सेकेंडरी मार्केट भले ही गोते लगा रहा है, लेकिन प्राइमरी मार्केट्स इस वक्त गुलज़ार है. एक के बाद एक IPO धड़ल्ले से आ रहे हैं. इसी कड़ी में ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी हीरो मोटर्स (Hero Motors) का IPO अब बाजार में उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है.
प्राइस बैंड का ऐलान
हीरो मोटर्स ने IPO के लिए प्राइस बैंड का ऐलान कर दिया है, जो कि 79 से 84 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है. अपर प्राइस बैंड पर कंपनी की वैल्यूएशन करीब 3,815 करोड़ रुपये आंकी जा रही है.
कब खुलेगा और बंद होगा इश्यू अगले हफ्ते बुधवार 16 सितंबर 2026 को खुलेगा और 18 सितंबर शुक्रवार तक खुला रहेगा. इससे एक दिन पहले, यानी 15 सितंबर को एंकर निवेशकों को अपनी बोलियां लगाने का मौका मिलेगा. अगर सबकुछ योजना के मुताबिक रहा, तो कंपनी के शेयर 23 सितंबर को बाजार में लिस्ट हो सकते हैं.
कंपनी का इश्यू साइज
ये इश्यू 1,000 करोड़ रुपये का है, जिसमें 600 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि बाकी 400 करोड़ रुपये का हिस्सा ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए आएगा. OFS के तहत ओ पी मुंजाल होल्डिंग्स 395 करोड़ रुपये के शेयर बेचेगी, जबकि हीरो साइकल्स (Hero Cycles Ltd) की तरफ से 5 करोड़ रुपये के शेयर बिक्री के लिए रखे जाएंगे.
- कंपनी ने सबसे पहले अगस्त 2024 में मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास 900 करोड़ रुपये के IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल किए थे. जिसमें 500 करोड़ फ्रेश इश्यू और 400 करोड़ रुपये का OFS था.
- इसके बाद जुलाई 2025 में कंपनी ने अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दोबारा फाइल करते हुए इश्यू का आकार बढ़ाकर 1,200 करोड़ रुपये कर दिया था, जिसमें 800 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 400 करोड़ रुपये का OFS शामिल था.
- लेकिन अब कंपनी ने फ्रेश इश्यू वाले हिस्से में 200 करोड़ रुपये की कटौती कर दी है, जिससे कुल इश्यू साइज़ 1,000 करोड़ रुपये पर आ गया है.
लॉट साइज और न्यूनतम निवेश
अगर आप भी इस IPO में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो जान लें कि कंपनी ने लॉट साइज़ 178 शेयर तय किया है. यानी प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर रिटेल निवेशकों को कम से कम 14,952 रुपये का निवेश करना होगा. इश्यू में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए 50% तक, रिटेल निवेशकों के लिए 35% और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए 15% हिस्सा आरक्षित रखा गया है.
पैसे का इस्तेमाल कहां होगा
कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम में से 190 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपने कुछ मौजूदा कर्ज को चुकाने में करेगी. इसके अलावा 200 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी उपकरण खरीदने में खर्च किए जाएंगे. पहले दाखिल किए गए DRHP के मुताबिक, बाकी बची रकम का इस्तेमाल अधिग्रहण और दूसरे सामान्य कॉरपोरेट खर्चों के लिए किया जाना है
कंपनी के बारे में जानें
हीरो मोटर्स भारत की दिग्गज ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनियों में गिनी जाती है, जो पावरट्रेन सॉल्यूशंस को डिजाइन करने, डेवलप करने और सप्लाई करने का काम करती है. कंपनी के ग्राहकों की लिस्ट में BMW और Ducati जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जो इसकी वैश्विक पहुंच को दर्शाता है. कंपनी की कमान पंकज मुंजाल के हाथों में है, जो उसी मुंजाल परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जो भारत की सबसे बड़ी टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनी Hero MotoCorp को भी चलाता है.
कंपनी दो प्रमुख सेगमेंट में काम करती है- पावरट्रेन सॉल्यूशंस, और अलॉय और मेटैलिक्स. इसके प्रोडक्ट रेंज में इलेक्ट्रिक और नॉन-इलेक्ट्रिक, दोनों तरह के पावरट्रेन शामिल हैं, जो टू-व्हीलर्स, ई-बाइक्स, ऑफ-रोड व्हीकल्स, इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों और भारी वाहनों तक के लिए बनाए जाते हैं. भारत के अलावा कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स ब्रिटेन और थाईलैंड में भी मौजूद हैं.

