NSE IPO: ₹1,700-1,785 हो सकता है प्राइस बैंड, कल होगा ऐलान! इश्यू साइज में भी कटौती

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NSE IPO: Price Band Set to Be Announced Tomorrow, Issue Size Likely Cut

NSE के IPO का बड़ी बेसब्री से इंतजार हो रहा है, इससे जुड़ी बड़ी खबर ये है कि इसके प्राइस बैंड का ऐलान कल यानी 11 सितंबर को होगा. CNBC-TV18 ने सूत्रों के हवाले से ये खबर दी है. बस एक दिन पहले ही NSE ने मार्केट रेगुलेटर सेबी और स्टॉक एक्सचेंजों के पास अपना अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) जमा किया था, तो साफ है कि देश के सबसे बड़े एक्सचेंज की लिस्टिंग अब और करीब आ गई है.

कितना हो सकता है प्राइस बैंड

ब्लूमबर्ग ने बीते दिनों सूत्रों के हवाले से बताया था कि 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर इसका प्राइस बैंड हो सकता है. जबकि पहले चर्चा थी कि इसका प्राइस बैंड 2,000 से 2,100 रुपये प्रति शेयर हो सकता है. एक बात और आपको बता दें कि ये पूरा IPO ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, इसमें फ्रेश शेयर नहीं जारी किए जाएंगे. यानी इससे मिलने वाला पैसा सीधे NSE की जेब में नहीं जाएगा.

पहले जो मूल DRHP दाखिल हुआ था, उसमें 14.89 करोड़ शेयरों के OFS की बात थी, जो एक्सचेंज की कुल इक्विटी का करीब 6% बनता है. रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सचेंज IPO के जरिए बेची जाने वाली हिस्सेदारी को भी घटा सकता है. मूल ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस में जो 6% प्रस्तावित थी, अब वो घटकर करीब 5.5% रह सकती है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर 1,785 रुपये वाली ऊपरी रेंज पर बात बनती है, तो 5.5% हिस्सेदारी बेचने पर NSE की वैल्यूएशन करीब 4.42 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है. जबकि पहले एक्सचेंज ने इससे कहीं ज्यादा, यानी 5.26 लाख करोड़ रुपये तक की वैल्यूएशन का लक्ष्य रखा था.

IPO साइज़ भी घट सकता है

अब बात करें इश्यू साइज़ की, तो मनीकंट्रोल की बुधवार की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि यह IPO अब करीब 23,000 करोड़ रुपये का रह सकता है. याद रहे, जून में जब ड्राफ्ट फाइल हुआ था, तब इसका अनुमान करीब 30,000 करोड़ रुपये लगाया गया था. यानी साइज़ में अच्छी-खासी कटौती की जा सकती है. वजह ये बताई जा रही है कि कुछ मौजूदा शेयरधारकों, जिनमें सरकारी बीमा कंपनियां और मॉर्गन स्टेनली शामिल हैं, इन्होंने ऑफर में कम शेयर बेचने का फैसला किया है.

मूल DRHP में जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (GIC Re) ने 1.066 करोड़ शेयर बेचने का प्रस्ताव रखा था, न्यू इंडिया एश्योरेंस ने 1.05 करोड़ शेयर बेचने की बात कही थी. नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, इन दोनों ने भी 60-60 लाख शेयर बेचने का प्रस्ताव दिया था. शुरुआत में इन चारों सरकारी बीमा कंपनियों ने मिलाकर करीब 3.37 करोड़ NSE के शेयर बेचने की योजना बनाई थी, लेकिन अब इनमें से कुछ बीमा कंपनियों ने अपनी प्रस्तावित हिस्सेदारी बिक्री को घटा दिया है.

सूत्रों के मुताबिक मॉर्गन स्टेनली से जुड़ी कंपनी MS स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) ने भी अपने बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या कम कर दी है. जबकि मूल DRHP में MS स्ट्रैटेजिक की ओर से 1.60 करोड़ शेयर बेचने का प्रस्ताव रखा गया था. IPO डॉक्यूमेंट्स में मॉर्गन स्टेनली, टेमासेक होल्डिंग्स, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, GIC Re, न्यू इंडिया एश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस समेत कई मौजूदा शेयरधारकों को बिक्री करने वाले शेयरधारकों के तौर पर नामित किया गया है.

डिस्क्लेमर: ये न्यूज आर्टिकल विभिन्न समाचार पोर्टल्स पर दी गई जानकारियों के आधार पर लिखा गया है. किसी भी तरह की गलती के लिए हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है. निवेश का फैसला आप किसी निवेश सलाहकार से मशवरा करके ही करें. हमारी तरफ से इसे निवेश की सलाह के तौर पर नहीं लिया जाए.

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