Shiprocket IPO: इस साल शेयर मार्केट में IPO की ज़बरदस्त होड़ है. MSMEs और बड़े रिटेलर्स को लॉजिस्टिक्स, चेकआउट, पेमेंट्स, फाइनेंसिंग, फुलफिलमेंट और क्रॉस-बॉर्डर कॉमर्स जैसी सुविधाएं देने वाला टेक-प्लेटफॉर्म Shiprocket ने अपने IPO के लिए प्राइस बैंड तय कर दिया है. बर्टेल्समैन (Bertelsmann), टेमासेक (Temasek), ट्राइब कैपिटल (Tribe Capital) और एटरनल (Eternal) जैसे दिग्गज निवेशकों का साथ रखने वाली इस कंपनी ने अपने IPO का प्राइस बैंड ₹92-₹97 प्रति शेयर तय किया है. कंपनी के कर्मचारियों को 9 रुपये का डिस्काउंट दिया जा रहा है.
Shiprocket इस पब्लिक इश्यू के जरिए कुल 1,617.5 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है. अगर आप इस IPO में अप्लाई करना चाहते हैं, तो आपको कम से कम 154 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी, क्योंकि यही इसका लॉट साइज है. यानी आपको 14,938 रुपये कम से कम निवेश करने होंगे. इसके बाद अगर आप रिटेल निवेशक हैं तो 154 के मल्टीपल में अप्लाई कर सकते हैं.
Shiprocket IPO की डिटेल्स
Shiprocket का IPO निवेशकों के लिए 12 अगस्त को खुलेगा और 14 अगस्त को बंद होगा. एंकर निवेशकों के लिए सब्सक्रिप्शन 11 अगस्त को शुरू होगा. अनुमान है कि अलॉटमेंट 17 अगस्त को होगा और लिस्टिंग 19 अगस्त को हो सकती है.
| IPO खुलेगा | 12 अगस्त, 2026 |
| IPO बंद होगा | 14 अगस्त, 2026 |
| प्राइस बैंड | ₹92-₹97 |
| लॉट साइज | 154 शेयर |
| अलॉटमेंट | 17 अगस्त, 2026 (Est.) |
| लिस्टिंग | 19 अगस्त, 2026 (Est.) |
IPO का साइज घटाया
अगर इश्यू पूरी तरह 97 रुपये के अपर प्राइस बैंड पर सब्सक्राइब होता है, तो कंपनी कुल ₹1,617.5 करोड़ जुटाएगी. कंपनी इश्यू में फ्रेश शेयर भी जारी करेगी ऑफर फॉर सेल (OFS) भी होगा.
फ्रेश इश्यू में 9.13 करोड़ शेयर जारी किए जाएंगे जिनकी कुल वैल्यू 885.60 करोड़ रुपये बैठती है. ऑफर फॉर सेल में 7.55 करोड़ शेयर जारी किए जाएंगे, जिनकी वैल्यू ₹731.98 करोड़ रुपये होती है.
यहां नोट करने वाली बात ये भी है कि इश्यू का साइज पहले के मुकाबले छोटा कर दिया गया है. दिसंबर 2025 में दाखिल अपडेटेड DRHP में कंपनी ने कुल 2,342.3 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई थी, इसमें 1,100 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 1,242.3 करोड़ रुपये OFS शामिल था. कंपनी ने अपने IPO पेपर्स कॉन्फिडेंशियल रूट से दाखिल किए थे, और नवंबर 2025 में ही SEBI से हरी झंडी मिल चुकी थी.
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कौन बेच रहे हैं अपनी हिस्सेदारी?
IPO से पहले Shiprocket में 21.32% हिस्सेदारी के साथ बर्टेल्समैन सबसे बड़ी हिस्सेदार है. इसके बाद सैन फ्रांसिस्को की ट्राइब कैपिटल मैनेजमेंट का नंबर आता है, जिसके पास 14.14% हिस्सेदारी है. फूड डिलीवरी दिग्गज एटरनल के पास 6.85% हिस्सेदारी है, जबकि अमेरिका की वेंचर कैपिटल फर्म KDT वेंचर होल्डिंग्स के पास 5.49% और सिंगापुर की टेमासेक होल्डिंग्स की सब्सिडियरी मैकरिची इन्वेस्टमेंट्स के पास 5.29% हिस्सेदारी है.
किसके पास कितनी हिस्सेदारी
| निवेशक | हिस्सेदारी |
|---|---|
| Bertelsmann | 21.32% |
| Tribe Capital | 14.14% |
| Eternal | 6.85% |
| KDT Venture Holdings | 5.49% |
| MacRitchie Investments | 5.29% |
इनमें से लाइटरॉक, ट्राइब कैपिटल, मूर स्ट्रैटेजिक वेंचर्स और एजिलिटी इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट अपनी हिस्सेदारी OFS के तहत बेचेंगे. इनके अलावा गौतम कपूर, साहिल गोयल और विशेष खुराना जैसे इंडिविजुअल शेयरहोल्डर्स भी इस बिक्री में शामिल हैं. कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए 1 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व रखे हैं, जो उन्हें डिस्काउंट पर दिए जाएंगे.
क्या करती है Shiprocket?
Shiprocket एक Technology-driven E-commerce Enablement Platform चलाती है. कंपनी MSMEs और बड़े रिटेलर्स को ऑनलाइन कारोबार के लिए कई तरह की सेवाएं देती है.
- लॉजिस्टिक्स
- चेकआउट सॉल्युशंस
- पेमेंट्स
- फाइनेंसिंग
- फुलफिलमेंट
- क्रॉस-बॉर्डर कॉमर्स सॉल्युशंस
पैसों का इस्तेमाल कहां होगा
फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का सबसे बड़ा हिस्सा 365.6 करोड़ रुपये कोर और नए बिजनेस वर्टिकल्स को मजबूत करने में खर्च होगा. इसके अलावा 210 करोड़ रुपये से कंपनी अपना कर्ज उतारेगी, जो 10 जुलाई 2026 तक 244.5 करोड़ रुपये था, बाकी बचे पैसों से अधिग्रहण और दूसरे कॉरपोरेट खर्चे पूरे किए जाएंगे.
वित्तीय सेहत कैसी है
मार्च 2026 को खत्म वित्त वर्ष में Shiprocket को 79.2 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था, जो FY25 में दर्ज 74.4 करोड़ रुपये के घाटे से थोड़ा ज्यादा है, लेकिन FY24 में दर्ज 595.1 करोड़ रुपये के घाटे से काफी कम है. हालांकि, पिछले दो वर्षों में कंपनी की टॉपलाइन यानी रेवेन्यू मजबूत बनी रही, FY25 में 1,632 करोड़ तक 24% की ग्रोथ के बाद, FY26 में ये 24% बढ़कर 2,024.1 करोड़ रुपये हो गई.
| वित्त वर्ष | घाटा | रेवेन्यू |
|---|---|---|
| FY24 | ₹595.1 करोड़ | – |
| FY25 | ₹74.4 करोड़ | ₹1,632 करोड़ (24% बढ़ा) |
| FY26 | ₹79.2 करोड़ | ₹2,024.1 करोड़ (24% बढ़ा) |
हालांकि ये IPO बस अभी आया ही है, इसलिए किसी ब्रोकरेज या बड़े एनालिस्ट का इस पर कोई View Point या सलाह नहीं आई है और न ही ग्रे मार्केट में इसे लेकर चर्चा शुरू हुई है.

