कमोडिटीज ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म MCX (Multi Commodity Exchange) ने बीते 1 साल में निवेशकों को दोगुना से भी ज्यादा रिटर्न दिया है, और अगर बीते तीन वर्षों की बात करें तो इसने 700% से भी ज्यादा का रिटर्न दिया है. MCX के इतने धमाकेदार रिटर्न को देखकर किसी के मुंह में भी पानी आ सकता है, लेकिन कुछ सवाल भी हैं. क्या MCX की ये तेज़ी आगे भी जारी रहेगी, क्या इसमें अब भी दम बचा है. जिनके पास MCX के शेयर हैं, वो भी सोच सकते हैं कि क्या अब कुछ मुनाफावसूल कर लेना चाहिए.

मगर, म्यूचुअल फंड्स शायद कुछ ऐसा देख रहे हैं, जो सामान्य रिटेल निवेशक नहीं देख पा रहा है. जुलाई 2026 के मुकाबले अगस्त 2026 तक का डेटा देखते हैं. टॉप 10 म्यूचुअल फंड्स में से ज्यादातर ने अपनी होल्डिंग MCX में बढ़ाई है. इसमें Motilal Oswal MF, Nippon India MF, ICICI Prudential MF, Axis MF और HSBC MF, Mahindra Manulife MF शामिल हैं.
Motilal Oswal MF ने जुलाई 2026 के मुकाबले अगस्त 2026 में अपनी होल्डिंग 2.53% बढ़ाई है. जबकि Nippon India MF ने तो अपनी होल्डिंग में 25% का इजाफा किया है.
ICICI Prudential MF ने भी अपनी होल्डिंग में 17.77% की बढ़ोतरी की है और Mahindra Manulife MF ने 13.18% शेयर जोड़े हैं. हालांकि SBI ने अपनी होल्डिंग घटाई है.
म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स : जुलाई vs अगस्त 2026
| फंड हाउस | जुलाई 2026 (शेयर) | अगस्त 2026 (शेयर) | बदलाव |
|---|---|---|---|
| Motilal Oswal MF | 1,04,86,505 | 1,07,52,296 | +2.53% |
| Nippon India MF | 80,83,187 | 1,01,07,145 | +25.04% |
| ICICI Prudential MF | 78,85,997 | 92,87,094 | +17.77% |
| Axis MF | 42,44,714 | 43,38,425 | +2.21% |
| HSBC MF | 34,48,338 | 37,55,037 | +8.89% |
| Edelweiss MF | 41,72,212 | 42,52,868 | +1.93% |
| Mahindra Manulife MF | 20,86,650 | 23,61,650 | 13.18% |
| SBI MF | 66,52,321 | 35,04,988 | -47.31% |
| Mirae Asset MF | 46,61,099 | 31,73,128 | -31.92% |
| Canara Robeco MF | 43,12,893 | 41,80,792 | -3.06% |
Source: MF Scanner
अगर ये आंकड़े आपको सामान्य लगते हैं तो इसके पिछले आंकड़े आप देखिए. जहां जून 2026 के मुकाबले जुलाई 2026 में Mahindra Manulife ने अपनी होल्डिंग में 15 गुना से भी ज्यादा का इज़ाफा किया था. जबकि WhiteOak Capital ने 7 गुना होल्डिंग बढ़ाई थी. साथ ही, ICICI Prudential और SBI ने भी अपनी होल्डिंग्स में अच्छा खासा इज़ाफा किया था.
म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स : जून vs जुलाई 2026
| फंड हाउस | जून 2026 (शेयर) | जुलाई 2026 (शेयर) | बदलाव |
|---|---|---|---|
| Mahindra Manulife MF | 1,30,000 | 20,86,650 | 1505% |
| WhiteOak Capital MF | 33,923 | 2,86,006 | 743% |
| Navi MF | 25,151 | 37,627 | 50% |
| ICICI Pru MF | 68,56,564 | 84,83,052 | 24% |
| SBI MF | 57,00,898 | 69,70,186 | 22% |
MCX के शानदार इंडिकेटर्स
अब सवाल ये है कि म्यूचुअल फंड्स MCX में ऐसा क्या देख रहे हैं, जिससे वो अपनी होल्डिंग्स लगातार बढ़ा रहे हैं. इसका जवाब है MCX का लगातार दमदार प्रदर्शन और उसकी अपने क्षेत्र में मोनोपली.
- MCX का प्राइस टू अर्निंग रेश्यो 54.5 है, यानी वैल्युएशन काफी ऊंची है, मगर जब हम इसके PEG रेश्यो को देखते हैं, जो कि 0.51 तो तेज अर्निंग ग्रोथ के मुकाबले वैल्युएशन उतनी महंगी नहीं दिखती है.
- ROE यानी रिटर्न ऑन इक्विटी 56.3% है जो कि काफी मजबूत है. ये बताता है कि कंपनी अपने शेयरहोल्डर्स के पैसे से शानदार रिटर्न कमा रही है. मतलब शेयरहोल्डर्स के पैसे का बढ़िया तरीके से इस्तेमाल हो रहा है
- ROCE यानी रिटर्न ऑन कैपिटल एम्पलॉयड 71.4% है, ये भी काफी मजबूत है. ये दर्शाता है कि कंपनी अपनी पूंजी का जो कि कर्ज और इक्विटी दोनों से मिली है उसका बहुत सही तरीके से इस्तेमाल कर रही है
- 3 साल की EPS ग्रोथ 108% है, इसका मतलब है कि बीते तीन साल में प्रति शेयर कमाई बहुत तेजी से बढ़ी है. यानी शेयरों ने निवेशकों को पैसा कमाकर दिया है, वो दिखा भी है.
MCX का दमदार वित्तीय प्रदर्शन
MCX का वित्तीय प्रदर्शन बीते तीन सालों में काफी दमदार रहा है. नेट प्रॉफिट FY24 में 83 करोड़ रुपये से बढ़कर FY26 में 1,332 करोड़ रुपये पहुंच गया. जबकि प्रॉफिट मार्जिन 11% से बढ़कर 55% हो गया. बिक्री 684 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,302 करोड़ रुपये हो गई.
बीते 3 साल का प्रदर्शन
| फाइनेंशियल | FY 2023-24 | FY 2024-25 | FY 2025-26 |
| कुल इनकम | ₹759 करोड़ | ₹1,209 करोड़ | ₹2,429 करोड़ |
| नेट प्रॉफिट (PAT) | ₹83 करोड़ | ₹560 करोड़ | ₹1,332 करोड़ |
| नेट प्रॉफिट मार्जिन | 11% | 46% | 55% |
MCX पैसे कैसे कमाता है?
अब MCX के इतने अच्छे वित्तीय प्रदर्शन के पीछे है उसका बिजनेस मॉडल और मार्केट में दबदबा. MCX खुद सोना, चांदी, कच्चा तेल या दूसरी कमोडिटी खरीदकर बेचकर पैसा नहीं कमाता, ये एक एक्सचेंज है, जो खरीदार और विक्रेता को ट्रेडिंग का प्लेटफॉर्म देता है, ठीक वैसे ही जैसे BSE, NSE हैं.
MCX की कमाई का सबसे बड़ा जरिया ट्रांजैक्शन चार्जेस हैं. मान लीजिए किसी ट्रेडर ने MCX पर 10 लाख का रुपये Gold futures contract खरीदा. ट्रेड होने पर MCX उस लेनदेन पर एक छोटा-सा चार्ज लेता है, जितना ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम और जितना ज्यादा कारोबार का मूल्य, उतनी ज्यादा एक्सचेंज की कमाई. MCX के लिए कमोडिटी की कीमत बढ़ना या घटना सीधे कमाई का स्रोत नहीं है, असली कमाई इस बात से जुड़ी है कि उस कमोडिटी में कितनी ट्रेडिंग एक्टिवटी हो रही है. ज्यादा ट्रेडिंग एक्टिविटी का सीधा मतलब है कि ज्यादा ट्रांजैक्शन और एक्सचेंज की ज्यादा कमाई.
बुलियन यानी सोना-चांदी, बेस मेटल और एनर्जी कमोडिटी डेरिवेटिव्स में MCX का दबदबा है. इन सभी में उसकी बाज़ार हिस्सेदारी 99% से ज़्यादा है, यानी एक तरह से उसकी मोनोपली है. ऐसे में अगर कमोडिटी डेरिवेटिव्स में लोगों की भागीदारी बढ़ती रहती है, तो यह सारा कारोबार जिस प्लेटफ़ॉर्म पर होता है, उस पर MCX पहले से काबिज़ है. ज़्यादा भागीदारी का मतलब ज़्यादा ट्रेडिंग, और ज़्यादा ट्रेडिंग से MCX की कमाई और मुनाफ़ा बढ़ने की संभावना है.
डिस्क्लेमर
यह खबर/लेख केवल जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है. इसे निवेश, वित्तीय, कानूनी या कर संबंधी सलाह न समझें. शेयर बाज़ार और कमोडिटी में निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है, और इसमें पूंजी का नुकसान भी हो सकता है. किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें और स्वयं भी पूरी जाँच-पड़ताल करें. इसमें दी गई जानकारी का उपयोग आपके अपने जोखिम पर होगा. लेखक/प्रकाशक किसी भी प्रकार के लाभ या हानि के लिए उत्तरदायी नहीं होगा.

