टेमासेक और मोतीलाल ओसवाल ग्रुप की निवेश वाली कंपनी मोलबायो डायग्नोस्टिक (Molbio Diagnostics) ने अपने IPO के लिए प्राइस बैंड 768-807 रुपये प्रति शेयर तय किया है. ये इश्यू 10 अगस्त से खुलेगा और 12 अगस्त तक इसमें बोली लगाई जा सकेगी. एंकर निवेशकों के लिए बुक 7 अगस्त को खुलेगी.
इसका लॉट साइज 18 शेयरों का है, यानी निवेशक कम से कम 18 इक्विटी शेयरों के लिए बिड कर सकते हैं, और उसके बाद इसी के मल्टीपल में बोली लगा सकेंगे. अपर प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशकों को न्यूनतम 14,526 रुपये की बोली लगानी होगी. शेयर अलॉटमेंट का आधार 13 अगस्त को तय होने की उम्मीद है, और कंपनी के शेयर 17 अगस्त को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हो सकते हैं.
Molbio Diagnostics IPO की डिटेल्स
| इश्यू खुलेगा | 10 अगस्त, 2026 |
| इश्यू बंद | 12 अगस्त, 2026 |
| प्राइस बैंड | ₹768-807 |
| लॉट साइज | 18 शेयर |
| लिस्टिंग | NSE, BSE |
OFS में मौजूदा शेयरहोल्डर्स बेचेंगे हिस्सा
अपर प्राइस बैंड पर इसकी वैल्यू 930.7 करोड़ रुपये बैठती है. इसमें 200 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू शामिल है, जबकि बाकी हिस्सा ऑफर फॉर सेल OFS है, जिसमें मौजूदा शेयरहोल्डर्स करीब 92 लाख शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे. OFS के तहत शेयर बेचने वालों में प्रमोटर्स Exxora Trading और डॉ. चंद्रशेखर भास्करन नायर, निवेशक India Business Excellence Fund, और 7 दूसरे शेयरहोल्डर्स शामिल हैं. कंपनी में अभी प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 46.65% है जो कि इश्यू के बाद घट जाएगी. बाकी 53.35% हिस्सा टेमासेक होल्डिंग्स के निवेश वाली V Sciences Investments और मोतीलाल ओसवाल ग्रुप के India Business Excellence Fund जैसे निवेशकों के पास है.
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कंपनी क्या करती है
कंपनी की शुरुआत अक्टूबर 2000 में हुई थी, ये एक ग्लोबल पॉइंट-ऑफ-केयर (POC) मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स कंपनी है, जो संक्रामक और गैर-संक्रामक बीमारियों के लिए तेज़ डायग्नोस्टिक सॉल्यूशंस की रिसर्च, डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग और कमर्शियलाइजेशन में काम करती है. कंपनी का प्रमुख प्रोडक्ट Truenat प्लेटफॉर्म 100 से ज्यादा देशों में पेटेंट है, और ये ट्यूबरकुलोसिस (TB), कोविड-19, हेपेटाइटिस B और C, HIV और HPV जैसी बीमारियों की तेज़ मॉलिक्यूलर टेस्टिंग की सुविधा देता है.
कंपनी सहायक कंपनियों और पार्टनर्स के जरिए, Molbio रेडियोलॉजी, डिजिटल पैथोलॉजी और ब्रेस्ट हेल्थ स्क्रीनिंग सॉल्यूशंस भी मुहैया कराती है. ये PCR-बेस्ड प्लेटफॉर्म खासतौर पर उन इलाकों के लिए बनाया गया है जहां संसाधनों की कमी है, और ये एक घंटे के अंदर डी-सेंट्रलाइज्ड तरीके से डायग्नोस्टिक नतीजे देने में सक्षम है.
पैसों का इस्तेमाल कहां होगा
फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम में से 105.5 करोड़ रुपये कंपनी अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनी Bigtec के जरिए एक रिसर्च एंड डेवलपमेंट फैसिलिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के साथ-साथ ऑफिस इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करेगी. इसके अलावा 72.2 करोड़ रुपये गोवा और विशाखापट्टनम की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज के लिए प्लांट, मशीनरी और उपकरण खरीदने में लगाए जाएंगे. बची हुई रकम बाकी कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए इस्तेमाल होगी.
कंपनी की वित्तीय स्थिति कैसी है
FY2026 में Molbio Diagnostics का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है. कंपनी का नेट प्रॉफिट 14.8% बढ़कर ₹166.6 करोड़ पहुंच गया, जबकि रेवेन्यू में 41.7% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹1,445.7 करोड़ तक पहुंच गया.
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