बार-बार जॉब बदलने वालों के साथ एक मुश्किल अक्सर पेश आती है, वो अक्सर अपने PF अकाउंट की डिटेल्स भूल जाते हैं. बहुत से लोग पुरानी कंपनी का PF अकाउंट नए अकाउंट में ट्रांसफर करना भूल जाते हैं. कई बार तो उनके पास एक से ज़्यादा यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) भी बन जाते हैं.
इसका नतीजा ये होता है कि पुराने अकाउंट में जमा पैसा वहीं का वहीं रह जाता है. जिससे कई सालों तक उनका PF अकाउंट निष्क्रिय पड़ा रहता है. अब समझ नहीं आता कि उस पैसे को निकाला कैसे जाए या उसको नए अकाउंट में ट्रांसफर कैसे किया जाए.
ये समस्या इतनी कॉमन है कि इसका सॉल्यूशन बहुत पहले ही निकाल लिया जाना चाहिए था, मगर कोई बात नहीं, देर आए दुरुस्त आए. इस मुश्किल का हल निकालने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने एक नया ई-पोर्टल बनाया है. ये जानकारी खुद श्रम मंत्रालय ने 27 जुलाई 2026 को लोकसभा में एक लिखित जवाब के ज़रिए दी है.
आखिर ये पोर्टल है क्या?
लोकसभा में सांसद वी.के. श्रीकंदन ने सरकार से सवाल पूछा था कि क्या सरकार एक ऐसा ई-पोर्टल लाने पर विचार कर रही है, जिससे लोग अपने पुराने और निष्क्रिय पड़े PF अकाउंट (Inactive PF Account) को ढूंढ सकें, उन्हें अपने मौजूदा UAN से जोड़ सकें, और दोबारा एक्टिव कर सकें.
इसके जवाब में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि EPFO ने पहले ही एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कर लिया है, जिसकी मदद से EPFO मेंबर अपने निष्क्रिय पड़े पुराने PF अकाउंट को सुरक्षित तरीके से ढूंढ सकते हैं.
उन्होंने लिखित जवाब में बताया कि मेंबर आधार के ज़रिए खुद को वेरिफाई करके अपने पुराने PF अकाउंट तक पहुंच सकते हैं, फिर या तो उस बैलेंस को अपने मौजूदा एक्टिव UAN में ट्रांसफर करा सकते हैं, या उसे सेटल यानी निकाल सकते हैं.
ALSO READ-
ये पोर्टल काम कैसे करता है?
हालांकि इस पोर्टल का कोई डायरेक्ट लिंक अभी तक सरकार की ओर से नहीं दिया गया है. लेकिन ये काम कैसे करेगा, पूरी प्रक्रिया को तीन आसान चरणों में समझा जा सकता है.
पहला: आधार से पहचान वेरिफाई करें
पोर्टल पर सदस्य को अपने आधार के ज़रिए खुद को वेरिफाई करना होता है, ताकि ये पक्का हो सके कि पुराना अकाउंट सच में उसी व्यक्ति का है.
दूसरा: पुराना अकाउंट खोजें
वेरिफिकेशन के बाद योग्य सदस्य अपने नाम से जुड़े पुराने, निष्क्रिय PF अकाउंट को पहचान सकते हैं.
तीसरा: ट्रांसफर या सेटलमेंट चुनें
इसके बाद सदस्य के पास दो विकल्प होते हैं. या तो उस पुराने अकाउंट का पूरा बैलेंस अपने मौजूदा एक्टिव UAN में ट्रांसफर करा लें, या उसे सीधे सेटल यानी क्लेम करके निकाल लें.
सरकार का मानना है कि इस डिजिटल तरीके से सदस्यों के लिए पुराने PF बैलेंस को मौजूदा अकाउंट से जोड़ना कहीं ज़्यादा आसान हो जाएगा, और उन्हें लंबी-चौड़ी ऑफलाइन प्रक्रिया से नहीं गुज़रना पड़ेगा. यानी बार-बार EPFO ऑफिस के चक्कर काटने और ढेर सारे कागज़ात जमा करने की झंझट खत्म होगी.
सरकार का कहना है कि इस पोर्टल के लिए पुराने, निष्क्रिय पड़े PF अकाउंट का निपटारा अब कहीं ज़्यादा तेज़ी से हो सकेगा. मैनुअल दखल कम होगा. आपके लिए इसका मतलब क्या है.
UAN, PF डिटेल्स याद नहीं तो क्या होगा?
इस पोर्टल का फायदा आप कैसे उठाएंगे अगर आपको पुरानी डिटेल याद ही नहीं. यही सवाल सांसद श्रीकंदन ने भी पूछा. उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या सरकार इस पोर्टल का दायरा उन सदस्यों तक भी बढ़ाने पर विचार कर रही है, जिन्हें अपना पुराना अकाउंट नंबर या पहचान से जुड़ी जानकारी याद ही नहीं है या जिनके पास वह उपलब्ध नहीं है.
इस पर मंत्री का जवाब साफ और सीधा था, “जो सदस्य अपने पुराने अकाउंट की जानकारी याद नहीं रख पाए, उन्हें कवर करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है. मतलब, अभी के लिए यह पोर्टल उन्हीं सदस्यों के लिए फायदेमंद है, जिनके पास अपने पुराने PF अकाउंट से जुड़ी कम से कम बुनियादी जानकारी हो, जैसे कि पुराना UAN, मेंबर ID, या कंपनी का नाम मौजूद है. जिन्हें इन सबमें से कुछ भी पता नहीं है, उनके लिए सरकार ने फिलहाल कोई अलग व्यवस्था करने की योजना नहीं बताई है.
अगर आपने भी करियर में कई बार नौकरी बदली है, और आपको लगता है कि कहीं आपका कोई पुराना PF अकाउंट अब भी निष्क्रिय पड़ा है, तो यह पोर्टल आपके लिए काम की चीज़ साबित हो सकता है. बस शर्त इतनी है कि आपके पास अपने पुराने अकाउंट से जुड़ी कम से कम कुछ बुनियादी जानकारी होनी चाहिए, ताकि आधार वेरिफिकेशन के बाद पोर्टल आपके पुराने अकाउंट को सही तरीके से पहचान सके.
ALSO READ-

