उन्हें शेयर मिले हैं या नहीं. अगर किसी निवेशक को उसके आवेदन के मुकाबले कम शेयर मिलते हैं या कोई शेयर आवंटित नहीं होता, तो बाकी आवेदन राशि से जुड़े रिफंड या ब्लॉक रकम जारी होने की प्रक्रिया लागू नियमों के मुताबिक होगी. जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों की BSE और NSE पर लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होगी.
IPO से मिली रकम का इस्तेमाल कहां होगा?
कंपनी IPO से जुटाई गई रकम का एक हिस्सा अपनी टेलीकॉम सब्सिडियरी के कर्ज का भुगतान करने में इस्तेमाल करेगी. बाकी रकम सामान्य कारोबारी जरूरतों और कंपनी के दूसरे कामों में किया जाएगा. लिस्टिंग के बाद भी रिलायंस इंडस्ट्रीज जियो प्लेटफॉर्म्स में मेजोरिटी स्टेक बनाए रखेगी. इससे कंपनी पर प्रमोटर कंट्रोल बना रहेगा. निवेशकों के लिए ये जानना अहम है कि IPO से जुटाई गई रकम का कितना हिस्सा कर्ज घटाने में लगेगा और कारोबार के विस्तार के लिए कंपनी की आगे की वित्तीय योजना क्या होगी.

