पूरी दुनिया में एक बार फिर से छंटनियों (Layoffs) का सिलसिला शुरू होने जा रहा है. अमेरिका की दिग्गज फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी कंपनी PayPal भारत में बड़ी छंटनी की है.
साथ ही, Uber Technologies ने ग्लोबल रीस्ट्रक्चरिंग के नाम पर पूरी दुनिया में अपनी वर्कफोर्स को करीब 10% कम करने का ऐलान किया है. ये कोविड-19 महामारी के बाद Uber की सबसे बड़ी छंटनी होगी.
PayPal ने भारत में 600 जॉब्स खत्म कीं
Moneycontrol में छपी खबर के मुताबिक, PayPal ने भारत में 600 कर्मचारियों को कंपनी से निकाल दिया है. भारत में PayPal की वर्कफोर्स करीब 6,000 है यानी छंटनी कुल
संख्या का करीब 10% है. ये छंटनियां टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, ऑपरेशंस, पेमेंट्स और फाइनेंस विभागों से की गई हैं. मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक छंटनियां PayPal के चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद के ऑफिसों से की गई हैं.
Moneycontrol की रिपोर्ट के मुताबिक, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद के PayPal ऑफिसों में कर्मचारियों की संख्या घटाई गई है. प्रभावित कर्मचारियों में से एक ने बताया कि उन्हें पहले से छंटनी की जानकारी नहीं दी गई थी. 31 अगस्त की सुबह अलग-अलग शहरों में कर्मचारियों को एक कॉल में शामिल होने के लिए कहा गया, जहां उन्हें नौकरी से हटाए जाने की जानकारी दी गई. इसके तुरंत बाद उनका सिस्टम और ऑफिस में एंट्री को बंद कर दिया गया.
छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों को नई नौकरी तलाशने में मदद देने की पेशकश की गई है. कंपनी ने उन्हें एक महीने की सैलरी के बराबर सीवरेंस देने का भी भरोसा दिया है. हालांकि, कुछ कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक उनके अंतिम सेटलमेंट और भुगतान से जुड़ी पूरी जानकारी नहीं मिली है.
क्यों की गई छंटनी ?
भारत में हुई ये छंटनी PayPal की बड़ी ग्लोबल रीस्ट्रक्चरिंग की रणनीति का हिस्सा है. कंपनी के मैनेजमेंट ने इस साल मई में बताया था कि अगले दो से तीन वर्षों के दौरान कंपनी अपनी ग्लोबल वर्कफोर्स में करीब 20% की कमी करने की योजना बना रही है. इस रीस्ट्रक्चरिंग से कंपनी को इस अवधि में कम से कम 1.5 बिलियन डॉलर की सालाना बचत हासिल करने का लक्ष्य है. 2025 के अंत तक PayPal के दुनियाभर में करीब 23,800 कर्मचारी थे, ऐसे में अगर कंपनी अपनी वर्कफोर्स में 20% की कटौती करती है, तो मोटे तौर पर 4,760 लोगों की नौकरियों पर खतरा है.
Uber में भी बड़ी छंटनी की तैयारी
PayPal अकेला नहीं है जो अपनी वर्कफोर्स कम कर रहा है. Uber Technologies करीब 3,300 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है. ये कंपनी के कुल कर्मचारियों का लगभग 10% है. ये कोविड-19 महामारी के बाद Uber की सबसे बड़ी छंटनी होगी.
Uber के CEO दारा खोसरोशाही (Dara Khosrowshahi) ने बुधवार को कर्मचारियों को भेजे एक ईमेल में कहा कि कंपनी मैनेजमेंट की कई पदों (Layers) को कम करेगी. तेजी से कारोबार विस्तार के दौरान कंपनी में जो अतिरिक्त स्तर और जटिलताएं पैदा हो गईं थीं. जिससे फैसले लेने की प्रक्रिया धीमी हो गई है. इसलिए Uber अपने संगठन के ढांचे को ज्यादा सरल और चुस्त बनाने की कोशिश कर रही है.
हालांकि कंपनी ने इन छंटनियों के लिए सीधे तौर पर AI को जिम्मेदार नहीं ठहराया. लेकिन कंपनी AI में तेजी से निवेश कर रही है. Uber ने हाल ही में बताया कि उसके सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में 70% से ज्यादा ‘pull requests’ अब लोकल या क्लाउड बेस्ड AI एजेंट्स से जुड़े हैं. फरवरी से अगस्त 2026 के बीच कंपनी के AI-एजेंट प्रोडक्ट्स के वीकली एक्टिव यूजर्स 7 गुना बढ़े हैं.
इस साल दुनिया की कई टेक कंपनियों में AI को अपनाने और उससे प्रोडक्टिविटी बढ़ाने की होड़ में बड़े पैमाने पर छंटनियां की गईं. Layoffs.fyi के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अब तक करीब 390 कंपनियों में 1.23 लाख से ज्यादा टेक जॉब्स जा चुकी हैं.
भारत के कर्मचारियों पर क्या असर होगा?
Uber की इस ग्लोबल रीस्ट्रक्चरिंग का असर भारत में भी दिखाई दिया है. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया है कि कंपनी के People और Earners organisations से जुड़े करीब 200 कर्मचारियों की नौकरी गई है. कर्मचारियों के मुताबिक, बुधवार को बिना किसी पहले की सूचना के छंटनियों के ईमेल मिलने शुरू हो गए.
भारत में कुल कितने कर्मचारी इस छंटनी से प्रभावित हुए हैं, इसका अभी तो पता नहीं चल पाया है, लेकिन कर्मचारियों को आशंका है कि बुधवार रात और गुरुवार को भी छंटनी से जुड़े और नोटिफिकेशन मिल सकते हैं. Uber ने इस बात को माना है कि इस छंटनी का असर भारत के वर्कफोर्स पर भी पड़ा है, लेकिन कितने कर्मचारी इससे प्रभावित होंगे, ऐसा कोई आंकड़ा नहीं दिया.
