अगर आप रियल एस्टेट में निवेश करना चाहते हैं, लेकिन भारी भरकम निवेश नहीं कर सकते तो आपके लिए REITs जैसे विकल्प हैं, लेकिन कौन सा REITs खरीदा जाए ये भी अपने आप में एक चुनौती है. कितना अलोकेशन करें और कब पोर्टफोलियो में बदलाव करें, इसके लिए थोड़ी जानकारी होना भी जरूरी है. मगर, इन सभी परेशानियों से आपको बचाता है REIT-फोकस्ड म्यूचुअल फंड. इसमें आपको अलग-अलग REITs चुनने के बजाय म्यूचुअल फंड के जरिए REITs और रियल एस्टेट से जुड़े दूसरे निवेशों में एक्सपोजर मिलता है.
पहली बार REIT-फोकस्ड म्यूचुअल फंड
भारत में अब पहली बार REIT-फोकस्ड म्यूचुअल फंड की शुरुआत हुई है. अगस्त 2026 में Edelweiss और WhiteOak Capital ने इस कैटेगरी में अपने-अपने न्यू फंड ऑफर (NFO) लॉन्च किए. इनमें Edelweiss Nifty REITs & Realty Index Fund एक पैसिव फंड है. जो Nifty REITs & Realty Total Return Index को ट्रैक करता है. जबकि WhiteOak Capital Dividend Yield Fund एक एक्टिवली मैनेज्ड फंड है, जिसमें फंड मैनेजर को पोर्टफोलियो में अलग-अलग असेट्स चुनने और उनका अलोकेशन तय करने की ज्यादा आजादी है.
इन फंड्स के जरिए निवेशक म्यूचुअल फंड स्ट्रक्चर के जरिए REITs में पैसा लगा सकते हैं. इसका एक फायदा ये भी है कि निवेशक को सीधे REIT यूनिट्स खरीदने और उनसे जुड़ी जटिल टैक्सेशन को खुद संभालने की जरूरत नहीं पड़ती है.
अबतक REIT-फोकस्ड म्यूचुअल फंड क्यों नहीं था?
REIT यानी Real Estate Investment Trust को कमर्शियल रियल एस्टेट में निवेश का एक आसान तरीका माना जाता है. REITs आम तौर पर ऑफिस बिल्डिंग्स, कमर्शियल स्पेस कॉम्प्लेक्स और दूसरी इनकम जेनरेट करने वाली प्रॉपर्टीज में में निवेश करते हैं. इन प्रॉपर्टीज से होने वाली कमाई का एक हिस्सा निवेशकों को दिया जाता है. इसके साथ प्रॉपर्टी की वैल्यू बढ़ने पर निवेशकों का पैसा बढ़ता है. भारत में फिलहाल रिटेल निवेशकों के लिए 6 लिस्टेड REITs मौजूद हैं. इनमें से 3 को बाजार में आए पांच साल से ज्यादा हो चुके हैं.
भारत में लिस्टेड REITs
| Company | Listing Date | Age (Years) |
|---|---|---|
| Embassy Office Parks REIT | April 2, 2019 | 7.10 |
| Mindspace Business Parks REIT | August 7, 2020 | 6.2 |
| Brookfield India Real Estate Trust | February 16, 2021 | 6.8 |
| Nexus Select Trust | May 19, 2023 | 3.5 |
| Knowledge Realty Trust | August 18, 2025 | 1.2 |
| Bagmane Prime Office REIT | May 14, 2026 | 0.5 |
| As of October 2026 |
इसके बावजूद अब तक ऐसा कोई म्यूचुअल फंड नहीं था, जो REITs पर बेस्ड हो. यानी अगर कोई निवेशक REITs में निवेश करना चाहता है तो उसे सीधे REIT यूनिट्स ही खरीदनी पड़ती थीं. अब किसी भी नए निवेशक या फिर ऐसे निवेशक जो कि पहली बार REITs में पैसे लगा रहा है, थोड़ी हिचकिचाहट वाली बात होती है.
लेकिन अब दो नए म्यूचुअल फंड लॉन्च होने के साथ ही ये हिचकिचाहट या संकोच खत्म हो गया है. Edelweiss और WhiteOak Capital ने अगस्त 2026 में अपने NFO लॉन्च किए और पहली बार भारतीय निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड के जरिए से REIT में निवेश का रास्ता खुल गया.
Edelweiss REIT Fund का स्ट्रक्चर क्या है?
जैसा कि ऊपर बताया कि Edelweiss Nifty REITs & Realty Index Fund एक पैसिव फंड है. इसका मकसद Nifty REITs & Realty Total Return Index के प्रदर्शन को फॉलो करना है. यानी फंड मैनेजर को अपनी पसंद से REIT चुनकर पोर्टफोलियो बनाने की जरूरत नहीं होती, बल्कि फंड इंडेक्स के पोर्टफोलियो और अलोकेशन को फॉलो करता है.
इस इंडेक्स में कुल 15 सिक्योरिटीज हैं. इनमें करीब 60% आवंटन REITs और 40% रियल्टी स्टॉक्स का है. इंडेक्स का लक्ष्य 6 महीने के एवरेज फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर टॉप REITs और रियल्टी कंपनियों को शामिल करना है. अब चूंकि इस वक्त 15 REITs से भी कम उपलब्ध हैं, इसलिए इंडेक्स में सभी जगह REITs को नहीं रख सकते, तो बाकी हिस्सा रियल्टी कंपनियों के शेयरों से भरा जाता है.
यानी Edelweiss fund को फिलहाल पूरी तरह REIT फंड नहीं कहा जा सकता, इसमें रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों का भी बड़ा हिस्सा है. इसलिए इस फंड के रिटर्न में उतार-चढ़ाव सिर्फ REIT के प्रदर्शन की वजह से नहीं बल्कि रियल्टी शेयरों में उथल-पुथल की वजह से आ सकते हैं.
Edelweiss Nifty REITs & Realty Index Fund

WhiteOak का REIT Fund कैसे अलग है?
WhiteOak Capital Dividend Yield Fund एक एक्टिवली मैनेज्ड फंड है. इसके पोर्टफोलियो में भी 60% तक REITs, 10% तक InvITs और 25% तक इक्विटी और आर्बिट्राज का आवंटन होता है.

InvIT यानी Infrastructure Investment Trust का काम REIT जैसा ही है, लेकिन यहां अंडरलाइंग एसेट्स रियल एस्टेट की बजाय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स होते हैं, जैसे कि कोई फ्लाईओवर, सड़कें, पावर प्लांट्स, गैस पाइपलाइन, टेलीफोन टावर वगैरह. इनसे होने वाली इनकम का एक हिस्सा निवेशकों को दिया जाता है. भारत में फिलहाल 9 लिस्टेड InvITs हैं.
WhiteOak fund और Edelweiss fund में कुछ अंतर हैं.
पहला, WhiteOak fund में 10% तक InvITs में निवेश की गुंजाइश है, जबकि Edelweiss fund का फोकस REITs और रियल्टी शेयरों वाले इंडेक्स पर होता है.
दूसरा, Edelweiss fund में करीब 40% हिस्सा रियल्टी स्टॉक्स का है. इसके मुकाबले WhiteOak fund में इक्विटी और आर्बिट्राज का आवंटन 25% तक है.
REIT Mutual Fund के क्या फायदे हैं
REIT Mutual Fund का सबसे बड़ा फायदा ये है कि यह आपको REITs में अप्रत्यक्ष रूप से निवेश करने का मौका देता है और सीधे REIT रखने से जुड़ी जटिल टैक्सेशन की परेशानी को काफी हद तक आसान कर देता है. सीधे REIT में मिलने वाले डिस्ट्रीब्यूशन में इंटरेस्ट, डिविडेंड, SPV-लेवल डेट की रीपेमेंट और दूसरी तरह की इनकम शामिल हो सकती है. और इनमें से हर हिस्से पर अलग-अलग टैक्स के नियम होते हैं, यहां तक कि REIT बेचते समय भी मिलने वाली कैपिटल रीपेमेंट को आपकी खरीद कीमत के साथ एडजस्ट करना पड़ता है. अगर आपने REIT बेचा ही नहीं, लेकिन कैपिटल रीपेमेंट आपकी इश्यू प्राइस से ज्यादा हो गई तो अतिरिक्त रकम पर स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है.
REIT-फोकस्ड म्यूचुअल फंड में इन अलग-अलग टैक्स कैलकुलेशन को खुद संभालने की जरूरत नहीं होती है. क्योंकि इसमें टैक्सेशन वैसे ही होता है जैसे किसी म्यूचुअल फंड स्कीम में होता है.
1 जनवरी 2026 से REITs को इक्विटी का दर्जा मिल गया है. तो अब सवाल उठता है कि इन REIT-म्यूचुअल फंड पर इक्विटी म्यूचुअल फंड्स जैसा टैक्स क्यों नहीं लगता है है. इसकी वजह है कि SEBI ने फंड हाउसेज को REITs को पोर्टफोलियो कंस्ट्रक्शन के लिहाज से इक्विटी इंस्ट्रूमेंट मानने की इजाजत दी है, लेकिन जब बात टैक्स नियमों की आती है तो REITs को अब भी इक्विटी नहीं माना गया है. इसलिए इन REIT फंड्स की टैक्सेशन नॉन-इक्विटी, नॉन डेट म्यूचुअल फंड्स के नियमों के तहत हो रही है.
इसलिए अगर रियल एस्टेट में निवेश करना चाहते हैं REITs के जरिए तो अब ये बहुत आसान हो चुका है. फिलहाल तो दो ही फंड्स हैं, लेकिन भविष्य में प्रदर्शन अच्छा रहा तो कई और फंड्स भी लॉन्च हो सकते हैं. क्योंकि इसी साल SEBI की ओर से REITs को इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स का दर्जा मिलने के बाद म्यूचुअल फंड कंपनियों के लिए REIT-फोकस्ड प्रोडक्ट्स लॉन्च करने का रास्ता खुल गया है.

