ट्रैफिक सिग्नल जम्प करने, ओवरस्पीडिंग और उल्टी दिशा में गाड़ी चलाकर खुद को तुर्रमखान समझने वालों की अब खैर नहीं है. ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए सरकार एक प्लान पर काम कर रही है, जिसमें ट्रैफिक नियमों की बार-बार धज्जियां उड़ाने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन को सस्पेंड या कैंसिल किया जा सकता है.
केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार जल्द ही एक ऐसा ग्रेडेड प्वाइंट्स सिस्टम लाने वाली है, जिसमें हर ट्रैफिक नियम तोड़ने पर आपके ड्राइविंग लाइसेंस से प्वाइंट्स कट जाएंगे. और अगर प्वाइंट्स एक तय सीमा से नीचे चले गए, तो लाइसेंस सस्पेंड या कैंसिल भी हो सकता है.
क्या है ये नया प्लान?
नितिन गडकरी ने कुछ दिन पहले ही 66वें SIAM एनुअल कन्वेंशन 2026 में बताया कि उनका मंत्रालय ड्राइविंग लाइसेंस और व्हीकल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) के लिए एक ग्रेडेड पॉइंट सिस्टम लाने की तैयारी में है. गडकरी ने कहा, “मेरा मंत्रालय ड्राइविंग लाइसेंस और व्हीकल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में ग्रेडेड पॉइंट सिस्टम लाने की योजना बना रहा है.” आसान भाषा में समझें तो अब आपका ड्राइविंग रिकॉर्ड सिर्फ एक कागज का टुकड़ा नहीं रहेगा, बल्कि आपके व्यवहार का एक स्कोरकार्ड बन जाएगा.
कैसे काम करेगा ये सिस्टम?
इस सिस्टम के तहत हर ट्रैफिक नियम तोड़ने पर आपके लाइसेंस से कुछ पॉइंट्स कट जाएंगे. जैसे रेड लाइट जंप करना, ओवरस्पीडिंग, गलत तरीके से ओवरटेक करना या शराब पीकर गाड़ी चलाना. यानी अगर आप बार-बार ट्रैफिक नियमों को तोड़ते हैं तो आपके ड्राइविंग रिकॉर्ड्स में ये सारी चीजें दर्ज होती चली जाएंगी. हर एक उल्लंघन पर ड्राइविंग लाइसेंस के प्वाइंट्स कटेंगे और एक तय सीमा के बाद लाइसेंस सस्पेंड या कैंसिल तक हो जाएगा. यानी सरकार का मकसद सिर्फ चालान काटना नहीं, बल्कि बार-बार नियम तोड़ने वाले ड्राइवरों को ट्रैक करना और उनके खिलाफ ज्यादा सख्त कार्रवाई करना है.
अच्छे ड्राइवर्स को फायदा भी मिलेगा
अगर आपका ड्राइविंग रिकॉर्ड अच्छा रहता है, आप सारे ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं तो इसका फायदा भी आपको मिल सकता है. गडकरी के मुताबिक ऐसे ड्राइवर्स को इंश्योरेंस कंपनियों या दूसरी संस्थाओं से खास फायदे मिल सकते हैं. वो क्या फायदे होंगे इसका जिक्र उन्होंने नहीं किया, क्या उनको बीमा सस्ता पड़ेगा. अगर ऐसा होता है तो ड्राइविंग रिकॉर्ड सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि आपकी जेब के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है, जबकि लापरवाही की कीमत आपको चुकानी पड़ेगी.
खुलेंगे 1,600 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर
प्वाइंट सिस्टम के अलावा सरकार ड्राइविंग ट्रेनिंग को भी बड़े स्तर पर बढ़ावा दे रही है. गडकरी ने बताया कि देशभर में 1,600 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर खोलने की योजना है. फिलहाल 24 सेंटर पहले से चालू हैं, और 112 और सेंटर जल्द शुरू होने वाले हैं. अब तक करीब 10 लाख ड्राइवर्स को इन सेंटरों के जरिए ट्रेनिंग दी जा चुकी है. यानी सरकार सिर्फ सज़ा देने पर नहीं, बल्कि लोगों को सही तरीके से गाड़ी चलाना सिखाने पर भी फोकस कर रही है, ताकि शुरुआत से ही अच्छी आदतें बन सकें.
सरकार ऐसा क्यों करना चाहती है?
नितिन गडकरी के मुताबिक, भारत में सड़क सुरक्षा की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक ड्राइवर्स का खराब बर्ताव है. देश में हर साल करीब 5 लाख सड़क हादसे होते हैं, जिससे करीब 1.80 लाख लोगों की मौत हो जाती है. गडकरी ने कहा कि इन हादसों में मरने वालों में बड़ी संख्या 18 से 36 साल की उम्र के लोगों की होती है.
सरकार का मानना है कि सिर्फ सड़कें और गाड़ियां सुरक्षित बनाना काफी नहीं है. ड्राइवर के व्यवहार में बदलाव लाना भी जरूरी है. इसीलिए बार-बार गलती करने वाले ड्राइवरों को बिना किसी गंभीर नतीजे के लगातार खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने की छूट नहीं दी जा सकती.
गाड़ियों की सेफ्टी भी बदलेगी
सरकार अक्टूबर 2027 से Bharat NCAP का नया वर्ज़न Bharat NCAP 2.0 भी लॉन्च करने जा रही है. इसके तहत गाड़ियों की पूरी सेफ्टी चेन का आकलन किया जाएगा.
2023 में शुरू हुआ Bharat NCAP भारत का अपना ऑफिशियल व्हीकल सेफ्टी रेटिंग सिस्टम है, जिसमें पैसेंजर कारों का क्रैश टेस्ट कर उन्हें 1 से 5 स्टार तक की सेफ्टी रेटिंग दी जाती है. ये रेटिंग बताती है कि टक्कर की स्थिति में गाड़ी बड़ों और बच्चों को कितनी सुरक्षा दे पाती है.
गडकरी ने कहा, ‘हम Bharat NCAP 2 की तरफ बढ़ रहे हैं. ये एक बहुत अहम कार्यक्रम है, जिसमें अक्टूबर 2027 से पूरी सेफ्टी चेन का मूल्यांकन किया जाएगा. ये इसलिए जरूरी है क्योंकि सड़क हादसे एक बड़ी समस्या हैं. हम इस मामले में दुनिया में नंबर वन हैं.’
पुरानी BS-IV गाड़ियों के लिए भी बड़ा प्लान
गडकरी ने BS-IV मानक वाली पुरानी गाड़ियों के एमिशन कम करने के लिए एक नए एमिशन कंट्रोल डिवाइस की भी जानकारी दी. इस डिवाइस की कीमत करीब ₹4,000 से ₹5,000 बताई गई है. गडकरी ने बताया, ‘मैं एक नई स्कीम का ऐलान करने जा रहा हूं, जिसमें एक रेयर इमिशन कंट्रोल डिवाइस होगा. इसके ट्रायल पूरे हो चुके हैं. BS-4 गाड़ियों में इसे लगाने के बाद इमिशन बिल्कुल BS-6 जैसा हो जाता है. तो ये एक विकल्प मौजूद है.’ मतलब कि अगर आपकी गाड़ी पुरानी है और आप उसे प्रदूषण के मानकों पर खरा उतारना चाहते हैं, तो बिना नई गाड़ी खरीदे भी ये मुमकिन हो सकेगा, वो भी काफी कम खर्च में.
टेस्टिंग का खर्च भी होगा कम
भारत में व्हीकल टेस्टिंग में लगने वाला समय और खर्च, ग्लोबल NCAP के मुकाबले काफी कम है. जहां दुनिया भर में NCAP टेस्टिंग की लागत करीब 2.5 करोड़ रुपये आती है, वहीं भारत में ये प्रक्रिया कहीं सस्ती और तेज़ है. गडकरी ने ये भी जोड़ा कि क्रैश की पूरी वैल्यू चेन का आकलन किया जाएगा, और इसमें भारतीय स्टार्टअप्स की तरफ से विकसित नई तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जाएगा.
कुल मिलाकर सरकार का फोकस सिर्फ सज़ा देने पर नहीं, बल्कि एक ऐसा माहौल बनाने पर है जहां अच्छी ड्राइविंग को बढ़ावा मिले, ट्रेनिंग सुविधाएं बढ़ें, और गाड़ियां भी ज्यादा सुरक्षित और कम प्रदूषण फैलाने वाली हों.
आपके लिए सबसे जरूरी बात ये है कि आपको इससे घबराने की जरूरत नहीं है, अगर आपके 1-2 ट्रैफिक चालान कट भी गए हैं तो तुरंत लाइसेंस सस्पेंड नहीं हो जाएगा. क्योंकि अभी ऐसा कोई नया प्वाइंट बेस्ड सिस्टम लागू नहीं हुआ है. सरकार सिर्फ एक ऐसा सिस्टम लाने की योजना बना रही है जिसमें बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों का रिकॉर्ड खराब होता जाएगा और एक तय सीमा के बाद ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड या कैंसिल करने का प्रावधान हो सकता है.

