SBI Funds Management: की शेयर मार्केट में एंट्री ठीक-ठाक रही है. NSE पर इसके शेयर 6.85% प्रीमियम के साथ 613.30 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हुए हैं. BSE पर इसकी लिस्टिंग 6.27% प्रीमियम के साथ 610 रुपये प्रति शेयर पर हुई है. इसका इश्यू प्राइस 574 रुपये प्रति शेयर था. लिस्टिंग के बाद कंपनी की मार्केट कैप 1,25,845 करोड़ रुपये पहुंच गई है
SBI Funds Management का IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) था. इसके तहत मौजूदा शेयरधारक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और Amundi अपनी हिस्सेदारी से 17.09 करोड़ तक इक्विटी शेयर बेची.
IPO के ऊपरी प्राइस बैंड पर इस इश्यू का साइज 9,795 करोड़ रुपये है, इससे पहले कंपनी ने IPO का साइज 11,693 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया था, लेकिन करीब 1,880 करोड़ रुपये का प्री-IPO प्लेसमेंट पूरा होने के बाद इश्यू का साइज घटा दिया गया. अपर प्राइस बैंड के आधार पर SBI फंड्स मैनेजमेंट का वैल्यूएशन करीब 1.2 लाख करोड़ रुपये आंका गया है.
SBI Funds IPO Subscription
ये IPO 14 जुलाई से 16 जुलाई तक निवेशकों के लिए खुला था और इसे सभी कैटेगरी से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था. IPO अपने अंतिम दिन 41.66 गुना सब्सक्राइब किया गया, जिससे लगभग 2.98 लाख करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं. कुल बिडिंग वैल्यू के मामले में ये रिलायंस पावर, LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया, बजाज हाउसिंग फाइनेंस और ICICI प्रूडेंशियल AMC के बाद भारत का 5वां सबसे बड़ा IPO बन गया है. सबसे बोलियां संस्थागत निवेशकों की ओर से मिलीं.
एंकर निवेशकों से जुटाए कितने जुटाए
SBI Funds Management: ने IPO के जरिए एंकर निवेशकों से 2,663 करोड़ रुपये जुटाए हैं. इस एंकर बुक को ग्लोबल और घरेलू संस्थागत निवेशकों से दमदार रिस्पॉन्स मिला. एंकर निवेशकों में GIC, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA), कैपिटल वर्ल्ड इन्वेस्टर्स, ब्लैकरॉक, फिडैलिटी मैनेजमेंट, गोल्डमैन सैक्स एसेट मैनेजमेंट और Norges Bank जैसे ग्लोबल निवेशकों ने हिस्सा लिया.
घरेलू संस्थागत निवेशकों में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), HDFC म्यूचुअल फंड, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड और HDFC लाइफ शामिल हैं.
Lock In Expiry Dates
IPO में निवेश करने वाले एंकर निवेशकों पर लिस्टिंग के बाद एक लॉक-इन पीरियड लागू होता है. इसका मतलब है कि वे इस अवधि के दौरान अपने शेयर नहीं बेच सकते. SBI Funds Management IPO में एंकर निवेशकों के शेयर दो चरणों में अनलॉक होंगे.
| Criteria | Details |
| Anchor Bid Date | 13 July |
| Shares Allotted | 4,63,93,095 |
| Amount Raised | ₹2,662.96 |
| 50% Lock-in Ends | 16 Aug 2026 |
| Remaining Lock-in Ends | 15 Oct 2026 |
SBI Funds Management भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) है. 31 मार्च 2026 तक इसका म्यूचुअल फंड तिमाही औसत एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) 12.51 लाख करोड़ रुपये था, जिसके साथ बाजार हिस्सेदारी 15.3% रही. अगर म्यूचुअल फंड के अलावा पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) और ऑल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) को भी शामिल किया जाए, तो FY26 के अंत तक कंपनी का कुल QAAUM 29.46 लाख करोड़ रुपये रहा.
SBI Funds Management IPO पर ब्रोकरेज की राय
BP Equities की राय
BP Equities ने SBI फंड्स मैनेजमेंट IPO को ‘Subscribe’ रेटिंग दी थी. ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की प्रॉफिटिबिलिटी कुछ लिस्टेड कंपटीटर्स से कम जरूर है, लेकिन इसका कारण प्रोडक्ट मिक्स है, न कि कंपनी के कारोबार या मजबूत फ्रेंचाइज़ की कमजोरी. कंपनी की रणनीति हाई-यील्ड एक्टिव इक्विटी फंड्स, स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स और ऑल्टरनेटिव एसेट्स में हिस्सेदारी बढ़ाने की है, जो कि भविष्य में फीस आय, मुनाफे और रिटर्न रेश्यो को बेहतर बना सकती है.
Arihant Capital की राय
Arihant Capital ने SBI फंड्स मैनेजमेंट IPO को लॉन्ग टर्म के लिए ‘Subscribe’ रेटिंग दी. ब्रोकरेज ने इस IPO को ‘Subscribe for Long Term’ की रेटिंग दी है. ब्रोकरेज का मानना है कि भारत में बढ़ती Financialisation, SIP में लगातार बढ़ती भागीदारी और SBI का मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) और रेगुलर फीस आय में लंबे समय तक मजबूत ग्रोथ को सपोर्ट करेंगे.
मगर, कंपनी की कमाई पर बाजार की अस्थिरता और रेगुलेटरी नियमों में बदलाव खासकर Total Expense Ratio (TER) और डिस्ट्रीब्यूशन नियमों में बदलाव का असर पड़ सकता है. फिर भी ब्रोकरेज का मानना है कि IPO का वैल्यूएशन FY26 के अनुमानित EPS के 38.1 गुना और प्राइस-टू-बुक (P/B) के 19.6 गुना पर वाजिब है. ये वैल्यूएशन बड़े लिस्टेड कंपटीटर्स के बराबर या उनसे कुछ कम है.
SBI Funds GMP
SBI Funds Management की लिस्टिंग से पहले आखिरी ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP 95.5 रुपये था, जो कि 21 जुलाई की सुबह सुबह रिकॉर्ड किया गया. इस आखिरी GMP के आधार पर IPO का लिस्टिंग गेन 16.64% बनता था, लेकिन उतना आया नहीं.

