Augmont Enterprises IPO: प्राइस बैंड ₹750-788 तय; पैसा लगाने से पहले जानिए हर एक डिटेल

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Augmont Enterprises IPO: Price Band Fixed at ₹750-788; Know Every Detail Before Investing

बुलियन कारोबार से जुड़ी कंपनी Augmont Enterprises ने अपने IPO के लिए प्राइस बैंड तय कर दिया है. कंपनी ने अपने पब्लिक इश्यू के लिए ₹750 से ₹788 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है. ये IPO 21 अगस्त से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 25 अगस्त को बंद हो जाएगा.

Augmont Enterprises का कारोबार सीधे तौर पर भारत के तेजी से बढ़ते गोल्ड और सिल्वर मार्केट से जुड़ा है. कंपनी सिर्फ सोने-चांदी की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि रिफाइनिंग, मिंटिंग, बुलियन ट्रेडिंग और डिजिटल गोल्ड जैसे कारोबार में भी मौजूद है. ऐसे समय में जब सोना निवेश के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण एसेट क्लास बन चुका है, कंपनी के IPO में निवेशकों की खास दिलचस्पी देखने को मिल सकती है.

हालांकि, किसी भी IPO में निवेश करने से पहले केवल कंपनी के कारोबार या सोने की बढ़ती कीमतों को देखना काफी नहीं होता है. आपकी कंपनी के इश्यू के बारे में भी पूरी जानकारी होनी चाहिए, जैसे कि इश्यू का साइज क्या है, फंड का इस्तेमाल कहां होगा, लॉट साइज क्या है, कंपनी का बिजनेस मॉडल क्या है और जोखिम जैसे पहलुओं को समझना भी जरूरी है.

Augmont Enterprises के शेयरों के लिए एंकर निवेशकों को आवंटन 20 अगस्त को किया जाएगा. इसके अगले दिन यानी 21 अगस्त को IPO रिटेल निवेशकों के लिए खुल जाएगा. 26 अगस्त को अलॉटमेंट फाइनल होने की उम्मीद है और 31 अगस्त को इसकी लिस्टिंग होने का अनुमान है. कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग BSE और NSE दोनों पर होने की उम्मीद है. हालांकि, निवेशकों को अंतिम लिस्टिंग शेड्यूल के लिए एक्सचेंज और कंपनी की आधिकारिक सूचना पर नज़र रखनी चाहिए.

IPO की सबसे जरूरी तारीखें

इवेंटतारीख
एंकर निवेशकों को शेयर आवंटन20 अगस्त 2026
IPO खुलने की तारीख21 अगस्त 2026
IPO बंद होने की तारीख25 अगस्त 2026
अलॉटमेंट (Est.)27 अगस्त 2026
डीमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट (Est.)28 अगस्त 2026
संभावित लिस्टिंग31 अगस्त 2026

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IPO की पूरी डिटेल

Augmont Enterprises IPO का कुल साइज़ ₹825 करोड़ है. इस इश्यू में फ्रेश शेयर भी जारी किए जाएंगे और ऑफर फॉर सेल यानी OFS भी आएगा. कंपनी 79 लाख नए शेयर जारी करेगी जिसकी वैल्यू ₹620 करोड़ होगी, जबकि 26 लाख शेयर OFS के जरिए बिक्री के लिए ऑफर किए जाएंगे, जिनकी वैल्यू ₹205 करोड़ होगी. फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम कंपनी के पास जाएगी और OFS के जरिए बेचे जाने वाले शेयर मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी से आएंगे.

IPO की जानकारीडिटेल
कुल इश्यू साइज₹825 करोड़
फ्रेश इश्यू₹620 करोड़
OFS₹205 करोड़
प्राइस बैंड₹750-788 प्रति शेयर
लॉट साइज19 शेयर
न्यूनतम निवेश₹14,972

रिटेल निवेशकों के लिए कितना हिस्सा?

Augmont Enterprises IPO में अलग-अलग कैटेगरी के निवेशकों के लिए शेयरों का कोटा तय किया गया है. कंपनी ने QIB यानी Qualified Institutional Buyers के लिए अधिकतम 50% हिस्सा रखा है, NII यानी Non-Institutional Investors के लिए कम से कम 15% शेयर रिजर्व होंगे. रिटेल निवेशकों के लिए कम से कम 35% हिस्सा तय है. इसका मतलब है कि छोटे निवेशकों के लिए इश्यू में पर्याप्त कोटा रखा गया है. हालांकि, वास्तविक अलॉटमेंट सब्सक्रिप्शन के आधार पर तय होगा. अगर किसी कैटेगरी में मांग बहुत ज्यादा रहती है तो शेयर मिलने की संभावना उसी हिसाब से बदल सकती है.

कहां होगा पैसों का इस्तेमाल

ये IPO सिर्फ शेयर बाजार में लिस्टिंग हासिल करने के लिए नहीं है. कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा अपने भविष्य के वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में इस्तेमाल करेगी. फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम में से करीब ₹465 करोड़ भविष्य की वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए रखे गए हैं.

ये एक ऐसा कारोबार है जिसमें बड़ी मात्रा में इन्वेंटरी की जरूरत पड़ती है. सोना और चांदी महंगे कमोडिटी हैं, इसलिए कंपनी को अपने कारोबार के विस्तार और इन्वेंटरी बनाए रखने के लिए पर्याप्त पूंजी की जरूरत होती है. कंपनी इस रकम का इस्तेमाल इन्वेंटरी की खरीद, उसके रखरखाव और कारोबार को बढ़ाने के साथ-साथ इन्वेंटरी खरीदने के लिए जरूरी एडवांस मार्जिन जरूरतों को पूरा करने में करेगी. बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट खर्चों को पूरा करने के लिए किया जाएगा.

कंपनी की योजना शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद सिर्फ पूंजी जुटाने तक सीमित नहीं है. कंपनी का मानना है कि स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग से उसकी ब्रांड विजिबिलिटी मजबूत हो सकती है. जिसका फायदा उसको मिलेगा.

कंपनी करती क्या है?

Augmont Enterprises की शुरुआत अक्टूबर 2012 में हुई थी. इसका कारोबार सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं से जुड़ा हुआ है. कंपनी का मुख्य फोकस सोने और चांदी पर है और इसकी गतिविधियां इस सेक्टर की कई कड़ियों को जोड़ती हैं. कंपनी का बिजनेस मॉडल सिर्फ बुलियन खरीदने और बेचने तक सीमित नहीं है. ये रिफाइनिंग, मिंटिंग, ट्रेडिंग और फिजिकल और डिजिटल फॉर्म में बुलियन की बिक्री जैसे काम करती है.

यानी कंपनी कीमती धातुओं की वैल्यू चेन में अलग-अलग स्तरों पर मौजूद है. इससे उसे एक ऐसा बिजनेस मॉडल बनाने में मदद मिलती है जिसमें सोने और चांदी से जुड़े कई तरह के प्रोडक्ट्स और सर्विसेज शामिल हैं. एक नजर डालते हैं कंपनी के पूरे बिज़नेस मॉडल पर

कंपनी दो अलग-अलग प्लेटफॉर्म के जरिए काम करती है.

Augmont SPOT: ये प्लेटफॉर्म बड़े कारोबारियों के लिए है, जैसे ज्वेलर्स, बुलियन डीलर और मैन्युफैक्चरर्स. इसके जरिए ये बिजनेसेज सोना-चांदी ऑनलाइन खरीद-बेच सकते हैं और उसकी फिजिकल डिलीवरी भी ले सकते हैं. विदेशी बिक्री भी इसी प्लेटफॉर्म से होती है.

Augmont Gold For All: ये आम लोगों के लिए है. इसमें कोई भी शख्स ऑनलाइन सोना-चांदी खरीद, बेच और डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकता है. इसके अलावा लोग हर महीने थोड़ा-थोड़ा सोना खरीदने की स्कीम भी ले सकते हैं, सिक्के खरीद सकते हैं और सोने से जुड़ी दूसरी सेवाओं का फायदा उठा सकते हैं.

कामकाज कहां-कहां फैला है

31 मार्च 2026 तक कंपनी की मौजूदगी भारत के 24 राज्यों में है. कंपनी से 5,223 से ज्यादा बिजनेस पार्टनर जुड़े हुए हैं. कंपनी सीधे और अपने पार्टनर्स के जरिए अब तक 4.96 करोड़ से ज्यादा लोगों को डिजिटल गोल्ड की सुविधा दे चुकी है.

कंपनी की फैक्ट्रियां कहां पर है

कंपनी सोने और चांदी की खरीद करती है और इसकी रिफाइनिंग भी करती है. इसके रिफाइनिंग यूनिट रुद्रपुर और मुंबई में हैं. यानी कच्चे या रिफाइन किए जाने वाले कीमती धातुओं को प्रोसेस करके बाजार में इस्तेमाल लायक बनाया जाता है. इसके अलावा, Augmont ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग में भी है. इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट जयपुर के Sitapur SEZ में है.

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