आज से Shiprocket का IPO खुल गया है. बर्टेल्समैन (Bertelsmann), टेमासेक (Temasek), ट्राइब कैपिटल (Tribe Capital) और एटरनल (Eternal) जैसे दिग्गज निवेशकों का साथ रखने वाली इस कंपनी ने IPO के जरिए 1,617.5 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है. निवेशक इस इश्यू में आज से बोली लगा सकते हैं, ये इश्यू 14 अगस्त तक खुला रहेगा.
Shiprocket IPO Details
शिपरॉकेट के IPO में 9.13 करोड़ फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे, जिसकी वैल्यू करीब 885.50 करोड़ रुपये होगी, ऑफर फॉर सेल (OFS) में 7.55 करोड़ शेयर जारी होंगे, जिसकी वैल्यू 731.98 करोड़ रुपये होगी.
इश्यू का प्राइस बैंड 92-97 रुपये प्रति शेयर है. इश्यू खुलने से पहले कंपनी ने अपर प्राइस बैंड पर 7.50 करोड़ शेयर एंकर निवेशकों को आवंटित किए, जिससे 727.41 करोड़ रुपये जुटाए. एंकर बुक में कई दिग्गज निवेशकों ने अपनी भागीदारी दिखाई. जिसमें न्यूयॉर्क स्टेट टीचर्स रिटायरमेंट सिस्टम, नोमुरा फंड्स आयरलैंड, सोसायटी जनरल ODI और ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं.
IPO का लॉट साइज 154 शेयरों का है, यानी रिटेल निवेशकों को अपर प्राइस बैंड पर कम से कम 14,938 रुपये की रकम लगानी होगी, इसके बाद 154 के मल्टीपल में और बोलियां लगा सकते हैं, जो कि अधिकतम 1,94,194 रुपये है. अनुमान है कि अलॉटमेंट 17 अगस्त को होगा और लिस्टिंग 19 अगस्त को हो सकती है.
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क्या आपको पैसे लगाना चाहिए?
क्या आपको शिपरॉकेट के IPO में पैसा लगाना चाहिए, ये फैसला आप ब्रोकरेज की सलाह देखकर खुद कर सकते हैं. कई ब्रोकरेज ने इसको सब्सक्राइब करने यानी पैसे लगाने की सलाह दी है. जिसमें दो बड़े नाम हैं, आदित्य बिड़ला कैपिटल और SBI सिक्योरिटीज.
Aditya Birla Capital की राय: SUBSCRIBE
आदित्य बिड़ला कैपिटल ने IPO को ‘Subscribe’ करने की सलाह दी है. इसके पीछे कई कारण हैं, जैसे कि कंपनी के पास बहुत बड़ी संख्या में मर्चेंट बेस है, जो आगे भी बढ़ने की संभावना है. कंपनी कई तरीके से कमाती है, उसकी कमाई शिपिंग, क्रॉस बार्डर बिजनेस, चेकआउट सुविधाओं के अलावा भी कई तरीके से होती है.
- Shiprocket भारत के कॉमर्स सेक्टर में एक अग्रणी कंपनी है
- कंपनी के पास बड़ी संख्या में व्यापारी जुड़े हैं, ये संख्या आगे भी तेज़ी से बढ़ सकती है
- कंपनी का कामकाज पहले से ज्यादा बेहतर और मुनाफे वाला होता जा रहा है
- कंपनी की कमाई के कई रास्ते हैं, जैसे – शिपिंग, ऑर्डर डिलीवरी, विदेशी व्यापार, चेकआउट सुविधा और व्यापारियों को दी जाने वाली अन्य सेवाएं
मुनाफे में सुधार
कंपनी का मुनाफा सुधरा है. कंपनी का EBITDA मार्जिन FY24 में -9.7% था, जो FY26 में सुधरकर 0.9% हुआ. कोर बिजनेस का EBITDA मार्जिन भी 6.7% से बढ़कर 12.6% हुआ है.
SBI Securities की राय: SUBSCRIBE
SBI Securities ने भी Shiprocket IPO में सब्सक्राइब करने की सलाह दी है. वजह है कि कंपनी ई-कॉमर्स सेक्टर में मजबूत पोजीशन रखती है और भारत के तेज़ी से बढ़ते B2C बाज़ार का फायदा उठा सकती है. इसके अलावा कंपनी का घाटा कम हुआ है और कंपनी की डेट रीस्ट्रक्चरिंग के जरिए कर्ज कम करने की योजना भी है .
कमाई बढ़ी, घाटा कम हुआ
FY24 से FY26 के बीच कंपनी का रेवेन्यू 24% CAGR की रफ्तार से बढ़ा है. कंपनी का घाटा भी लगातार कम हुआ है, FY24 में 351 करोड़ रुपये था, जो कि FY26 में घटकर सिर्फ 76 करोड़ रुपये रह गया है.
कर्ज घटाने की योजना
कंपनी की डेट रीस्ट्रक्चरिंग योजना भी है. IPO से मिलने वाले पैसों में से करीब 210 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में किया जाएगा. इससे कंपनी का कुल कर्ज काफी कम हो जाएगा.FY26 के 242 करोड़ रुपये से घटकर सिर्फ 32 करोड़ रुपये रह जाने की उम्मीद है. कम कर्ज होने से कंपनी का ब्याज खर्च घटेगा, जिससे आगे मुनाफा बढ़ने में मदद मिलेगी.
Shiprocket IPO GMP
इस वक्त यानी 12 अगस्त, सुबह के 8:30 बजे Shiprocket IPO का लास्ट GMP 30 रुपये है. यानी अपर प्राइस बैंड 97 रुपये से 30 रुपये प्रीमियम के साथ ये लिस्ट होगा 127 रुपये पर. मतलब 30.93% का प्रीमियम चल रहा है. जो कि अभी तक का सबसे ज्यादा है. शुरू में इसका प्रीमियम 14-16 रुपये था, फिर बीच में ये 22-27 रुपये हुआ और अब ये बढ़कर 30 रुपये हो चुका है.
इस प्रीमियम पर अगर इश्यू लिस्ट होता है तो ये ये एक मजबूत लिस्टिंग मानी जाएगी, हालांकि GMP लगातार बदलता रहता है और ये कोई ऑफिशियल डेटा नहीं होता है, कई बार इश्यू GMP के नीचे या ऊपर भी लिस्ट होते हैं.
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