फेस्टिव सीजन चल रहा है और आप सोच रहे थे कि गोल्ड फंड्स में निवेश कर लिया जाए, तो अभी आप ऐसा नहीं कर पाएंगे. क्योंकि देश की 17 म्यूचुअल फंड हाउस ने अपने गोल्ड ETF फंड ऑफ फंड्स (FoF) में नया निवेश अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. 15 और 16 अक्टूबर 2026 से लागू इन पाबंदियों के तहत नए एकमुश्त निवेश, नई SIP और दूसरी स्कीमों से पैसा ट्रांसफर करने पर रोक लगाई गई है. हालांकि, कई स्कीम्स में पहले से चल रही SIP जारी रहेंगी और निवेशक अपनी मौजूदा यूनिट बेच भी सकेंगे.
जिन म्यूचुअल फंड हाउसेज ने नए निवेश पर रोक लगाई है, इनमें टाटा, HDFC, कोटक, ICICI प्रूडेंशियल और DSP जैसे बड़े नाम शामिल हैं. सभी कंपनियों ने निवेशकों को नोटिस भेजकर बताया है कि यह रोक “अगले आदेश तक” जारी रहेगी.
किन फंड्स पर लगा है प्रतिबंध
ये प्रतिबंध कुछ चुनिंदा गोल्ड FoF यानी फंड ऑफ फंड्स पर लगा है. खबर में आगे बढ़ने से पहले ये समझ लीजिए कि फंड ऑफ फंड्स (FoF) और ETF में फर्क क्या है? गोल्ड ETF एक फंड है जो असली सोना खरीदकर रखता है और शेयर की तरह स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होता है, इसे जब चाहे खरीद और बेच सकते हैं. इसे खरीदने के लिए डीमैट अकाउंट चाहिए होता है. जबकि गोल्ड FoF खुद सोना नहीं खरीदता, वो आपका पैसा उसी कंपनी के गोल्ड ETF में लगा देता है. इसे डीमैट के बिना, सीधे फंड हाउस से या ऐप के ज़रिए खरीदा जा सकता है, और इसीलिए छोटे निवेशकों में काफी पॉपुलर भी है. यानी FoF में आने वाला हर रुपया आखिर में ETF तक पहुंचता है, और ETF को उतने ही असली सोने की खरीद से पीछे रखना पड़ता है.
किन स्कीम्स पर और क्यों लगाई रोक
म्यूचुअल फंड कंपनियों ने स्कीम्स में नया निवेश करने पर रोक लगाई है. इसमें एकमुश्त (लंपसम) खरीद, दूसरे म्यूचुअल फंड से स्विच-इन और नई SIP शामिल है. कई नोटिस में SIP टॉप अप या स्टेप-अप के ज़रिए निवेश राशि बढ़ाने पर भी रोक लगाई गई है. जिन फंड्स पर रोक लगाई गई है उसमें Kotak Gold Fund, Kotak Gold Silver Passive FoF, Tata Gold ETF Fund of Fund और ICICI Prudential Gold ETF FoF शामिल है.
हालांकि, अलग-अलग असेट मैनेजमेंट कंपनी के नोटिस की भाषा अलग-अलग है. इसलिए निवेशकों को ये मानकर नहीं चलना चाहिए कि सभी गोल्ड फंड पर एक जैसे नियम लागू हैं, उन्हें अपनी स्कीम का नोटिस खुद देखना चाहिए और पढ़कर समझना चाहिए.
जैसे कि टाटा गोल्ड ETF FoF में नया और अतिरिक्त लंपसम निवेश, स्विच-इन, टॉप-अप और नए SIP/STP रजिस्ट्रेशन बंद हैं, लेकिन पहले से रजिस्टर्ड SIP, STP की किस्तें चलती रहेंगी. रिडेम्पशन, स्विच-आउट और पहले से चल रहे SWP पर भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा.
ये प्रतिबंध कुछ गोल्ड-सिल्वर मिक्स्ड FoF पर भी लागू हैं. कोटक का नोटिस कोटक गोल्ड फंड और कोटक गोल्ड सिल्वर पैसिव FoF दोनों पर लागू है. वहीं मिरे एसेट का नोटिस उसके गोल्ड ETF FoF और गोल्ड सिल्वर पैसिव FoF को कवर करता है.
क्या अब भी गोल्ड ETF खरीद सकते हैं?
बिल्कुल आप डीमैट अकाउंट के जरिए शेयर बाजार में गोल्ड ETF की यूनिट खरीद सकते हैं. क्योंकि ये पाबंदियां कुछ गोल्ड ETF फंड ऑफ फंड्स (FoF) पर लागू हैं, न कि शेयर बाजार में खरीदी-बेची जाने वाली गोल्ड ETF यूनिट पर .हालांकि, बाजार में खरीदारी का दबाव ज्यादा होने पर सावधानी बरतना जरूरी है. ऐसी स्थिति में गोल्ड ETF की बाजार कीमत उसके अंडरलाइंग सोने के मूल्य यानी नेट एसेट वैल्यू (NAV) से ज्यादा हो सकती है. ऐसे में निवेशक को सोने की असली कीमत के मुकाबले ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है.
Disclaimer: This article is for informational and educational purposes only and should not be considered investment advice. Gold prices and gold-related investment products are subject to market risks. Investors should read the scheme-related documents and official notices issued by mutual fund houses before making any investment decisions. Consult a SEBI-registered investment adviser if required. Past performance does not guarantee future returns.

