Orient Cables IPO Listing: ओरिएंट केबल्स के IPO ने अपने निवेशकों को मालामाल कर दिया है. सोमवार, 5 अक्टूबर को कंपनी के शेयर NSE पर 65.44% प्रीमियम के साथ ₹450 पर लिस्ट हुए, इसका इश्यू प्राइस ₹272 था. BSE पर शेयर ₹448.10 पर लिस्ट हुआ, यानी इश्यू प्राइस के मुकाबले 64.74% का प्रीमियम मिला. लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में भी Orient Cables के शेयर करीब 45% के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे थे. यानी इसके शेयर ग्रे मार्केट से भी ज्यादा प्रीमियम पर लिस्ट हुए हैं.
धमाकेदार लिस्टिंग के बाद भी शेयर रुका नहीं और इसने 464.85 रुपये के इंट्राडे हाई भी बनाया. हालांकि इसके बाद शेयर लुढ़क गया और 405 रुपये तक फिसल गया, जो कि इसकी लिस्टिंग प्राइस से 10% नीचे है और इश्यू प्राइस से करीब 49% नीचे है.
IPO को धमाकेदार रिस्पॉन्स मिला था
552 करोड़ रुपये के ओरिएंट केबल्स के IPO को निवेशकों की तरफ से जबरदस्त डिमांड देखने को मिला था. IPO 25 सितंबर से 29 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था और इसे कुल 97.28 गुना सब्सक्रिप्शन मिला. रिटेल निवेशकों का हिस्सा 32.21 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि एंकर निवेशकों को छोड़कर QIB कैटेगरी 192.68 गुना और NII कैटेगरी 121.90 गुना सब्सक्राइब हुई. IPO से पहले कंपनी ने 14 एंकर निवेशकों से ₹165.6 करोड़ जुटाए थे. इस मजबूत सब्सक्रिप्शन के बाद बाजार में कंपनी की लिस्टिंग को लेकर पहले से ही काफी उम्मीदें थीं और सोमवार को शेयर ने इन उम्मीदों से भी बेहतर शुरुआत की.
पैसा कहां इस्तेमाल होगा?
ओरिएंट केबल्स के IPO में ₹320 करोड़ का फ्रेश इश्यू और 85.29 लाख शेयरों यानी ₹232 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल था. OFS के जरिए प्रमोटर्स विपुल नागपाल, गरिमा नागपाल, गरिमा फैमिली ट्रस्ट, और विपुल फैमिली ट्रस्ट ने अपनी हिस्सेदारी के कुछ शेयर बेचे.
कंपनी के मुताबिक, फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल खास तौर पर मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं में मशीनरी, उपकरण और सिविल वर्क से जुड़े पूंजीगत खर्च के लिए किया जाएगा. इसके अलावा कंपनी कुछ रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए करेगी. ये हिस्सा इसलिए भी अहम है क्योंकि जून 2026 तक ओरिएंट केबल्स पर कुल ₹258.4 करोड़ का कर्ज था, जिसमें ₹240.4 करोड़ सिक्योर्ड फंड-बेस्ड सुविधाओं से जुड़ा था.
कंपनी करती क्या है?
ओरिएंट केबल्स की शुरुआत सितंबर 2005 में हुई थी, कंपनी नेटवर्किंग केबल और पैसिव नेटवर्किंग उपकरण बनाती है. जिनका इस्तेमाल ब्रॉडबैंड, टेलीकॉम, डेटा सेंटर, रिन्यूएबल एनर्जी, स्मार्ट बिल्डिंग, सिक्योरिटी, सिस्टम इंटीग्रेशन, FMEG और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में होता है. कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में CAT5, CAT5e, CAT6 और CAT6A नेटवर्किंग केबल, CCTV और कोएक्सियल केबल, पावर केबल, ऑप्टिकल फाइबर केबल, फाइबर पैच कॉर्ड, पावर स्ट्रिप और पावर कॉर्ड शामिल हैं. कंपनी ग्राहकों की जरूरत के मुताबिक कस्टमाइज्ड केबल और दूसरे प्रोडक्ट भी तैयार करती है.
कंपनी ने अब अपने कारोबार को पारंपरिक नेटवर्किंग केबल से आगे बढ़ाते हुए स्पेशलिटी केबल, सोलर जंक्शन बॉक्स, टेथर्ड ड्रोन सिस्टम, केबल हार्नेस और EV चार्जिंग केबल और गन जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार किया है. जून 2026 तक कंपनी की उत्पादन क्षमता करीब 8.96 लाख किलोमीटर थी. उसके EV चार्जिंग केबल TÜV सर्टिफाइड हैं.
1Lattice की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में ओरिएंट केबल्स भारत की टॉप-4 नेटवर्किंग केबल कंपनियों में शामिल थी और उसकी बाजार हिस्सेदारी करीब 22.9% थी, जो वित्त वर्ष 2022 में करीब 16% थी. कंपनी टेलीकॉम, ब्रॉडबैंड, डेटा सेंटर, रिन्यूएबल एनर्जी, ई-मोबिलिटी, स्मार्ट होम और ऑफिस, सिक्योरिटी, रेलवे, डिफेंस और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों को भी सप्लाई करती है.

